रामपुर। यतीमखाना प्रकरण में एफआईआर लेखक ने कोर्ट में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। जहां पर आजम खां के अधिवक्ता की ओर से उनसे जिरह की गई। उनकी गवाही पूरी हो गई है। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 12 अक्तूबर तय की है।
2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी तक के आरोप लगे। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है। इस मामले में शहर कोतवाली में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मुकदमे की सुनवाई हुई जहां पर वर्तमान में थाना खजुरिया में तैनात हेड कांस्टेबल विकास सिंह ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।
वहीं दूसरी ओर से भड़काऊ भाषण देने के मामले में थाना शहजादनगर में दर्ज आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमे में बृहस्पतिवार को गवाह के न पहुंचने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले मे अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।