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स्कूल खुले तो खुशी से चहके बच्चे
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रामपुर में मंगलवार को स्कूल जाती छात्राएं। संवाद
- फोटो : RAMPUR
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दढ़ियाल/शाहबाद/रामपुर। कोरोना संक्रमण के कारण करीब सवा सौ दिन बाद कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की कक्षाएं लगीं तो बच्चे स्कूल पहुंचने पा खुशी से चहक उठे। बच्चों के स्कूल पहुंचने से स्कूलों में फिर से रौनक लौट आई। बच्चे मास्क लगाकर पहुंचे और कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया। पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम ही रही।
कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद शासन ने सभी स्कूल कॉलेज 10 अप्रैल से बंद कर दिए थे। कोरोना का खतरा कुछ कम होने के बाद शासन ने कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों की कक्षाएं 16 अगस्त से शुरू कर दी थीं। 23 अगस्त से कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की कक्षाएं लगाने का निर्णय लिया था। 23 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर हुए सार्वजनिक अवकाश के कारण 24 अगस्त मंगलवार से कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की कक्षाएं शुरू कराई गईं। शासन का निर्देश आने के बाद सभी स्कूलों में तैयारियां शुरू हो गई थी। निजी स्कूलों के साथ परिषदीय स्कूलों में भी कक्षाओं में साफ सफाई व सैनिटाइजेशन का काम भी मुकम्मल कर लिया गया था। निजी स्कूलों के बच्चों को स्कूल लाने के लिए बसों को भी सैनिटाइज किया गया। बच्चे स्कूल पहुंचे तो प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग हुई और कक्षाओं में सोशल डिस्टेंस का पालन कराया गया। कोरोना काल के बाद मंगलवार को जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो उनका शिक्षकों, कर्मचारियों ने स्वागत किया। जितनी खुशी बच्चों को स्कूल पहुंचने की थी उतनी ही खुशी शिक्षकों को थी। निजी स्कूलों में पहले दिन अनेक स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी पहुंचे। बसों में चढ़ने से पहले बच्चों के हाथों को सैनिटाइज कराया गया। शाहबाद, बिलासपुर, टांडा, स्वार आदि में भी कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
परिषदीय स्कूलों में बना एमडीएम
रामपुर। मंगलवार को शुरू हुई कक्षाओं में बच्चों को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने हुए 50 फीसदी बच्चों को बुलाया गया था। निजी स्कूलों में इसी मानक का ध्यान रखकर बच्चों को स्कूल बुलाया गया। निजी स्कूलों में जहां छात्र संख्या मानक से अधिक थी, उन्हें दो पालियों में शिक्षण कराया गया। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पहले दिन से ही एमडीएम बनवाने के निर्देश दिए गए थे। अधिकांश परिषदीय स्कूलों में एमडीएम बनवाया गया। बच्चों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बैठाया गया था। बीएसए कल्पना सिंह ने बताया कि पहले दिन अधिकांश स्कूलों में एमडीएम का वितरण कराया गया है। अगर कहीं से एमडीएम न बनने की कोई सूचना मिलती है तो संबधित के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद शासन ने सभी स्कूल कॉलेज 10 अप्रैल से बंद कर दिए थे। कोरोना का खतरा कुछ कम होने के बाद शासन ने कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों की कक्षाएं 16 अगस्त से शुरू कर दी थीं। 23 अगस्त से कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की कक्षाएं लगाने का निर्णय लिया था। 23 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर हुए सार्वजनिक अवकाश के कारण 24 अगस्त मंगलवार से कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की कक्षाएं शुरू कराई गईं। शासन का निर्देश आने के बाद सभी स्कूलों में तैयारियां शुरू हो गई थी। निजी स्कूलों के साथ परिषदीय स्कूलों में भी कक्षाओं में साफ सफाई व सैनिटाइजेशन का काम भी मुकम्मल कर लिया गया था। निजी स्कूलों के बच्चों को स्कूल लाने के लिए बसों को भी सैनिटाइज किया गया। बच्चे स्कूल पहुंचे तो प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग हुई और कक्षाओं में सोशल डिस्टेंस का पालन कराया गया। कोरोना काल के बाद मंगलवार को जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो उनका शिक्षकों, कर्मचारियों ने स्वागत किया। जितनी खुशी बच्चों को स्कूल पहुंचने की थी उतनी ही खुशी शिक्षकों को थी। निजी स्कूलों में पहले दिन अनेक स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी पहुंचे। बसों में चढ़ने से पहले बच्चों के हाथों को सैनिटाइज कराया गया। शाहबाद, बिलासपुर, टांडा, स्वार आदि में भी कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
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परिषदीय स्कूलों में बना एमडीएम
रामपुर। मंगलवार को शुरू हुई कक्षाओं में बच्चों को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने हुए 50 फीसदी बच्चों को बुलाया गया था। निजी स्कूलों में इसी मानक का ध्यान रखकर बच्चों को स्कूल बुलाया गया। निजी स्कूलों में जहां छात्र संख्या मानक से अधिक थी, उन्हें दो पालियों में शिक्षण कराया गया। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पहले दिन से ही एमडीएम बनवाने के निर्देश दिए गए थे। अधिकांश परिषदीय स्कूलों में एमडीएम बनवाया गया। बच्चों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बैठाया गया था। बीएसए कल्पना सिंह ने बताया कि पहले दिन अधिकांश स्कूलों में एमडीएम का वितरण कराया गया है। अगर कहीं से एमडीएम न बनने की कोई सूचना मिलती है तो संबधित के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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