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Rampur News: जागो पालिका...कब तक नाले बनते रहेंगे काल, माताएं खोती रहेंगी लाल...

Thu, 20 Aug 2026 01:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Thu, 20 Aug 2026 01:24 AM IST
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Wake up municipality...how long will drains continue to become death traps, mothers will continue to lose their sons...
रामपुर। जागो पालिका...। आखिर कब तक नाले काल बनते रहेंगे और माताएं इसी तरह अपने लाल को खोती रहेंगी। यह सवाल आज शहर का हर शख्स जिम्मेदारों से पूछ रहा है। नालों की सफाई का जिम्मा पालिका का होने के बावजूद भी सिर्फ इतिश्री कर ली गई, जिसका परिणाम यह है कि एक के बाद एक तेज बारिश में नौनिहाल जान गंवा रहे हैं। बारिश होने पर यह नाले उफान पर आ जाते हैं और इनका बहाव इतना तेज होता है कि पल भर में इन्सान बह जाता है।
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रामपुर में मौजूदा समय में 84 नाले हैं। इनमें भी खासतौर पर दो बड़े नाले जिनमें मोरी गेट पर गांधी समाधि के पास और दूसरा अजीतपुर में यह दोनों ही चीनी मिल से जाकर मिलते हैं। इन दो बड़े नालों से पानी निकासी होती है, इसके अलावा एक अन्य बिलासपुर गेट पर जो चीनी मिल से होकर निकलता है। शहर के तीन बड़े नाले हैं, जिससे बारिश होने पर यहां से पानी की निकासी होती है।
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शहर के मुख्य नाले होने के बावजूद इनको किसी भी तरह से कवर नहीं किया गया है। यह नाले पूरी तरह से खुले हुए हैं। जब बारिश होती है तो सतह तल तक जलभराव हो जाता है। इसमें सड़कें तो लबालब होती ही है, साथ ही नाले भी उफान पर आ जाते हैं। शहर के अंदर नालों का हाल यह है कि कचरा भरा पड़ा है और कई जगहों पर कचरा फंसा पड़ा है।
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यह नाले पूरी तरह से कवर नहीं किए गए हैं। जगह-जगह पर इनको खुला छोड़ा गया है, जिससे तेज बारिश में घटनाएं हो रही हैं। आबादी के बीच इन नालों की साफ-सफाई का जिम्मा नगर पालिका का है। इस बार मानसून से पहले नालों की जो साफ-सफाई हुई वह किसी के गले नहीं उतर रही।
अधिकारियों का कहना है कि पालिका ने स्वयं के संसाधनों से मानसून में सफाई कराई, लेकिन जब बारिश होती है तो सभी तैयारियां धरी की धरी रह जाती है। शहर के कुछ इलाकों की बात करें तो तोपखाना, लाल कवर, मछली बाजार, कोलकाता, घेर सरबदाल, घेर सैफुद्दीन, जेल रोड, बरेली गेट, मिस्टनगंज, राजद्वारा, शाहबाद गेट समेत कई इलाकों में यह स्थिति बारिश में देखने को मिलती है।
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काफी खतरनाक है अजीतपुर का नाला



रामपुर। शहर में अजीतपुर का नाला बारिश होने पर काफी खतरनाक स्थिति में आ जाता है। एक तरफ आगापुर, ज्वाला नगर, शौकत अली तक का पानी यहां पर बहता है। उस पर पूरे अजीतपुर में पानी निकासी की जगह नहीं है, जिससे यहां पर हर मौसम में नालियां और नाले लबालब ही रहते हैं।
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दो बच्चों की मौत के बाद भी नहीं चेत रही पालिका
रामपुर। नगर पालिका दो बच्चों की मौत के बाद भी नहीं चेत रही। नई बस्ती के आठ वर्षीय अब्दुल करीम की मौत के बाद भी पालिका ने कोई कार्रवाई नहीं लिया और सफाई नहीं कराई। जिसका नतीजा यह रहा कि अब दूसरी मौत भी हो गई।

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क्या हैं साफ-सफाई के संसाधन-



पालिका पर कितने सफाई कर्मी:--



220 नियमित-संविदा



आउटसोर्स-500



संसाधन-



ट्रैक्टर-ट्रॉली 10



जेसीबी 6



पोकलैंड मशीन 1



छोटे हाथी 40



टैंकर 2



स्वीपिंग मशीन 2



कचरा गाड़ी 10



इलेक्ट्रिक ई-रिक्शा 10



वर्जन



जो भी शहर के प्रमुख नाले हैं, उन पर स्लैब डाला जा चुका है। सफाई के लिए कई बार खोला जाता है और सफाई कर दोबारा से कर्मी ढक देते हैं। इस मामले को दिखवाया जाएगा। पालिका का यह ध्येय रहता है कि बाशिंदों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो सके। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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