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हिंदी दिवस पर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएं
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रामपुर। हिंदी दिवस के अवसर पर मंगलवार को रजा लाइब्रेरी में प्रदर्शनी की शुरुआत की गई। इसके साथ ही सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में भी हिंदी पखवाड़े के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ डीआईजी ग्रुप केंद्र सुशील कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान हिंदी टिप्पण, आलेखन, टंकण, हिंदी कार्यशाला, वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जवानों व कार्मिकों को पुरस्कृत भी किया गया। इस दौरान डीआईजी ग्रुप केंद्र सुशील कुमार मिश्रा ने जवानों को हिंदी भाषा के महत्व के बारे में बताते हुए हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने आह्वान किया।
कहा कि हिंदी भाषा का ज्ञान अधिक से अधिक बांटना चाहिए। साथ ही राजभाषा संदेश व प्रतिज्ञा भी हुई। इस अवसर पर डीआईजी केंद्रीय हथियार भंडार-प्रथम राजीव शर्मा, डीके सिंह, मनु तिवारी, देवराज सिंह, भुवन चंद्र उप्रेती, एनपी जोशी, शमीम अख्तर आदि मौजूद रहे।
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उधर, रजा लाइब्रेरी में 28 सितंबर तक हिंदी दिवस के अवसर पर दुर्लभ पांडुलिपियों एवं मुद्रित पुस्तकों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन राजकीय रजा डिग्री कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी विभाग डॉ. अरुण कुमार व रजा लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन डॉ. अबुसाद इस्लाही ने किया।
इस अवसर पर डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्रदान किया गया। हिंदी एक सरल और समृद्ध भाषा है, जो कि पूरे भारत में बोली और समझी जाती है।
डॉ. अबुसाद इस्लाही ने कहा कि हिंदी दिवस मनाया जाना बहुत जरूरी है। विदेशों से आने वाले लोग यहां अपनी भाषा ही बोलते है लेकिन हमें भी अपनी हिंदी भाषा पर गर्व करना चाहिए और इसका ज्यादा-ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। प्रदर्शनी में पदमावत, संगीत दर्पण, आर्ष रामायण, श्रीमदभागवत महापुराण (दशम स्कंद), श्रीमद्भगवत महापुराण (एकादश स्कंद), अंगदर्पण, नादिराते शाही, हिंदी में अनुवादित कुरान मजीद, चारों वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद), साखी, सबद रमैनी इत्यादि पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया।
रजा लाइब्रेरी में निदेशक तैनाती की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने भेजा जवाबी पत्र
रामपुर। रजा लाइब्रेरी निदेशक के रिक्त पद पर तैनाती के लिए पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाबी पत्र भेजकर इस संबंध में संबंधित अधिकारी को अवगत कराने की जानकारी दी है।
नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री किशन रेड्डी ने पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां द्वारा पूर्व में रजा लाइब्रेरी निदेशक के रिक्त पद पर तैनाती की मांग पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने पत्र भेजकर अवगत कराया है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और आवश्यक कार्रवाई के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारी को उनका पत्र प्रेषित कर दिया है।
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सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ डीआईजी ग्रुप केंद्र सुशील कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान हिंदी टिप्पण, आलेखन, टंकण, हिंदी कार्यशाला, वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जवानों व कार्मिकों को पुरस्कृत भी किया गया। इस दौरान डीआईजी ग्रुप केंद्र सुशील कुमार मिश्रा ने जवानों को हिंदी भाषा के महत्व के बारे में बताते हुए हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने आह्वान किया।
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कहा कि हिंदी भाषा का ज्ञान अधिक से अधिक बांटना चाहिए। साथ ही राजभाषा संदेश व प्रतिज्ञा भी हुई। इस अवसर पर डीआईजी केंद्रीय हथियार भंडार-प्रथम राजीव शर्मा, डीके सिंह, मनु तिवारी, देवराज सिंह, भुवन चंद्र उप्रेती, एनपी जोशी, शमीम अख्तर आदि मौजूद रहे।
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उधर, रजा लाइब्रेरी में 28 सितंबर तक हिंदी दिवस के अवसर पर दुर्लभ पांडुलिपियों एवं मुद्रित पुस्तकों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन राजकीय रजा डिग्री कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी विभाग डॉ. अरुण कुमार व रजा लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन डॉ. अबुसाद इस्लाही ने किया।
इस अवसर पर डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्रदान किया गया। हिंदी एक सरल और समृद्ध भाषा है, जो कि पूरे भारत में बोली और समझी जाती है।
डॉ. अबुसाद इस्लाही ने कहा कि हिंदी दिवस मनाया जाना बहुत जरूरी है। विदेशों से आने वाले लोग यहां अपनी भाषा ही बोलते है लेकिन हमें भी अपनी हिंदी भाषा पर गर्व करना चाहिए और इसका ज्यादा-ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। प्रदर्शनी में पदमावत, संगीत दर्पण, आर्ष रामायण, श्रीमदभागवत महापुराण (दशम स्कंद), श्रीमद्भगवत महापुराण (एकादश स्कंद), अंगदर्पण, नादिराते शाही, हिंदी में अनुवादित कुरान मजीद, चारों वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद), साखी, सबद रमैनी इत्यादि पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया।
रजा लाइब्रेरी में निदेशक तैनाती की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने भेजा जवाबी पत्र
रामपुर। रजा लाइब्रेरी निदेशक के रिक्त पद पर तैनाती के लिए पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाबी पत्र भेजकर इस संबंध में संबंधित अधिकारी को अवगत कराने की जानकारी दी है।
नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री किशन रेड्डी ने पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां द्वारा पूर्व में रजा लाइब्रेरी निदेशक के रिक्त पद पर तैनाती की मांग पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने पत्र भेजकर अवगत कराया है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और आवश्यक कार्रवाई के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारी को उनका पत्र प्रेषित कर दिया है।