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कुपोषित बच्चों को पात्रता के आधार पर मिलेगी पक्की छत
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रामपुर। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पोषण पखवाड़ा के तहत चल रही गतिविधियों का केंद्रों पर जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों के घरों पर पक्की छत नहीं है, तो उन्हें पात्रता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाया जाएगा, जिससे उनके घर बन सकें।
पोषण पखवाड़ा के तहत जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार ने स्वार के नगर पंचायत नरपतनगर स्थित आंगनबाडी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। उसी दौरान उन्होंने यह बात कही। वे कुपोषित बच्चों के घर भी गए, जहां उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से बात की।
उन्होंने केंद्र पर कुछ बच्चों का वजन और ऊंचाई की माप कराई तथा समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वह 0 से 6 वर्ष के समस्त बच्चों का वजन एवं ऊंचाई व लंबाई लेकर पोषण ट्रैकर ऐप पर फीड करें तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। उन्होंने कहा कि गंभीर अति कुपोषित श्रेणी के अंतर्गत चिह्नित बच्चों को जिला प्रशासन की अभिनव पहल मिशन मुस्कान के तहत आच्छादित कराया गया है और उन्हें पोषण किट प्रदान करके स्वास्थ्यवर्धक आहार दिलाया जा रहा है। गृह भ्रमण कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा नरपतनगर में तीन गंभीर अति कुपोषित बच्चों के घर पहुंचकर पोषण किट के सेवन के उपरांत स्वास्थ्य में सुधार के बारे में परिजनों से बातचीत की। जिला कार्यक्रम अधिकारी से इन बच्चों की माताओं ने बताया कि जब से पोषण किट उनके बच्चों को आंगनबाड़ी के माध्यम से प्राप्त हुआ है, तब से उनके बच्चों के पोषण स्तर में काफी सुधार हुआ है। उनके बच्चे के वजन में पिछले दो माह में 2.5 से तीन किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा नगर पंचायत की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को यह भी निर्देश दिए गए कि यदि किसी अति कुपोषित/कुपोषित बच्चे के परिवार के पास पक्का मकान नहीं है, तो वह ऐसे परिवारों की सूची बनाकर बाल विकास परियोजना अधिकारी स्वार को उपलब्ध करा दें और यदि वह परिवार निर्धारित पात्रता की श्रेणी में आयेगा, तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने में आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी स्वार जितेंद्र जायसवाल भी उपस्थित रहे।
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पोषण पखवाड़ा के तहत जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार ने स्वार के नगर पंचायत नरपतनगर स्थित आंगनबाडी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। उसी दौरान उन्होंने यह बात कही। वे कुपोषित बच्चों के घर भी गए, जहां उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से बात की।
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उन्होंने केंद्र पर कुछ बच्चों का वजन और ऊंचाई की माप कराई तथा समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वह 0 से 6 वर्ष के समस्त बच्चों का वजन एवं ऊंचाई व लंबाई लेकर पोषण ट्रैकर ऐप पर फीड करें तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। उन्होंने कहा कि गंभीर अति कुपोषित श्रेणी के अंतर्गत चिह्नित बच्चों को जिला प्रशासन की अभिनव पहल मिशन मुस्कान के तहत आच्छादित कराया गया है और उन्हें पोषण किट प्रदान करके स्वास्थ्यवर्धक आहार दिलाया जा रहा है। गृह भ्रमण कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा नरपतनगर में तीन गंभीर अति कुपोषित बच्चों के घर पहुंचकर पोषण किट के सेवन के उपरांत स्वास्थ्य में सुधार के बारे में परिजनों से बातचीत की। जिला कार्यक्रम अधिकारी से इन बच्चों की माताओं ने बताया कि जब से पोषण किट उनके बच्चों को आंगनबाड़ी के माध्यम से प्राप्त हुआ है, तब से उनके बच्चों के पोषण स्तर में काफी सुधार हुआ है। उनके बच्चे के वजन में पिछले दो माह में 2.5 से तीन किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा नगर पंचायत की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को यह भी निर्देश दिए गए कि यदि किसी अति कुपोषित/कुपोषित बच्चे के परिवार के पास पक्का मकान नहीं है, तो वह ऐसे परिवारों की सूची बनाकर बाल विकास परियोजना अधिकारी स्वार को उपलब्ध करा दें और यदि वह परिवार निर्धारित पात्रता की श्रेणी में आयेगा, तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने में आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी स्वार जितेंद्र जायसवाल भी उपस्थित रहे।
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