{"_id":"635824488876e420347d4218","slug":"the-doors-of-the-temples-remained-closed-on-the-solar-eclipse-rampur-news-mbd445358076","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूर्य ग्रहण पर बंद रहे मंदिरों के कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूर्य ग्रहण पर बंद रहे मंदिरों के कपाट
विज्ञापन
सूर्य ग्रहण पर बंद रहे मंदिरों के कपाट
रामपुर। साल का आखिरी सूर्यग्रहण मंगलवार को लगा। पश्चिमी यूपी में ग्रहण शाम 4:25 बजे से शुरू हुआ और फिर 5:47 पर समाप्त हुआ। सूर्य ग्रहण पर लगने वाले सूतक की वजह से सुबह से ही मंदिरों के कपाट बंद रहे। सूर्य ग्रहण का नजारा देखने के लिए कुछ लोग आर्यभट्ट नक्षत्रशाला पहुंचे, लेकिन वहां टेलीस्कोप और अन्य सुविधाएं न होने की वजह से लोगों को निराश लौटना पड़ा।
पंडित विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा ने बताया कि 27 साल के बाद ऐसा अवसर आया है जब दिवाली के साथ सूर्य ग्रहण की स्थिति बनी है। ऐसी स्थिति इससे पहले 1995 में बनी थी, जब दिवाली के दिन ही सूर्य ग्रहण लगा। उन्होंने बताया कि इसके 15 दिन के बाद चंद्र ग्रहण की स्थिति बनेगी। सूर्य ग्रहण पर लगने वाले सूतक लेकर मंदिरों के कपाट सुबह से ही बंद रहे। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए और पूजा अर्चना की गई। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद लोगों ने स्नान कर दान पुण्य किया।
सूर्य ग्रहण के मौके पर खगोलीय घटना को देखने के लिए कुछ लोग आर्यभट्ट नक्षत्रशाला पहुंचे। आर्यभट्ट नक्षत्रशाला मुरादाबाद मंडल की एकमात्र नक्षत्रशाला है। यहां टेलीस्कोप और आवश्यक सुविधाएं न होने की वजह से लोग सूर्य ग्रहण का नजारा नहीं देख पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। साल का आखिरी सूर्यग्रहण मंगलवार को लगा। पश्चिमी यूपी में ग्रहण शाम 4:25 बजे से शुरू हुआ और फिर 5:47 पर समाप्त हुआ। सूर्य ग्रहण पर लगने वाले सूतक की वजह से सुबह से ही मंदिरों के कपाट बंद रहे। सूर्य ग्रहण का नजारा देखने के लिए कुछ लोग आर्यभट्ट नक्षत्रशाला पहुंचे, लेकिन वहां टेलीस्कोप और अन्य सुविधाएं न होने की वजह से लोगों को निराश लौटना पड़ा।
पंडित विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा ने बताया कि 27 साल के बाद ऐसा अवसर आया है जब दिवाली के साथ सूर्य ग्रहण की स्थिति बनी है। ऐसी स्थिति इससे पहले 1995 में बनी थी, जब दिवाली के दिन ही सूर्य ग्रहण लगा। उन्होंने बताया कि इसके 15 दिन के बाद चंद्र ग्रहण की स्थिति बनेगी। सूर्य ग्रहण पर लगने वाले सूतक लेकर मंदिरों के कपाट सुबह से ही बंद रहे। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए और पूजा अर्चना की गई। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद लोगों ने स्नान कर दान पुण्य किया।
विज्ञापन
सूर्य ग्रहण के मौके पर खगोलीय घटना को देखने के लिए कुछ लोग आर्यभट्ट नक्षत्रशाला पहुंचे। आर्यभट्ट नक्षत्रशाला मुरादाबाद मंडल की एकमात्र नक्षत्रशाला है। यहां टेलीस्कोप और आवश्यक सुविधाएं न होने की वजह से लोग सूर्य ग्रहण का नजारा नहीं देख पाए।
विज्ञापन