{"_id":"58a89cf74f1c1b921ad85c65","slug":"taxi-stand-became-animal-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशु चिकित्सालय को बना दिया ‘टैक्सी स्टैंड’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशु चिकित्सालय को बना दिया ‘टैक्सी स्टैंड’
अमर उजाला ब्यूरो/ टांडा/रामपुर
Updated Sun, 19 Feb 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
टांडा में पशु चिकित्सालय परिसर में खड़े वाहन। अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पशु चिकित्सालय के परिसर पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमा लिया है। परिसर पर वाहन खड़े कर देते हैं। विरोध करने पर चिकित्सालय के स्टाफ के साथ गाली-गलौज और मारपीट के लिए उतारू हो जाते हैं। इस बाबत तमाम शिकायतें पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से की गई लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया।
नगर स्थित कोतवाली के सामने पशु चिकित्सालय है। करीब ढाई साल से यहां पर पशु चिकित्सक की तैनाती नहीं है। अस्पताल की जिम्मेदारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पास है। इसके चलते वैन चालकों ने अस्पताल के परिसर में वाहनों की पार्किंग करनी शुरू कर दी। स्टाफ के विरोध करने पर उनको धमकाया जाता है। यहां तक कि वैन चालक मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं।
विज्ञापन
बताते हैं कि एक साल पहले वैन चालकों ने अस्पताल का गेट और दीवार गिरा दी गई थी। बाद में गेट पर गार्डर लगा दिए गए थे। लेकिन उनको भी हटा दिया गया। इस बाबत कई बार अफसरों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में पशुधन प्रसार अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि खुद कई बार कोतवाली, उपजिलाधिकारी तथा तहसील दिवस पर जिलाधिकारी से लिखित में शिकायत की है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, कोतवाल रोदास सिंह सोलंकी का कहना है कि उनके चार्ज संभालने के बाद से उक्त मामले में कोई शिकायत पत्र नहीं आया है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन