Rampur: डबल मर्डर में छह को आजीवन कारावास की सजा, भोट क्षेत्र में 2010 में हुई थी महिला-पुरुष की हत्या
भोट थाना क्षेत्र के किशनपुर पनचक्की गांव के बाग में 19 मई 2010 को एक कार में बोरे से एक पुरुष और एक महिला का शव बरामद हुआ था। उनकी शिनाख्त रामपुर के रजा टेक्सटाइल कॉलोनी निवासी कुशलपाल सिंह (28) और ज्वालानगर के रफत कॉलोनी निवासी मंजू (30) के रूप में हुई थी।
विस्तार
डबल मर्डर में कोर्ट ने छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 2.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जुर्माने की एक चौथाई धनराशि मृतक कुशलपाल सिंह और मंजू के वारिसों को दी जाए।
मामला भोट थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 19 मई 2010 को भोट थाना क्षेत्र किशनपुर पनचक्की गांव के बाग में एक कार में बोरे से एक पुरुष और एक महिला का शव बरामद हुआ था। उनकी शिनाख्त रामपुर के रजा टेक्सटाइल कॉलोनी निवासी कुशलपाल सिंह (28) और ज्वालानगर के रफत कॉलोनी निवासी मंजू (30) के रूप में हुई थी। घटना की रिपोर्ट भोट थाना के तत्कालीन प्रभारी मोहन लाल ने अज्ञात में दर्ज कराई थी।
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कोठी खासबाग निवासी राजकिशोर उर्फ दूरिया, पटवाई के चिकटी रामनगर निवासी महीपाल मास्टर, मंसूरपुर निवासी फारूख, अनवर उर्फ एहसान, शाकिर और हाथीखाना निवासी तरनजीत उर्फ मनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना में टांडा थाना क्षेत्र के लामा खेड़ा गांव निवासी टीकाराम दिवाकर का नाम भी मुकदमे में शामिल कर लिया था। हत्याकांड की वजह पुरानी रंजिश बताई गई थी।
पुलिस ने विवेचना करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे तृतीय विजय कुमार (द्वितीय) की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने वादी मुकदमा सहित कई गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और पत्रावली पर अभियोजन पक्ष पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सका है। लिहाजा आरोपियों को बरी किया जाए।
मंगलवार को साबित हुए थे दोषी
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मंगलवार को छह आरोपियों को दोषी करार दिया था। बुधवार को छह आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास और जुर्माना लगाने की सजा सुनाई। सभी छह आरोपियों को मिलाकर जुर्माने की धनराशि 2.40 लाख रुपये है। अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में टीकाराम दिवाकर को दोष मुक्त कर दिया है।
दम घुटने से हुई थी दोनों की मौत
कोर्ट में दाखिल की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टर की राय के मुताबिक कुशलपाल और मंजू की मौत शव मिलने के दो से तीन दिन पहले की गई थी। दोनों के बाह्य और आंतरिक अंगों पर चोट के निशान थे। डॉक्टर की राय के मुताबिक दोनों की मौत दम घुटने से हुई थी।
हत्याकांड के मास्टर माइंड थे राजकिशोर और महीपाल
दोहरे हत्याकांड के मास्टर माइंड राजकिशोर और महीपाल थे। पुलिस की विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आए थे कि 30 मई 2010 को अभियुक्त राजकिशोर और महीपाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो पूरे प्रकरण की परत दर परत खुलती चली गई।
इनको मिली उम्र कैद की सजा
1-राज किशोर उर्फ दुरिया, निवासी थाना सिविल लाइंस कोठी खासबाग, रामपुर।
2-महीपाल मास्टर, निवासी थाना पटवाई ग्राम चिकटी रामनगर, रामपुर।
3-फारूख, निवासी ग्राम मंसूरपुर, थाना सिविल लाइंस, रामपुर
4- अनवर उर्फ एहसान,निवासी ग्राम मंसूरपुर, थाना सिविल लाइंस, रामपुर
5-शाकिरनिवासी ग्राम मंसूरपुर, थाना सिविल लाइंस, रामपुर
6-तरनजीत उर्फ मन्नी, निवासी थाना कोतवाली, हाथीखाना, रामपुर।
दोष मुक्त
टीकाराम दिवाकर, निवासी लामा खेड़ा, थाना टांडा, रामपुर।