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Rampur News: बाइक चोरी के मामले में भी सामने आया था श्याम का नाम
Sat, 20 Jun 2026 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:55 AM IST
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रामपुर/शाहबाद। हापुड़ में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश श्याम का नाम रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से चोरी हुई एक बाइक के मामले में भी सामने आया था। हापुड़ पुलिस उसकी तलाश में रामपुर आई थी और पटवाई क्षेत्र स्थित उसके घर पर भी पहुंची थी। हालांकि रामपुर पुलिस के रिकॉर्ड में उसके खिलाफ फिलहाल कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। उसके एनकाउंटर की सूचना के बाद सूरजपुर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
हापुड़ पुलिस के अनुसार, पटवाई थाना क्षेत्र के सूरजपुर निवासी श्याम का नाम एक जून की रात हापुड़ में एक व्यापारी के चौकीदार को बंधक बनाकर लूटपाट की घटना में सामने आया था। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे गोली लगने के बाद अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार, लूट की वारदात में जिस बाइक का इस्तेमाल किया गया था, वह रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज है। मामले की जांच के सिलसिले में हापुड़ पुलिस दो दिन तक रामपुर में रुकी और श्याम की तलाश भी की, लेकिन वह नहीं मिला। तभी से वह पुलिस के निशाने पर था। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि श्याम के खिलाफ फिलहाल रामपुर में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
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ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं पिता
शाहबाद। शुक्रवार सुबह पटवाई पुलिस श्याम के घर पहुंची और उसके पिता वीरेंद्र प्रताप को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद गांव में सनसनी फैल गई। शुरुआत में उन्होंने शव लेने जाने से इन्कार कर दिया, लेकिन बाद में वह हापुड़ के लिए रवाना हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि वीरेंद्र प्रताप ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और परिवार लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले ही श्याम मुरादाबाद जेल से गांव लौटा था, लेकिन किसी को उसके आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी नहीं थी। संवाद
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15 वर्ष पहले सूरजपुर में आकर बसा था परिवार
शाहबाद। जानकारी के अनुसार, श्याम का परिवार पहले टांडा क्षेत्र के एक गांव में रहता था। वीरेंद्र प्रताप की ससुराल सूरजपुर में होने के कारण वह करीब 15 वर्ष पहले परिवार सहित यहां आकर बस गए थे। संवाद
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हापुड़ पुलिस के अनुसार, पटवाई थाना क्षेत्र के सूरजपुर निवासी श्याम का नाम एक जून की रात हापुड़ में एक व्यापारी के चौकीदार को बंधक बनाकर लूटपाट की घटना में सामने आया था। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे गोली लगने के बाद अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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पुलिस के अनुसार, लूट की वारदात में जिस बाइक का इस्तेमाल किया गया था, वह रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज है। मामले की जांच के सिलसिले में हापुड़ पुलिस दो दिन तक रामपुर में रुकी और श्याम की तलाश भी की, लेकिन वह नहीं मिला। तभी से वह पुलिस के निशाने पर था। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि श्याम के खिलाफ फिलहाल रामपुर में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
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ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं पिता
शाहबाद। शुक्रवार सुबह पटवाई पुलिस श्याम के घर पहुंची और उसके पिता वीरेंद्र प्रताप को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद गांव में सनसनी फैल गई। शुरुआत में उन्होंने शव लेने जाने से इन्कार कर दिया, लेकिन बाद में वह हापुड़ के लिए रवाना हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि वीरेंद्र प्रताप ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और परिवार लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले ही श्याम मुरादाबाद जेल से गांव लौटा था, लेकिन किसी को उसके आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी नहीं थी। संवाद
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15 वर्ष पहले सूरजपुर में आकर बसा था परिवार
शाहबाद। जानकारी के अनुसार, श्याम का परिवार पहले टांडा क्षेत्र के एक गांव में रहता था। वीरेंद्र प्रताप की ससुराल सूरजपुर में होने के कारण वह करीब 15 वर्ष पहले परिवार सहित यहां आकर बस गए थे। संवाद