Russia Ukraine Crisis: तीन मिसाइलों के धमाकों के बीच सहम गया है यूक्रेन में फंसा छात्र संदीप, परिजनों से कही ये बात
सुखविंदर सिंह का कहना है कि उनके पुत्र ने उन्हें बताया कि वह यूक्रेन के एयरपोर्ट से करीब दो हजार किलोमीटर दूर रह रहा है। मगर, युद्ध के चलते यहां के हालात बहुत खराब हैं।
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यूक्रेन की इबानो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे रामपुर के बिलासपुर के एक और छात्र सरदार संदीप सिंह भी अपने पांच अन्य साथियों के साथ फंसा हुआ है। उसने अपने परिजनों को बताया कि उनके क्षेत्र में तीन मिसाइलें आकर गिरीं थीं। तेज धमाकों के बीच सभी दहशत में हैं। डेबिट कार्ड से भुगतान बंद हो गया है। भारत आने के सभी रास्ते बंद हैं। ऐसे में वह कैसे वापस लौटें। वहीं, छात्र के परिजन भी बेहद चिंतित हैं और अपने पुत्र के सही सलामत वापस लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के सीमांत प्रदेश उत्तराखंड की सीमा पर सटी ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा के अनुसार वह रुद्रपुर में इलेक्ट्रिकल का कार्य करते हैं। उनका पुत्र संदीप सिंह यूक्रेन की इबानो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए दाखिला लेने को 13 दिसंबर 2020 को गया था।
17 अप्रैल 2021 को लॉकडाउन लगने की वजह से उनका पुत्र घर आ गया और उनके बीच घर पर रहकर ही उसने ऑनलाइन पढ़ाई की थी और करीब पांच माह रुकने के बाद 13 सितंबर 2021 को फिर यूक्रेन चला गया। वह यूक्रेन के इबानो शहर में ही अपने पांच अन्य भारतीय छात्रों के साथ किराए के फ्लैट में रह रहा है।
'एयरपोर्ट से दो हजार किलोमीटर दूर रह रहा है बेटा'
सुखविंदर सिंह का कहना है कि उनके पुत्र ने उन्हें बताया कि वह यूक्रेन के एयरपोर्ट से करीब दो हजार किलोमीटर दूर रह रहा है। मगर, युद्ध के चलते यहां के हालात बहुत खराब हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार की रात करीब तीन बजे उनकी अपने पुत्र से बात हुई, तो संदीप ने उन्हें बताया कि की रात में भी तीन मिसाइलें उनके क्षेत्र में गिरी हैं।
सभी लोग टेंशन में हैं और दहशत भरा माहौल है, जिसके कारण वह बुरी तरह से भयभीत हैं। बस यहां से बाहर निकलने की हर स्तर पर जुगत कर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यूक्रेन सरकार पूरी तरह से बंदोबस्त करने में लगी है। बिजली और इंटरनेट सेवा बार-बार बाधित हो रही है।
हालांकि, उनके पास करीब 15 दिन के खाने के लिए राशन की व्यवस्था है, मगर राशन की दुकानों पर भारी भीड़ होने की वजह से वह और राशन नहीं ले सके हैं। डेबिट कार्ड से पैमेंट होना बंद हो गया है। हर वस्तु की खरीदारी नगद हो रही है। भारत आने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। उसने पड़ोसी देश पोलैंड के जरिए भारत आने का प्रयास किया, मगर वीजा नहीं लग पा रही है और टिकट बहुत महंगी है।
संदीप ने माता-पिता से कहा किसी प्रकार की चिंता न करें
संदीप ने फोन पर अपने पिता व माता वीरेंद्र को और भाई जसकीरत सिंह से बात की और कहा कि वह किसी प्रकार की चिंता न करें। वह ठीक है और जल्दी ही घर लौट आएगा। पुत्र के घर वापसी न आने पर परिवार के लोग बेहद चिंतित हैं। सुखविंदर सिंह के घर पर कॉलोनी के अलावा उनके संबंधियों का भी आना जाना लगा हुआ है। सभी लोग हाल-चाल मालूम कर रहे हैं और चिंतित परिवार को सांत्वना देने में लगे हैं।