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Rampur News: शाहबाद में आरआरसी बना कूड़े का ढेर
Mon, 26 Jan 2026 02:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 26 Jan 2026 02:13 AM IST
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सेंटर तक जाने वाला रास्ता भी हुआ बंद, हर तरफ गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहबाद। लश्करगंज गांव में लाखों रुपये की परियोजना से निर्मित आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) कूड़ा निस्तारण के उद्देश्य से बनाया गया था लेकिन अब यह स्वयं कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है। हालात यह हैं कि आरआरसी तक जाने वाला रास्ता तक बंद हो गया है। ग्रामीणों ने सेंटर के चारों ओर उपले पाथ दिए हैं और चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह सेंटर बेमतलब साबित हो रहा है।
शाहबाद के लश्करगंज गांव में बनाए गए इस सेंटर का नियमित संचालन आज तक नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि सेंटर बनने के बाद से न तो यहां कूड़ा लाया गया और न ही किसी तरह की छंटाई या निस्तारण की व्यवस्था की गई। कर्मचारियों की तैनाती केवल कागजों तक सीमित है, जबकि रखरखाव पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
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आरआरसी में कभी कूड़ा नहीं पड़ा है। आज तक यह बंद पड़ा हुआ है। नाम का ही आरआरसी है। कोई इधर ध्यान नहीं देता है। -बनवारी लाल, ग्रामीण
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जब से आरआरसी बना है, तब से बंद पड़ा हुआ है। इस सेंटर का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके चारों ओर उपले थापे जा रहे हैं। -बाबूराम, ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहबाद। लश्करगंज गांव में लाखों रुपये की परियोजना से निर्मित आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) कूड़ा निस्तारण के उद्देश्य से बनाया गया था लेकिन अब यह स्वयं कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है। हालात यह हैं कि आरआरसी तक जाने वाला रास्ता तक बंद हो गया है। ग्रामीणों ने सेंटर के चारों ओर उपले पाथ दिए हैं और चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह सेंटर बेमतलब साबित हो रहा है।
शाहबाद के लश्करगंज गांव में बनाए गए इस सेंटर का नियमित संचालन आज तक नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि सेंटर बनने के बाद से न तो यहां कूड़ा लाया गया और न ही किसी तरह की छंटाई या निस्तारण की व्यवस्था की गई। कर्मचारियों की तैनाती केवल कागजों तक सीमित है, जबकि रखरखाव पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
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आरआरसी में कभी कूड़ा नहीं पड़ा है। आज तक यह बंद पड़ा हुआ है। नाम का ही आरआरसी है। कोई इधर ध्यान नहीं देता है। -बनवारी लाल, ग्रामीण
जब से आरआरसी बना है, तब से बंद पड़ा हुआ है। इस सेंटर का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके चारों ओर उपले थापे जा रहे हैं। -बाबूराम, ग्रामीण