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Rampur News: महायोजना-2031 को हरी झंडी, बिलासपुर के 29 गांव आरडीए में शामिल
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रामपुर। शहर और आसपास के इलाकों में अब मनमाने निर्माण पर आरडीए की निगरानी का शिकंजा कसेगा। रामपुर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में महायोजना-2031 को मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही अब बिलासपुर क्षेत्र के 29 गांवों को भी आरडीए के दायरे में लाने पर मुहर लग गई है। महायोजना लागू होते ही नए भवनों के नक्शे आरडीए से पास कराने होंगे।
आरडीए अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त संगीता सिंह ने हरित और नदी तटीय क्षेत्र में नियमों के विपरीत निर्माण पर कार्रवाई की शर्त के आधार पर महायोजना को मंजूरी दे दी है। महायोजना लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में नए भवनों के मानचित्र रामपुर विकास प्राधिकरण से ही स्वीकृत कराने होंगे। इससे बिना मानचित्र और निर्धारित मानकों के विपरीत होने वाले निर्माण पर निगरानी और कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
कमिश्नर संगीता सिंह बृहस्पतिवार को पहली बार रामपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने सबसे पहले रामपुर विकास प्राधिकरण की बोर्ड की बैठक ली। कलक्ट्रेट में हुई इस बैठक में आयुक्त ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई। बैठक में जनपद के नियोजित विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद बोर्ड ने महायोजना-2031 को स्वीकृति प्रदान कर दी। महायोजना-2031 का प्रस्ताव इससे पहले 42वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन बाद में उस पर आपत्ति आई थी, जिसके बाद आरडीए ने इस प्रस्ताव को वापस ले लिया था। शासन के निर्देशों और निर्धारित शर्तों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरडीए ने इसे दोबारा बोर्ड के समक्ष रखा।
विचार-विमर्श के बाद बोर्ड ने महायोजना को मंजूरी दे दी। महायोजना के लागू होने से रामपुर क्षेत्र में भविष्य के विकास की दिशा तय करने, आवासीय एवं अन्य गतिविधियों को व्यवस्थित करने तथा निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही अनियोजित तरीके से होने वाले निर्माण पर भी प्रभावी नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत होगी।
बैठक में बिलासपुर क्षेत्र के 29 गांवों को अधिसूचित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अधिसूचना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन गांवों में भवन निर्माण और विकास संबंधी गतिविधियों पर आरडीए के नियमानुसार निगरानी बढ़ेगी।
नए निर्माण के लिए निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना जरूरी होगा। बोर्ड ने अप्रैल 2026 तक जिला पंचायत की ओर से स्वीकृत भवन मानचित्रों के नियमितीकरण से संबंधित शासनादेश को भी अंगीकृत कर लिया।
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अब आरडीए से पास होगा नया भवन मानचित्र
महायोजना लागू होने के बाद अब जिलेभर के सभी नए भवनों के मानचित्र स्वीकृत करने की जिम्मेदारी रामपुर विकास प्राधिकरण की होगी। यानी संबंधित क्षेत्रों में भवन निर्माण शुरू करने से पहले आरडीए से मानचित्र स्वीकृत कराना होगा। महायोजना और प्रचलित भवन निर्माण नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था से खास तौर पर उन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ने की संभावना है, जहां तेजी से आवासीय और व्यावसायिक निर्माण हो रहा है। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत नक्शा पास करती थी।
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हरित और नदी तटीय क्षेत्र में निर्माण पर रहेगी खास नजर
बैठक में मंडलायुक्त ने हरित क्षेत्र और नदी तटीय क्षेत्र में निर्माण को लेकर शासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अब इन क्षेत्रों में निर्धारित नियमों के विपरीत निर्माण की अनुमति नहीं होगी। बोर्ड ने इन्हीं शर्तों के साथ महायोजना-2031 को स्वीकृति प्रदान की।
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पिछली बैठक के फैसलों की भी हुई समीक्षा
कमिश्नर संगीता सिंह ने पांच मई को हुई पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन और अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से पूर्व में लिए गए फैसलों की प्रगति और अनुपालन की जानकारी ली गई।
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यह रहे मौजूद
बैठक में आरडीए उपाध्यक्ष एवं डीएम अजय कुमार द्विवेदी, सचिव डॉ. नितिन मदान, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन मुरादाबाद जयप्रकाश, जल निगम के अधिशासी अभियंता, ईओ रामपुर तथा नामित प्रतिनिधि डीसीबी के अध्यक्ष मोहन लाल सैनी, भाजपा नेता जागेश्वर दयाल दीक्षित और पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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भविष्य के विकास का खाका तय करेगी महायोजना : डीएम
आरडीए उपाध्यक्ष एवं डीएम अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, महायोजना-2031 के लागू होने के बाद रामपुर क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक और अन्य निर्माण गतिविधियों को निर्धारित नियोजन के अनुसार संचालित करने का आधार मिलेगा। इसका उद्देश्य शहर और उससे जुड़े क्षेत्रों में बेतरतीब निर्माण को नियंत्रित करते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास करना है। महायोजना के प्रावधानों के अनुसार ही नए निर्माणों को स्वीकृति दिए जाने की व्यवस्था रहेगी।
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यह हैं प्रमुख फैसले
बिलासपुर क्षेत्र के 29 गांव होंगे शामिल
नए भवनों के मानचित्र आरडीए से स्वीकृत कराने होंगे
महायोजना के विपरीत निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई होगी
हरित क्षेत्र में निर्माण पर शासन के निर्देश लागू होंगे।
नदी तटीय क्षेत्रों में निर्माण की गतिविधियों पर भी नियमों के अनुसार निगरानी रहेगी
अप्रैल 2026 तक जिला पंचायत से स्वीकृत भवन मानचित्रों के नियमितीकरण संबंधी शासनादेश को बोर्ड ने अंगीकृत किया।
महायोजना-2031 से क्षेत्र में सुनियोजित विकास और निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
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आरडीए अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त संगीता सिंह ने हरित और नदी तटीय क्षेत्र में नियमों के विपरीत निर्माण पर कार्रवाई की शर्त के आधार पर महायोजना को मंजूरी दे दी है। महायोजना लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में नए भवनों के मानचित्र रामपुर विकास प्राधिकरण से ही स्वीकृत कराने होंगे। इससे बिना मानचित्र और निर्धारित मानकों के विपरीत होने वाले निर्माण पर निगरानी और कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
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कमिश्नर संगीता सिंह बृहस्पतिवार को पहली बार रामपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने सबसे पहले रामपुर विकास प्राधिकरण की बोर्ड की बैठक ली। कलक्ट्रेट में हुई इस बैठक में आयुक्त ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई। बैठक में जनपद के नियोजित विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद बोर्ड ने महायोजना-2031 को स्वीकृति प्रदान कर दी। महायोजना-2031 का प्रस्ताव इससे पहले 42वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन बाद में उस पर आपत्ति आई थी, जिसके बाद आरडीए ने इस प्रस्ताव को वापस ले लिया था। शासन के निर्देशों और निर्धारित शर्तों के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरडीए ने इसे दोबारा बोर्ड के समक्ष रखा।
विचार-विमर्श के बाद बोर्ड ने महायोजना को मंजूरी दे दी। महायोजना के लागू होने से रामपुर क्षेत्र में भविष्य के विकास की दिशा तय करने, आवासीय एवं अन्य गतिविधियों को व्यवस्थित करने तथा निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही अनियोजित तरीके से होने वाले निर्माण पर भी प्रभावी नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत होगी।
बैठक में बिलासपुर क्षेत्र के 29 गांवों को अधिसूचित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अधिसूचना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन गांवों में भवन निर्माण और विकास संबंधी गतिविधियों पर आरडीए के नियमानुसार निगरानी बढ़ेगी।
नए निर्माण के लिए निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना जरूरी होगा। बोर्ड ने अप्रैल 2026 तक जिला पंचायत की ओर से स्वीकृत भवन मानचित्रों के नियमितीकरण से संबंधित शासनादेश को भी अंगीकृत कर लिया।
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अब आरडीए से पास होगा नया भवन मानचित्र
महायोजना लागू होने के बाद अब जिलेभर के सभी नए भवनों के मानचित्र स्वीकृत करने की जिम्मेदारी रामपुर विकास प्राधिकरण की होगी। यानी संबंधित क्षेत्रों में भवन निर्माण शुरू करने से पहले आरडीए से मानचित्र स्वीकृत कराना होगा। महायोजना और प्रचलित भवन निर्माण नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था से खास तौर पर उन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ने की संभावना है, जहां तेजी से आवासीय और व्यावसायिक निर्माण हो रहा है। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत नक्शा पास करती थी।
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हरित और नदी तटीय क्षेत्र में निर्माण पर रहेगी खास नजर
बैठक में मंडलायुक्त ने हरित क्षेत्र और नदी तटीय क्षेत्र में निर्माण को लेकर शासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अब इन क्षेत्रों में निर्धारित नियमों के विपरीत निर्माण की अनुमति नहीं होगी। बोर्ड ने इन्हीं शर्तों के साथ महायोजना-2031 को स्वीकृति प्रदान की।
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पिछली बैठक के फैसलों की भी हुई समीक्षा
कमिश्नर संगीता सिंह ने पांच मई को हुई पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन और अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से पूर्व में लिए गए फैसलों की प्रगति और अनुपालन की जानकारी ली गई।
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यह रहे मौजूद
बैठक में आरडीए उपाध्यक्ष एवं डीएम अजय कुमार द्विवेदी, सचिव डॉ. नितिन मदान, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन मुरादाबाद जयप्रकाश, जल निगम के अधिशासी अभियंता, ईओ रामपुर तथा नामित प्रतिनिधि डीसीबी के अध्यक्ष मोहन लाल सैनी, भाजपा नेता जागेश्वर दयाल दीक्षित और पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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भविष्य के विकास का खाका तय करेगी महायोजना : डीएम
आरडीए उपाध्यक्ष एवं डीएम अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, महायोजना-2031 के लागू होने के बाद रामपुर क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक और अन्य निर्माण गतिविधियों को निर्धारित नियोजन के अनुसार संचालित करने का आधार मिलेगा। इसका उद्देश्य शहर और उससे जुड़े क्षेत्रों में बेतरतीब निर्माण को नियंत्रित करते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास करना है। महायोजना के प्रावधानों के अनुसार ही नए निर्माणों को स्वीकृति दिए जाने की व्यवस्था रहेगी।
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यह हैं प्रमुख फैसले
बिलासपुर क्षेत्र के 29 गांव होंगे शामिल
नए भवनों के मानचित्र आरडीए से स्वीकृत कराने होंगे
महायोजना के विपरीत निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई होगी
हरित क्षेत्र में निर्माण पर शासन के निर्देश लागू होंगे।
नदी तटीय क्षेत्रों में निर्माण की गतिविधियों पर भी नियमों के अनुसार निगरानी रहेगी
अप्रैल 2026 तक जिला पंचायत से स्वीकृत भवन मानचित्रों के नियमितीकरण संबंधी शासनादेश को बोर्ड ने अंगीकृत किया।
महायोजना-2031 से क्षेत्र में सुनियोजित विकास और निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।