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किसानों ने तीन घंटे तक हाईवे पर लगाया जाम
अमर उजाला/ ब्यूरोरामपुर
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:58 AM IST
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मंगलवार को बिलासपुर नैनीताल हाईवे स्थित उत्तराखंड बार्डर किनारे किसानों के धरने को संबोधित करते भाकियू जिलाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह पन्नू।
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भाकियू के राष्ट्रीय आह्वान पर पूरे उत्तराखंड बंद के साथ ही यूपी के किसानों ने उत्तराखंड बार्डर पर नैनीताल हाईवे पर जाम कर तीन घंटे तक धरना दिया। गन्ने का भुगतान, खराब फसल का मुआवजा आदि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। हाईवे जाम होने के कारण जाम में फंसे लोग बेहद परेशान रहे। बाद में पुलिस ने हाईवे को खाली कराकर जाम खुलवाया।
भाकियू के राष्ट्रीय आह्वान पर पूूरे उत्तराखंड में रोड जाम कर धरना- प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए यूपी के रामपुर जिलाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह पन्नू के नेतृत्व में तमाम किसान नैनीताल हाईवे स्थित उत्तराखंड बार्डर की रुद्रबिलास चौकी पर पहुंचे। किसानों ने पूर्वाह्न 11बजे हाईवे स्थित वन विभाग की चौकी के सामने हाईवे पर आड़े तिरछे वाहन खड़े करके जाम लगा दिया। कुछ ही देर में हाईवे पर रुद्रपुर व रामपुर से आने वाले वाहन जाम में फंस गए। वाहनों की हाईवे पर लाइनें लगते ही पुलिस ने रामपुर और रुद्रपुर से आने जाने वाले यातायात का रुट डायवर्ट कर दिया। सभी किसान हाईवे किनारे धरना देकर बैठ गए। सूचना पर एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता, तहसीलदार अशोक कुमार, कोतवाली प्रभारी गणेश दत्त जोशी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों को गन्ने और खराब फसल का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। जर्जर बिजली की लाइनों व सड़कों से किसान बेहद परेशान हैं। मगर केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि हाईवे जाम करके परेशान करना उनका मकसद नहीं है, बल्कि केंद्र और प्रदेश की गूंगी सरकार को जगाना है। उन्होंने कहा कि आज किसान कर्ज में डूब रहा है और सरकारें हैं कि किसान के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रही हैं।
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अपराह्न करीब दो बजे जिलाध्यक्ष समेंत सभी किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। एसडीएम ने उनके ज्ञापन को संबंधित तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया। बाद में पुलिस ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे पर जाम को खुलवाया। जाम लगाने वालों में गुरमीत सिंह भट्टी, शिवदेव सिंह, मक्खन सिंह, जगदीश सिंह, अब्दुल हसन पाशा, सुनील मौर्य, शेरचंद्र, महमूद, खड़ग सिंह, सूरत सिंह, पूरन सिंह, गुरवचन सिंह, रंजीत सिंह, अंर्तप्रीत सिंह, बालकिशोर पांडेय, फूल सिंह, हाजी हजूर, अनवार हुसैन, बलविंद्र सिंह, मंजीत सिंह अटवाल, बलवीर यादव आदि मुख्य थे।
भाकियू के राष्ट्रीय आह्वान पर पूूरे उत्तराखंड में रोड जाम कर धरना- प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए यूपी के रामपुर जिलाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह पन्नू के नेतृत्व में तमाम किसान नैनीताल हाईवे स्थित उत्तराखंड बार्डर की रुद्रबिलास चौकी पर पहुंचे। किसानों ने पूर्वाह्न 11बजे हाईवे स्थित वन विभाग की चौकी के सामने हाईवे पर आड़े तिरछे वाहन खड़े करके जाम लगा दिया। कुछ ही देर में हाईवे पर रुद्रपुर व रामपुर से आने वाले वाहन जाम में फंस गए। वाहनों की हाईवे पर लाइनें लगते ही पुलिस ने रामपुर और रुद्रपुर से आने जाने वाले यातायात का रुट डायवर्ट कर दिया। सभी किसान हाईवे किनारे धरना देकर बैठ गए। सूचना पर एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता, तहसीलदार अशोक कुमार, कोतवाली प्रभारी गणेश दत्त जोशी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों को गन्ने और खराब फसल का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। जर्जर बिजली की लाइनों व सड़कों से किसान बेहद परेशान हैं। मगर केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि हाईवे जाम करके परेशान करना उनका मकसद नहीं है, बल्कि केंद्र और प्रदेश की गूंगी सरकार को जगाना है। उन्होंने कहा कि आज किसान कर्ज में डूब रहा है और सरकारें हैं कि किसान के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रही हैं।
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अपराह्न करीब दो बजे जिलाध्यक्ष समेंत सभी किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। एसडीएम ने उनके ज्ञापन को संबंधित तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया। बाद में पुलिस ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे पर जाम को खुलवाया। जाम लगाने वालों में गुरमीत सिंह भट्टी, शिवदेव सिंह, मक्खन सिंह, जगदीश सिंह, अब्दुल हसन पाशा, सुनील मौर्य, शेरचंद्र, महमूद, खड़ग सिंह, सूरत सिंह, पूरन सिंह, गुरवचन सिंह, रंजीत सिंह, अंर्तप्रीत सिंह, बालकिशोर पांडेय, फूल सिंह, हाजी हजूर, अनवार हुसैन, बलविंद्र सिंह, मंजीत सिंह अटवाल, बलवीर यादव आदि मुख्य थे।