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रामपुर: आजम खां के करीबी रिटायर्ड सीओ आले हसन की तीन और मामलों में अग्रिम जमानत खारिज, अब तक 13 बार लग चुका है झटका

Mon, 04 Apr 2022 08:30 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर। Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 04 Apr 2022 08:30 PM IST
सार

रिटायर्ड सीओ आले हसन को कोर्ट से फिर झटका लगा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ अजीमनगर थाने में जमीन कब्जाने के आरोप में दर्ज तीन और मामलों में उनके अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए हैं।

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Retired CO Ale Hasan close to Azam Khan anticipatory bail rejected in three more cases
आले हसन, आजम खां - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सपा नेता आजम खां के करीबी रिटायर्ड सीओ आले हसन को कोर्ट ने फिर झटका दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ अजीमनगर थाने में जमीन कब्जाने के आरोप में दर्ज तीन और मामलों में उनके अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए हैं। इस समय वह जमानत पर बाहर चल रहे हैं। अब तक उनकी 13 मामलों में अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी हैं।

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वर्ष 2019 में आलियागंज के किसानों ने यह आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था कि सपा शासनकाल में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए उनकी जमीनों का जबरन बिना पैसा दिए बैनामा करा लिया था। आरोप था कि तत्कालीन सीओ आलेहसन ने भी किसानों का उत्पीड़न किया और रंजिशन झूठे मुकदमों में फंसाया। पुलिस पर उनके साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों के साथ आलियागंज के किसानों ने अजीमनगर थाने में 27 मुकदमे दर्ज कराए थे। जिसमें सपा नेता आजम खां, आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा, विधायक अब्दुल्ला आजम और रिटायर्ड सीओ आले हसन सहित कई लोगों को नामजद किया गया था।
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पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। रिटायर्ड सीओ आले हसन ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में तीन अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किए। जिस पर सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अरूण प्रकाश सक्सेना व सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने तर्क दिया कि अपराध गंभीर प्रकृति का है और सभी मामलों में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हो चुका है। लिहाजा, अग्रिम जमानत मंजूर न की जाए। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पत्रावली पर साक्ष्य नहीं हैं और उन्हें राजनैतिक रंजिश के तहत झूठा फंसाया गया है। जिसके बाद कोर्ट ने आले हसन के तीन अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए हैं। इस तरह अब तक 13 मामलों में अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है।
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डूंगरपुर के दो मामलों में आले हसन ने दाखिल किया डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र
गंज थाना क्षेत्र के डूंगरपुर के दो मामलों में बचाव पक्ष की ओर से रिटायर्ड सीओ आले हसन की ओर से चार्ज फ्रेम करने से पूर्व डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिस पर अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी। डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के नाम पर की मारपीट, लूटपाट व चोरी की घटनाओं के मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से रिटायर्ड सीओ आले हसन की ओर से अपने पर आरोप तय करने को लेकर डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। एडीजीसी कमल गुप्ता के अनुसार इस मामले की सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।

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