फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Reached Ayodhya overcoming challenges in Ramdhun

Rampur News: रामधुन में चुनौतियों का पार कर पहुंचे थे अयोध्या

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jan 2024 01:10 AM IST
विज्ञापन
Reached Ayodhya overcoming challenges in Ramdhun
रामपुर। अयोध्या में 22 जनवरी को भव्य राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसको लेकर रामपुर के भी रामभक्तों में जबर्दस्त उत्साह है। साथ ही जिले के कारसेवक 1990 से लेकर 1992 तक के उस दौर को याद कर रहे हैं, जब उन्होंने राममंदिर के लिए संघर्ष किया था। बड़ी संख्या में रामभक्त अलग-अलग तरीकों से अयोध्या पहुंचे थे।राममंदिर के लिए संघर्ष करने वाले कारसेवकों का कहना है कि विवादित ढांचा ढहाए जाने के दिन अयोध्या की सड़कों पर रामभक्तों का सैलाब था। सबकी जुबां पर सिर्फ राम नाम था। पुलिस व प्रशासनिक चुनौतियों को पार करते हुए रामसेवा के कार्य में हिस्सा लिया। राममंदिर का निर्माण पूरा होने पर वर्षों के संघर्ष को याद करते हुए कार सेवक अपने अनुभव बता रहे हैं। आइए जानते हैं ऐसे कारसेवकों की कहानी।
विज्ञापन

--------------------------------
विज्ञापन

बोले कार सेवक
पुलिस ने दर्ज किया दंगा भड़काने का झूठा मुकदमा
1990 में 15 दिन और 1992 में सात दिन तक मुझे अस्थायी जेल में रखा गया था। परिजनों को भी पुलिस ने निशाना बनाया था। जब फैजाबाद (अब अयोध्या) की जेल में बंद था, तब रामपुर में मेरे ऊपर दंगा भड़काने का मुकदमा दर्ज किया था। तब फैजाबाद प्रशासन की ओर से अस्थायी जेल में बंद होने का सर्टिफिकेट दिया गया था, जिसके बाद झूठा मुकदमा खत्म हुआ। लाठियां खाकर भी रामभक्तों ने संघर्ष किया और अब मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। करोड़ों रामभक्तों के लिए यह गर्व की बात है। अनिल वशिष्ठ, बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक।
विज्ञापन
विज्ञापन


-----------------------------------
राममंदिर के लिए तमाम कारसेवकों ने बलिदान दिया। पुलिस को चकमा देकर किसी तरह अयोध्या पहुंचा था। देशभर से हजारों कार्यकर्ता अलग-अलग तरीके से अयोध्या पहुंचे थे और विवादित ढांचा गिराया गया था। पुलिस-प्रशासन की सख्ती भी रामभक्तों को नहीं रोक पाई थी। कारसेवकों के हुजूम के चलते अयोध्या में पैर रखने की भी जगह नहीं थी। सभी के संघर्ष से राममंदिर के निर्माण में सफलता मिली। हम सभी के आराध्य रामलला अब मंदिर में विराजमान होंगे। ये बेहद सौभाग्य की बात है। लोग घरों में 22 जनवरी को दीपक जलाकर दिवाली मनाएं।
- सुनील कुमार झा, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष, बजरंग दल रामपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed