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गिर सकती है कई अफसरों पर गाज
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sat, 10 Oct 2015 11:45 PM IST
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न बूथ लूटा गया और न ही कोई हिंसा हुई फिर भी रामपुर पर पुनर्मतदान का धब्बा लग गया। पहले ही चरण में पुनर्मतदान का धब्बा यूं ही नहीं लगा है। इसके पीछे अफसरों व कर्मचारियों की लापरवाही ही है। प्रशासनिक अफसर भी इसको लापरवाही मान रहे हैं। अब आयोग तय करेगा कि इस मामले में किस स्तर से लापरवाही हुई है।
पंचायत चुनाव के लिए पिछले एक माह से अधिकारी और कर्मचारी तैयारियों में जुटे थे। पहले चरण का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से तो संपन्न हो गया, लेकिन इसके बाद भी शाहबाद के रसूलपुर गांव में पुनर्मतदान कराना पड़ रहा है। शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने के बाद भी पुनर्मतदान की बारी आ जाना अफसरों की काबलियत पर सवालिया निशान लगा रहा है।
बूथ पर दूसरे वार्डों के मतपत्र भेज दिए गए थे। इससे ज्यादा लापरवाही और क्या हो सकती है। इन मतपत्रों को न तो मतपत्रों के प्रभारी अधिकारी ने ही चेक किया और न ही पोलिंग पार्टी के कर्मचारियों ने। वोटिंग के लिए बूथ पर लंबी कतार लगी और वोटरों को दूसरे वार्ड के पहचान पत्र दिए गए तो मामले का खुलासा हुआ। मतदान रोक दिया गया।
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प्रशासन ने इस बूथ का चुनाव निरस्त करते हुए दोबारा मतदान कराने की सिफारिश कर डाली। हालांकि प्रशासन की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई है उसमें अफसरों की लापरवाही का जिक्र तो किया गया है, लेकिन कार्रवाई की गेंद आयोग के पाले में डाल दी गई है। अब आयोग फैसला करेगा कि इस लापरवाही में किस-किस अफसर पर गाज गिरेगी।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि मतपत्रों के गलत चले जाने के मामले में पुनर्मतदान कराया जा रहा है। मामले को मैं खुद देख रहा हूं। लापरवाही करने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी। इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजी गई है। आयोग के आदेश पर ही कोई कार्रवाई होगी।
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पंचायत चुनाव के लिए पिछले एक माह से अधिकारी और कर्मचारी तैयारियों में जुटे थे। पहले चरण का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से तो संपन्न हो गया, लेकिन इसके बाद भी शाहबाद के रसूलपुर गांव में पुनर्मतदान कराना पड़ रहा है। शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने के बाद भी पुनर्मतदान की बारी आ जाना अफसरों की काबलियत पर सवालिया निशान लगा रहा है।
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बूथ पर दूसरे वार्डों के मतपत्र भेज दिए गए थे। इससे ज्यादा लापरवाही और क्या हो सकती है। इन मतपत्रों को न तो मतपत्रों के प्रभारी अधिकारी ने ही चेक किया और न ही पोलिंग पार्टी के कर्मचारियों ने। वोटिंग के लिए बूथ पर लंबी कतार लगी और वोटरों को दूसरे वार्ड के पहचान पत्र दिए गए तो मामले का खुलासा हुआ। मतदान रोक दिया गया।
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प्रशासन ने इस बूथ का चुनाव निरस्त करते हुए दोबारा मतदान कराने की सिफारिश कर डाली। हालांकि प्रशासन की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई है उसमें अफसरों की लापरवाही का जिक्र तो किया गया है, लेकिन कार्रवाई की गेंद आयोग के पाले में डाल दी गई है। अब आयोग फैसला करेगा कि इस लापरवाही में किस-किस अफसर पर गाज गिरेगी।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि मतपत्रों के गलत चले जाने के मामले में पुनर्मतदान कराया जा रहा है। मामले को मैं खुद देख रहा हूं। लापरवाही करने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी। इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजी गई है। आयोग के आदेश पर ही कोई कार्रवाई होगी।