रामपुर। असम के बांस से बने आकर्षक उत्पाद रामपुरवासियों को भा रहे हैं। आलम यह है कि हस्तशिल्प की अनूठी कारीगरी से बने तमाम उत्पाद खत्म हो चुके हैं। हालांकि फ्लावरपॉट और बास्केट समेत तमाम आइटमों की उपलब्धता है, जो हुनर हाट में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
नुमाइश मैदान में चल रहे हुनर हाट में यूं तो देश के 27 राज्यों के हस्तशिल्पी प्रतिभाग कर रहे हैं। लेकिन, कुछ हस्तशिल्पी ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी कला से लोगों का दिल जीत लिया है। ऐसे ही हैं असम के बांस कारीगर मिजानुर्रहमान। बोरपेटा जिले के रहने वाले मिजानुर्रहमान बांस से कई तरह के उत्पाद बनाते हैं। फिर चाहें बास्केट हो या फिर ट्रे। गमले, कप, मग, हेयर क्लिप आदि ऐसे आकर्षक आइटम हैं, जो लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। वह बताते हैं कि इन उत्पादों को बनाने के लिए सिर्फ हाथों का प्रयोग होता है। आग के सहयोग से पेंट किया जाता है, जिससे उत्पादों की खूबसूरती और बढ़ जाती है। ये उत्पाद बहुत मजबूत हैं। यही वजह है जो हस्तशिल्पियों के पास स्टॉक खत्म होने लगा है। मिजानुर्रहान ने बताया कि रामपुर में उनकी कला की खूब तारीफ हो रही है। इस वजह से कप, मग और ट्रे का स्टॉक पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। जबकि, हेयर क्लिप का स्टॉक काफी कम बचा है। हालांकि, बाकि उत्पादों की उपलब्धता है, जिसमें आकर्षक गमले, बास्केट आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हुनर हाट के आयोजन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकल फॉर वोकल मुहिम से उनकी कला को खूब बढ़ावा मिला है। मार्केट में उनके उत्पादों की मांग होने लगी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है।