{"_id":"608d56b98ebc3e8d1853dd72","slug":"rampur-news-nps-employee-demand-family-pansion-for-government-rampur-news-sml3690470102","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनपीएस कर्मचारियों ने सरकार से मांगी पारिवारिक पेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनपीएस कर्मचारियों ने सरकार से मांगी पारिवारिक पेंशन
विज्ञापन
रिकांगपिओ (किन्नौर)। न्यू पेंशन कर्मचारी महासंघ जिला किन्नौर ने प्रदेश सरकार से पारिवारिक पेंशन की मांग उठाई है। सबसे पहले अपने-अपने कार्यालयों में दो मिनट का मौन रखकर सुरेश गौतम को श्रद्धांजलि अर्पित की गईं। न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने बताया कि सुरेश गौतम 30 अप्रैल 2018 को दिल्ली के रामलीला मैदान में पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग करने गए थे।
यहां से वापस आते समय एक हादसे में उनकी मौत हो गई है। केंद्र सरकार ने 2009 की अधिसूचना जारी की होती तो उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन मिल जाती। संघ का कहना है की ऐसे ही हादसे एनपीएस कर्मचारियों के साथ हो रहे हं,ै अभी इसी महीने भी एक हफ्ते में 8 कर्मचारियों की मृत्यु हो गई है।
एनपीएस कर्मचारी महासंघ जिला किन्नौर सरकार से मांग करती है कि केंद्र सरकार कि अधिसूचना शीघ्र लागू करें, ताकि मृत्यु को प्राप्त हुए और दिव्यांग हुए एनपीएस कर्मचारियों को पारिवारिक पेंशन का प्रावधान हो सके। इस मौके पर राज्य उपाध्यक्ष बलदेव बिश्ट, जिला प्रधान वीरेंद्र जिंटू, महासचिव मोती नेगी, निचार ब्लॉक प्रदान जय प्रकाश, इंजीनियर विवेक, विश्वकर्मा और रमन दीप मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां से वापस आते समय एक हादसे में उनकी मौत हो गई है। केंद्र सरकार ने 2009 की अधिसूचना जारी की होती तो उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन मिल जाती। संघ का कहना है की ऐसे ही हादसे एनपीएस कर्मचारियों के साथ हो रहे हं,ै अभी इसी महीने भी एक हफ्ते में 8 कर्मचारियों की मृत्यु हो गई है।
विज्ञापन
एनपीएस कर्मचारी महासंघ जिला किन्नौर सरकार से मांग करती है कि केंद्र सरकार कि अधिसूचना शीघ्र लागू करें, ताकि मृत्यु को प्राप्त हुए और दिव्यांग हुए एनपीएस कर्मचारियों को पारिवारिक पेंशन का प्रावधान हो सके। इस मौके पर राज्य उपाध्यक्ष बलदेव बिश्ट, जिला प्रधान वीरेंद्र जिंटू, महासचिव मोती नेगी, निचार ब्लॉक प्रदान जय प्रकाश, इंजीनियर विवेक, विश्वकर्मा और रमन दीप मौजूद रहे।
विज्ञापन