Rampur: नींद की झपकी ने छीन लीं पांच जिंदगियां, चालक को झपकी आने से कार हो गई थी अनियंत्रित
मूंढापांडे में हुए सड़क हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। अधिकारियों के मुताबिक हादसे की वजह चालक को नींद की झपकी आना बताया जा रहा है। घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है।
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स्वार क्षेत्र के मुकरमपुर निवासी हाजी अशरफ अली के परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। ये हादसा चालक को नींद की झपकी आने की वजह से हुआ। चालक को झपकी आने से कार अनियंत्रित हो गई और हादसे का शिकार हो गई। इसमें चालक समेत पांच लोगों की जान चली गई।
डॉक्टरों का कहना है कि घंटों-घंटों ड्राइविंग और नियमित नींद न लेना ऐसे हादसों का कारण बनता है। रामपुर जिले के टांडा क्षेत्र के एक व्यक्ति की हाल में ही दिल्ली एयरपोर्ट से लौटते समय हापुड़ में सुबह चार बजे हादसे में मौत हो गई।
वह हादसा भी चालक को नींद की झपकी आने से हुआ था। बृहस्पतिवार सुबह मुरादाबाद के मूंढापांडे में चालक को नींद की झपकी आने से पांच लोगों की जान चली गई। हाजी अशरफ अली के घायल बेटे आसिफ ने बताया कि चालक को नींद की झपकी आ रही थी।
उसी की वजह से हादसा हो गया। हादसे की खबर सोशल मीडिया पर पूरे दिन चलती रही। हादसे के तमाम वीडियो और फोटो भी वायरल हुए। तीन सगे भाई और पिता की हादसे में मौत पर हर कोई संवेदनाएं व्यक्त कर रहा है।
लंबा सफर बना हादसे का कारण
स्वार से दिल्ली करीब 220 किमी. है, जिसमें बुधवार दोपहर में चालक अहसान परिजनों को लेकर रामपुर से दिल्ली निकले थे। एयरपोर्ट पर इंतजार करने के बाद रात फ्लाइट आई, उसके बाद चालक परिजनों और हाजी अशरफ और पत्नी जैतून सहित परिवार के अन्य लोगों को दिल्ली से रामपुर रवाना हुए।
बृस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे मुरादाबाद क्षेत्र के मूंढापांडे में हादसा हुआ। दिल्ली से निजी गाड़ी से रामपुर आने में करीब 4 घंटे लगते हैं, ऐसे में परिजन करीब चार बजे दिल्ली से रवाना हुए होंगे। इसी समय नींद सबसे ज्यादा आती है।
चालक लंबा सफर तय कर चुका था, ऐसे में मूंढापांडे में झपकी आ गई और हादसा हो गया। एसीएमओ रामपुर डॉ. दशरथ सिंह ने कहा कि 24 घंटे में छह से आठ घंटे की नींद हर व्यक्ति को लेनी चाहिए।
एक रात को तीन बजे का समय और दूसरे सुबह पांच से छह बजे सुबह का समय ऐसा होता है कि उसमें भले ही रात को सोए हो, लेकिन नींद आती ही है तो ऐसे में ड्राइव नहीं करना चाहिए। यह सेहत और सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है।
ऐसे अनगिनत केस हैं, जिसमें सुबह के समय हादसे होते हैं। ऐसे में जरा सा भी नींद महसूस होने पर गाड़ी नहीं चलानी चाहिए।