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मनरेगा कार्यों में जिले को मिला पहला स्थान
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रामपुर। जिले में तालाबों की खोदाई के साथ ही मनरेगा में रामपुर प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। मनरेगा के तहत जिले 864 तालाबों की खोदाई का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि 215 स्थलों को चिह्नित कर उनकी पैमाइश कराई गई है। ऐसे में इन तालाबों की खोदाई नए सिरे कराई गई, जिससे बारिश का पानी तालाबों में संरक्षित हो सके।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के नेतृत्व में तालाबों के संरक्षण और खोदाई के कार्य में रामपुर प्रदेश में लगातार प्रथम रैंक पर बना हुआ है। जिलाधिकारी की नियमित रूप से मॉनिटरिंग के चलते 864 तालाबों पर सुंदरीकरण कार्य पूरा हो गया है। तालाबों पर सुंदरीकरण के साथ-साथ ऐसी जमीनें जहां अभिलेखों में तो तालाब की भूमि दर्ज है, परंतु हकीकत में उन जमीनों पर अवैध रूप से लोगों ने कब्जा कर लिया था। ऐसे 215 स्थलों को चिह्नित करके उनकी पैमाइश कराई गई। इसके बाद उन जमीनों पर नए सिरे से तालाबों की खोदाई का कार्य पूरा किया गया। तालाबों के किनारे कटान को रोकने और पर्यावरणीय दशाओं को अनुकूल बनाए रखने के लिए तालाब के चारों ओर विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार पौधे भी लगाए गए हैं। तालाबों की देखरेख के लिए प्रत्येक तालाब पर एक केयरटेकर रखा गया है। जिसको यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे तालाब और उसके चारों और लगाए गए पौधों की देखभाल करेंगे। डीसी मनरेगा प्रभु दयाल ने बताया जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जनपद को मनरेगा के तहत प्रथम रैंक प्राप्त हुई है। इस वर्ष 7.71 लाख मानव दिवसों का मनरेगा के तहत सृजन कराया जा चुका है। जिससे 28730 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। कोरोना संकट के दौरान तालाबों पर खुदाई कार्य कराकर जॉब कार्ड धारकों को रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया था। तालाब के चारों ओर औसतन दो सौ पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष में मनरेगा के तहत तालाब के सुंदरीकरण में 15.72 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
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जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के नेतृत्व में तालाबों के संरक्षण और खोदाई के कार्य में रामपुर प्रदेश में लगातार प्रथम रैंक पर बना हुआ है। जिलाधिकारी की नियमित रूप से मॉनिटरिंग के चलते 864 तालाबों पर सुंदरीकरण कार्य पूरा हो गया है। तालाबों पर सुंदरीकरण के साथ-साथ ऐसी जमीनें जहां अभिलेखों में तो तालाब की भूमि दर्ज है, परंतु हकीकत में उन जमीनों पर अवैध रूप से लोगों ने कब्जा कर लिया था। ऐसे 215 स्थलों को चिह्नित करके उनकी पैमाइश कराई गई। इसके बाद उन जमीनों पर नए सिरे से तालाबों की खोदाई का कार्य पूरा किया गया। तालाबों के किनारे कटान को रोकने और पर्यावरणीय दशाओं को अनुकूल बनाए रखने के लिए तालाब के चारों ओर विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार पौधे भी लगाए गए हैं। तालाबों की देखरेख के लिए प्रत्येक तालाब पर एक केयरटेकर रखा गया है। जिसको यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे तालाब और उसके चारों और लगाए गए पौधों की देखभाल करेंगे। डीसी मनरेगा प्रभु दयाल ने बताया जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जनपद को मनरेगा के तहत प्रथम रैंक प्राप्त हुई है। इस वर्ष 7.71 लाख मानव दिवसों का मनरेगा के तहत सृजन कराया जा चुका है। जिससे 28730 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। कोरोना संकट के दौरान तालाबों पर खुदाई कार्य कराकर जॉब कार्ड धारकों को रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया था। तालाब के चारों ओर औसतन दो सौ पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष में मनरेगा के तहत तालाब के सुंदरीकरण में 15.72 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
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