Rampur Bypoll: सपा प्रत्याशी आसिम राजा ने दाखिल किया नामांकन, आजम खां भी रहे साथ
रामपुर विधानसभा सीट पर उप-चुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान होंगे जबकि आठ दिसंबर को मतगणना की जाएगी।
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रामपुर विधानसभा सीट पर आगामी उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की तरफ से आसिम रजा को प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ सपा नेता आजम खां भी मौजूद रहे। रामपुर विधानसभा सीट पर उप-चुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान होंगे जबकि आठ दिसंबर को मतगणना की जाएगी।
वहीं रामपुर में भाजपा ने एक बार फिर आकाश सक्सेना को प्रत्याशी बनाया है। सपा के पूर्व विधायक आजम खां के खिलाफ आकाश सक्सेना ने ही संघर्ष किया है। आकाश की शिकायतों पर ही आजम के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए हैं। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में भी आकाश को प्रत्याशी बनाया था लेकिन वह चुनाव हार गए थे।
इस सीट पर दूसरी बार विधानसभा का चुनाव कराए जाने का एलान कर दिया गया है। सपा नेता आजम खां को 27 अक्तूबर को रामपुर की एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट ने नफरती भाषण देने के मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी।
कोर्ट से तीन साल की सजा मिलने के बाद अगले दिन 28 अक्तूबर को उनकी विधायकी रद्द कर दी गई थी और रामपुर विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया। इसके बाद चुनाव आयोग ने 05 नवंबर को रामपुर विधानसभा पर उप चुनाव कराने का एलान कर दिया था।
यह सिर्फ रामपुर की नहीं बल्कि हिन्दुस्तान के हर मजलूम की जीत होगी: आजम
सपा नेता आजम खां ने कहा है कि रामपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी को मिलने वाली जीत सिर्फ रामपुर नहीं बल्कि हिन्दुस्तान के हर मजलूम की जीत होगी।
सपा प्रत्याशी आसिम राजा के नामांकन को लेकर पार्टी कार्यालय पर आयोजित मीटिंग में आजम खां ने कहा कि लोकसभा के उपचुनाव में जो कुछ हुआ वह इस चुनाव में नहीं होगा। इस तरह तो सत्ताधारी पार्टियां तय कर देंगी कि हमने फलाने को नामजद कर दिया उसे एमपी-एमएलए मान लीजिए। जरूरत ही नहीं है इसे लोकतंत्र का पर्व कहने की। उन्होंने कहा कि हम लोकसभा का उपचुनाव भी जीते थे और विधानसभा का उपचुनाव भी जीतेंगे। यहां के लोगों को सब पता है। हम यहां पचास साल से अधिक वक्त से राजनीति कर रहे हैं।
इसके बाद वो काफिले के साथ सपा प्रत्याशी का नामांकन कराने के लिए पहुंचे। कलेक्ट्रेट से पहले वाहनों के काफिले को रोक लिया गया। आसिम राजा का नामांकन कराने के बाद आजम खां वापस चले गए। कलेक्ट्रेट से वापस जाते समय उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया।