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Rampur News: दबिश पर दबिश... पाकिस्तानी शिक्षिका को गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस
Tue, 10 Feb 2026 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 10 Feb 2026 02:04 AM IST
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पाक नागरिकता का तथ्य छिपाकर 1992 में हासिल कर ली थी सरकारी नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। पाकिस्तानी नागरिक शिक्षिका के खिलाफ पुलिस की जांच जारी है। पुलिस ने उसके खिलाफ सुबूत जुटाए हैं जिसके बाद उसके घर के साथ ही बरेली व संभावित स्थानों पर दबिश दी है। हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जिले में वास्तविक तथ्य छिपाकर शिक्षिका बनी पाकिस्तानी नागरिक फरजाना के खिलाफ शासन के आदेश के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान यह बात सामने आई कि 17 जून 1979 को पाकिस्तान के सिफत अली से निकाह हुआ था। निकाह के बाद वह पाकिस्तान चली गई और वहां की नागरिकता ले ली।
निकाह के करीब तीन साल बाद उसका तलाक हो गया और वह अपनी दोनों बेटियों के साथ रामपुर अपने मायके लौट आई। पाक नागरिकता का तथ्य छिपाकर 22 जनवरी 1992 में उसने शिक्षिका की नौकरी हासिल की थी। इसके बाद एलआईयू की जांच में खुलासा होने के बाद शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया था।
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पुलिस अब पाकिस्तानी शिक्षिका की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगा दिया गया है,ताकि लोकेशन भी मिल सके। इसके अलावा पुलिस की ओर से लगातार दबिश दी जा रही है,लेकिन गिरफ्तार नहीं हो सकी है।
अजीमनगर थानाध्यक्ष कर्मपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी महिला की गिरफ्तारी को शहर कोतवाली स्थित उसके आवास पर दबिश दी। इसके अलावा बरेली समेत अन्य स्थानों पर दबिश दी गई,लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। जल्द ही आरोपी महिला की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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बीएसए दफ्तर के बाबू ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
इस मामले में बीएसए दफ्तर के बाबू मोहित सिंह की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षिका ने 1992 में पाकिस्तानी नागरिकता का तथ्य छिपाकर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की थी। फरजाना ने पाक नागरिक होने के बावजूद कूटरचना कर त्रुटिपूर्ण निवास प्रमाणपत्र के आधार पर उप्र बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित सैदनगर के प्राथमिक विद्यालय कुम्हरिया में नियुक्ति प्राप्त की थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। पाकिस्तानी नागरिक शिक्षिका के खिलाफ पुलिस की जांच जारी है। पुलिस ने उसके खिलाफ सुबूत जुटाए हैं जिसके बाद उसके घर के साथ ही बरेली व संभावित स्थानों पर दबिश दी है। हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जिले में वास्तविक तथ्य छिपाकर शिक्षिका बनी पाकिस्तानी नागरिक फरजाना के खिलाफ शासन के आदेश के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान यह बात सामने आई कि 17 जून 1979 को पाकिस्तान के सिफत अली से निकाह हुआ था। निकाह के बाद वह पाकिस्तान चली गई और वहां की नागरिकता ले ली।
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निकाह के करीब तीन साल बाद उसका तलाक हो गया और वह अपनी दोनों बेटियों के साथ रामपुर अपने मायके लौट आई। पाक नागरिकता का तथ्य छिपाकर 22 जनवरी 1992 में उसने शिक्षिका की नौकरी हासिल की थी। इसके बाद एलआईयू की जांच में खुलासा होने के बाद शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया था।
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पुलिस अब पाकिस्तानी शिक्षिका की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगा दिया गया है,ताकि लोकेशन भी मिल सके। इसके अलावा पुलिस की ओर से लगातार दबिश दी जा रही है,लेकिन गिरफ्तार नहीं हो सकी है।
अजीमनगर थानाध्यक्ष कर्मपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी महिला की गिरफ्तारी को शहर कोतवाली स्थित उसके आवास पर दबिश दी। इसके अलावा बरेली समेत अन्य स्थानों पर दबिश दी गई,लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। जल्द ही आरोपी महिला की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
बीएसए दफ्तर के बाबू ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
इस मामले में बीएसए दफ्तर के बाबू मोहित सिंह की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षिका ने 1992 में पाकिस्तानी नागरिकता का तथ्य छिपाकर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की थी। फरजाना ने पाक नागरिक होने के बावजूद कूटरचना कर त्रुटिपूर्ण निवास प्रमाणपत्र के आधार पर उप्र बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित सैदनगर के प्राथमिक विद्यालय कुम्हरिया में नियुक्ति प्राप्त की थी।