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Rampur News: एंबुलेंस में हत्या के मामले में पंजाब के ड्राइवर को उम्रकैद
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रामपुर। लिफ्ट लेकर एंबुलेंस में सवार हुए एक चालक की धारदार हथियारों से हत्या कर देने के मामले में कोर्ट ने पंजाब के एक ड्राइवर को उम्रकैद व 21 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
हत्या का यह मामला शहजादनगर क्षेत्र के धमोरा कट का है। यहां पर आठ जून 2021 को पंजाब से पश्चिमी बंगाल जा रही एक एंबुलेंस में सवार एक व्यक्ति ने दूसरे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया था।
पुलिस के मुताबिक, यह एंबुलेंस एक शव को पंजाब छोड़कर लौट रही थी। पंजाब के बरनाला बाईपास से एंबुलेंस में दो लोगों ने लिफ्ट मांगी और यहां पर आकर एक की हत्या कर दी गई।
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मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी तपस मंडल के रूप में हुई जबकि मौके से पकड़े गए हत्यारोपी ने अपना नाम पंजाब के बरनाला निवासी राम सिंह बताया।
पुलिस के अनुसार दोनों के बीच उधार के रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मुकदमे का फैसला सुनाया।
यह मुकदमा अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तृतीय अशोक कुमार की कोर्ट में चला। सहायक शासकीय अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह लोधी ने इस मामले की पैरवी करते हुए बताया कि इस मामले में कोर्ट ने पंजाब के बरनाला निवासी राम सिंह को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने राम सिंह को उम्रकैद व 21 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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यह था मामला
आठ जून 2021 को धमोरा कट पर पुलिस को एक एंबुलेंस खड़ी मिली थी जहां पर एक युवक दूसरे पर धारदार हथियार से हमला कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को मौके से पकड़ लिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश की तो पाया कि उधार के रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों ही एंबुलेंस में भिड़ गए। दोनों ही एक दूसरे को जानते थे और दोनों ने पंजाब के बरनाला बाईपास से पश्चिम बंगाल जाने के लिए लिफ्ट मांगी थी। आरोप है कि दोनों के बीच यहां उधार के रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था और फिर राम सिंह ने तपस मंडल पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
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एंबुलेंस चालक की गवाही बनी मुख्य वजह
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ओमप्रकाश लोधी के अनुसार इस मामले में दार्जिलिंग निवासी एंबुलेंस चालक मिथिलेश चौधरी ने मुख्य रूप से गवाही दी। उनकी मजबूती गवाही की वजह से इस केस को मजबूती मिली और आरोपी को सजा मिली।
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हत्या का यह मामला शहजादनगर क्षेत्र के धमोरा कट का है। यहां पर आठ जून 2021 को पंजाब से पश्चिमी बंगाल जा रही एक एंबुलेंस में सवार एक व्यक्ति ने दूसरे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया था।
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पुलिस के मुताबिक, यह एंबुलेंस एक शव को पंजाब छोड़कर लौट रही थी। पंजाब के बरनाला बाईपास से एंबुलेंस में दो लोगों ने लिफ्ट मांगी और यहां पर आकर एक की हत्या कर दी गई।
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मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी तपस मंडल के रूप में हुई जबकि मौके से पकड़े गए हत्यारोपी ने अपना नाम पंजाब के बरनाला निवासी राम सिंह बताया।
पुलिस के अनुसार दोनों के बीच उधार के रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मुकदमे का फैसला सुनाया।
यह मुकदमा अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तृतीय अशोक कुमार की कोर्ट में चला। सहायक शासकीय अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह लोधी ने इस मामले की पैरवी करते हुए बताया कि इस मामले में कोर्ट ने पंजाब के बरनाला निवासी राम सिंह को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने राम सिंह को उम्रकैद व 21 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
यह था मामला
आठ जून 2021 को धमोरा कट पर पुलिस को एक एंबुलेंस खड़ी मिली थी जहां पर एक युवक दूसरे पर धारदार हथियार से हमला कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को मौके से पकड़ लिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश की तो पाया कि उधार के रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों ही एंबुलेंस में भिड़ गए। दोनों ही एक दूसरे को जानते थे और दोनों ने पंजाब के बरनाला बाईपास से पश्चिम बंगाल जाने के लिए लिफ्ट मांगी थी। आरोप है कि दोनों के बीच यहां उधार के रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था और फिर राम सिंह ने तपस मंडल पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
एंबुलेंस चालक की गवाही बनी मुख्य वजह
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ओमप्रकाश लोधी के अनुसार इस मामले में दार्जिलिंग निवासी एंबुलेंस चालक मिथिलेश चौधरी ने मुख्य रूप से गवाही दी। उनकी मजबूती गवाही की वजह से इस केस को मजबूती मिली और आरोपी को सजा मिली।