{"_id":"6127e4ab8ebc3e79de062495","slug":"protest-of-village-court-rampur-news-mbd400525933","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम न्यायालय के विरोध में 31 तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम न्यायालय के विरोध में 31 तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। ग्राम न्यायालय के विरोध में अधिवक्ताओं के सुर तेज हो गए हैं। इसको लेकर अधिवक्ताओं ने 31 अगस्त तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया है। इस बाबत बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया। 31 अगस्त को फिर से बार एसोसिएशन की बैठक होगी, जिसके बाद आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिलासपुर एवं शाहबाद में ग्राम न्यायालयों की स्थापना करने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। लिहाजा, अधिवक्ता ग्राम न्यायालयों के विरोध में आ गए। गुरुवार को बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायधीश के माध्यम से हाईकोर्ट को संबोधित ज्ञापन भेजा। जिसमें कहा गया है कि जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बिलासपुर एवं शाहबाद में ग्राम न्यायालय स्थापित करने के फैसले पर पुर्नविचार किया जाए। उन्होंने कहा कि रामपुर एक छोटा जिला है। लिहाजा, तहसीलों में अनुभवी अधिवक्ताओं की कमी रहेगी, जिससे वादकारियों को उचित न्याय नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा पुलिस भी सिविल प्रकृति के विवादों को भी आपराधिक केस के रूप में दर्ज कर लेगी, जिससे वादकारियों को दिक्कतें होंगी। इससे न्यायालय प्रक्रिया की विश्वनियता कम होने की संभावना है। ऐसे में अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि ग्राम न्यायालय के विरोध में 31 अगस्त तक विरोध दिवस मनाएंगे एवं न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामौतार सैनी एवं संचालन महासचिव रिसालत अली ने किया। इस मौके पर तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिलासपुर एवं शाहबाद में ग्राम न्यायालयों की स्थापना करने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। लिहाजा, अधिवक्ता ग्राम न्यायालयों के विरोध में आ गए। गुरुवार को बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायधीश के माध्यम से हाईकोर्ट को संबोधित ज्ञापन भेजा। जिसमें कहा गया है कि जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बिलासपुर एवं शाहबाद में ग्राम न्यायालय स्थापित करने के फैसले पर पुर्नविचार किया जाए। उन्होंने कहा कि रामपुर एक छोटा जिला है। लिहाजा, तहसीलों में अनुभवी अधिवक्ताओं की कमी रहेगी, जिससे वादकारियों को उचित न्याय नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा पुलिस भी सिविल प्रकृति के विवादों को भी आपराधिक केस के रूप में दर्ज कर लेगी, जिससे वादकारियों को दिक्कतें होंगी। इससे न्यायालय प्रक्रिया की विश्वनियता कम होने की संभावना है। ऐसे में अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि ग्राम न्यायालय के विरोध में 31 अगस्त तक विरोध दिवस मनाएंगे एवं न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामौतार सैनी एवं संचालन महासचिव रिसालत अली ने किया। इस मौके पर तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन