{"_id":"611177218ebc3e759540c510","slug":"protest-of-teachers-rampur-news-mbd398734252","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगे पूरी न होने पर माध्यमिक शिक्षकों ने रखा मौन व्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगे पूरी न होने पर माध्यमिक शिक्षकों ने रखा मौन व्रत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण गुट) से जुड़े शिक्षकों ने शिक्षकों की समस्यओं का शासन द्वारा निस्तारण न करने के विरोध में मौन व्रत रखा। चेतावनी दी कि अगर जल्द ही शिक्षकों की मांगें पूरी न हुईँ तो आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को प्रदेशीय आह्वान पर संगठन से जुड़े शिक्षक आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए।प्रदेशीय महामन्त्री पूर्व शिक्षक विधायक रामबाबू शास्त्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज शिक्षक कठिन दौर से गुजर रहे हैं।उनकी समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक विचार नही किया जा रहा है।संगठन ने कोरोना से मृतक ऐसे शिक्षक जिनकी डयूटी चुनाव में लगाई गई थी, उन्हें कोरोना वारियर्स मानकर उनके परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की गई थी। लेकिन,मांगें पूरी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को अन्य कोरोना पीड़ित कर्मचारियों की भांति सहायता दी जाए।उत्तत प्रदेश सेवा अधिकरण विधेयक वापस लिया जाए और नौ मार्च 2019 को सरकार के साथ बनी सहमति को तुरंत लागू किया जाए।माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा दी जाए।शिक्षकों के अवशेष बिलों का भुगतान शीघ्र किया जाए।स्थानांतरण की प्रक्रिया को आवश्यक संशोधन के साथ प्रारंभ किया जाए।बैठक के बाद शिक्षक आंबेडकर पार्क से चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जहाँ अपनी समस्याओं के शीघ्र निदान के लिए राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से भेजा। जिलाध्यक्ष मुनीश चंद्र शर्मा, जिला मंत्री मनोज कुमार, श्याम बाबू शर्मा, बलराम सिंह,अनिल सागर, राम कुमार, लखविन्दर सिंह, मोहन लाल, प्रभुदयाल ओमप्रकाश, डॉ. जितेंद्र, हरप्रीत सिंह,डॉ. शहनाज रहमान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को प्रदेशीय आह्वान पर संगठन से जुड़े शिक्षक आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए।प्रदेशीय महामन्त्री पूर्व शिक्षक विधायक रामबाबू शास्त्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज शिक्षक कठिन दौर से गुजर रहे हैं।उनकी समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक विचार नही किया जा रहा है।संगठन ने कोरोना से मृतक ऐसे शिक्षक जिनकी डयूटी चुनाव में लगाई गई थी, उन्हें कोरोना वारियर्स मानकर उनके परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की गई थी। लेकिन,मांगें पूरी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को अन्य कोरोना पीड़ित कर्मचारियों की भांति सहायता दी जाए।उत्तत प्रदेश सेवा अधिकरण विधेयक वापस लिया जाए और नौ मार्च 2019 को सरकार के साथ बनी सहमति को तुरंत लागू किया जाए।माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा दी जाए।शिक्षकों के अवशेष बिलों का भुगतान शीघ्र किया जाए।स्थानांतरण की प्रक्रिया को आवश्यक संशोधन के साथ प्रारंभ किया जाए।बैठक के बाद शिक्षक आंबेडकर पार्क से चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जहाँ अपनी समस्याओं के शीघ्र निदान के लिए राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से भेजा। जिलाध्यक्ष मुनीश चंद्र शर्मा, जिला मंत्री मनोज कुमार, श्याम बाबू शर्मा, बलराम सिंह,अनिल सागर, राम कुमार, लखविन्दर सिंह, मोहन लाल, प्रभुदयाल ओमप्रकाश, डॉ. जितेंद्र, हरप्रीत सिंह,डॉ. शहनाज रहमान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन