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आंदोलन कर रहे किसानों से सरकार नहीं कर रही वार्ता
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भोट। कृषि कानूनों की वापसी को लेकर पिछले 109 दिनों से बेमियादी धरने पर बैठे किसान सोमवार को भी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केंद्र सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन भी किया।
केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर पिछले नौ माह से भी अधिक समय से देश भर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली की सीमाओं में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में कोयला टोल प्लाजा पर पिछले 109 वें दिन धरने पर बैठे रहे।
इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की। आक्रोशित किसानों का कहना था कि आंधी बारिश व धूप में किसान धरने पर बैठे हैं और देश के प्रधानमंत्री तथा किसानों की भलाई की बातें करने वाले नेता किसानों से बात करने को भी तैयार नहीं हैं। इससे पता चलता है कि सरकार को देश के किसानों की कितनी चिंता है। जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान इरफान हसन, अब्दुल मुस्तफा, फिरासत, यामीन, नरपत, किशनपाल, दंगल सिंह, छिद्दा अली, मोहम्मद वशी, फरीद, शाकिर, नईम, जुल्फिकार आदि मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर पिछले नौ माह से भी अधिक समय से देश भर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली की सीमाओं में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में कोयला टोल प्लाजा पर पिछले 109 वें दिन धरने पर बैठे रहे।
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इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की। आक्रोशित किसानों का कहना था कि आंधी बारिश व धूप में किसान धरने पर बैठे हैं और देश के प्रधानमंत्री तथा किसानों की भलाई की बातें करने वाले नेता किसानों से बात करने को भी तैयार नहीं हैं। इससे पता चलता है कि सरकार को देश के किसानों की कितनी चिंता है। जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान इरफान हसन, अब्दुल मुस्तफा, फिरासत, यामीन, नरपत, किशनपाल, दंगल सिंह, छिद्दा अली, मोहम्मद वशी, फरीद, शाकिर, नईम, जुल्फिकार आदि मौजूद रहे।
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