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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन
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भोट। कृषि कानूनों के विरोध में कोयला टोल प्लाजा पर चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 92 वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस कर एमएसपी पर कानून बनाए जाने की मांग की।
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब ने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कोसा तथा नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने कहा कि नौ माह से भी अधिक समय से देश का किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग कर रहा है। लेकिन, सरकार है कि किसानों से वार्ता को ही तैयार नहीं है और न ही किसान विरोधी कानूनों को वापस ले रही है। सरकार द्वारा औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए लिए ही कृषि कानून बनाए हैं। किसान भी हार मानने वाले नहीं हैं और जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस दौरान आगामी पांच सितंबर को किसान महापंचायत को सफल बनाने की अपील भी की गई। धरना- प्रदर्शन में तहसील अध्यक्ष इरफान, तंजील मोहम्मद, इमरान, तौकीर अहमद, फरजंद अली, शाकिर अली, रिजवान, अनवार, इरशाद, दुर्गा प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब ने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कोसा तथा नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने कहा कि नौ माह से भी अधिक समय से देश का किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग कर रहा है। लेकिन, सरकार है कि किसानों से वार्ता को ही तैयार नहीं है और न ही किसान विरोधी कानूनों को वापस ले रही है। सरकार द्वारा औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए लिए ही कृषि कानून बनाए हैं। किसान भी हार मानने वाले नहीं हैं और जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस दौरान आगामी पांच सितंबर को किसान महापंचायत को सफल बनाने की अपील भी की गई। धरना- प्रदर्शन में तहसील अध्यक्ष इरफान, तंजील मोहम्मद, इमरान, तौकीर अहमद, फरजंद अली, शाकिर अली, रिजवान, अनवार, इरशाद, दुर्गा प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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