{"_id":"6116c07b8ebc3ee5311d2c4d","slug":"protest-of-farmers-rampur-news-mbd399208539","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के हित में एमएसपी पर कानून बनाए सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के हित में एमएसपी पर कानून बनाए सरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोट (रामपुर)। कृषि बिलों के विरोध में कोयला टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसान 78वें दिन भी बैठे रहे। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केन्द्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस कर एमएसपी पर कानून बनाए जाने की मांग की।
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में नेशनल हाईवे में कोयला टोल प्लाजा में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 78वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केन्द्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कोसा तथा नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने कहा कि नौ माह से भी अधिक समय से देश का किसान कृषि बिलों को वापस किए जाने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार है कि किसानों से वार्ता को ही तैयार नहीं है और न ही किसान विरोधी कानूनों को वापस ले रही है। सरकार या किसी भी मंत्री द्वारा तीनों कृषि कानूनों से होने वाले फायदों की जानकारी नहीं दी जा रही है। सरकार द्वारा अपने मित्र व औद्योगिक घरानों के लाभ के लिए ही कृषि कानून बनाए हैं। किसान भी हार मानने वाले नहीं है और जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस दौरान छिद्दा अली, अब्दुल मुस्तफा, शाकिर अली, शकील अहमद, जुम्मा, सतपाल सिंह, राशिद चौधरी, दुष्यंत, फिरासत, फरमान, दिलशाद, मुस्तफा, मुजफ्फर अली, बब्बू, इरफान हसन, चंद्रसेन, जग्गा, यासीन, सतनाम सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में नेशनल हाईवे में कोयला टोल प्लाजा में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 78वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केन्द्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कोसा तथा नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने कहा कि नौ माह से भी अधिक समय से देश का किसान कृषि बिलों को वापस किए जाने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार है कि किसानों से वार्ता को ही तैयार नहीं है और न ही किसान विरोधी कानूनों को वापस ले रही है। सरकार या किसी भी मंत्री द्वारा तीनों कृषि कानूनों से होने वाले फायदों की जानकारी नहीं दी जा रही है। सरकार द्वारा अपने मित्र व औद्योगिक घरानों के लाभ के लिए ही कृषि कानून बनाए हैं। किसान भी हार मानने वाले नहीं है और जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस दौरान छिद्दा अली, अब्दुल मुस्तफा, शाकिर अली, शकील अहमद, जुम्मा, सतपाल सिंह, राशिद चौधरी, दुष्यंत, फिरासत, फरमान, दिलशाद, मुस्तफा, मुजफ्फर अली, बब्बू, इरफान हसन, चंद्रसेन, जग्गा, यासीन, सतनाम सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन