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किसानों ने धरना स्थल पर ही मनाई बकरीद
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भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर टोल प्लाजा पर धरने पर डटे किसान किसी भी कीमत पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। धूप, बारिश के बाद अब बकरीद पर भी आक्रोशित किसान धरने पर डटे रहे। इस दौरान किसानों ने धरना स्थल पर ही नमाज अदा की तथा एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारक बाद दी। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया।
नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर कोयला टोल प्लाजा पर किसानों का धरना 55वें दिन भी जारी रहा। वहीं किसानों ने टोल प्लाजा परिसर में ही ईद की नमाज अदा की व एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी। धरना स्थल पर बुधवार सुबह तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तेजेन्द्र सिंह विर्क भी किसानों के साथ पहुंचे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि नए कृषि कानूनों से किसानों को सिर्फ नुकसान होगा।
तेजेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार इन कानूनों से किसानों को होने वाले फायदे भी नहीं बता रही है और जबरन कृषि कानूनों को थोप रही है। किसान आंधी, बारिश, धूप या ठंड से डरने वाले नहीं हैं। ये सब तो किसान के साथी हैं और इन सबको सहन करते हुए ही किसान फसल तैयार करता है। किसाने पिछले आठ माह से तेज धूप, कड़ाके की ठंड, बारिश व आंधी, तूफान के बीच आंदोलन करके ही तीनों कृषि कानूनों को वापसी की मांग कर रहे हैं।
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विर्क ने कहा कि अब किसानों ने निर्णय लिया है कि अगर सरकार ने कृषि कानून वापस नहीं लिए तो कृषि कानूनों की वापसी तक किसान सभी त्योहार धरना स्थल पर ही मनाएंगे और कृषि कानूनों की वापसी के बाद ही घर लौटेंगे। इस दौरान मो. तालिब, इरफान हसन, छिद्दा अली, जगदीप सिंह, अब्दुल मुस्तफा, दलजीत सिंह, गुरबचन सिंह, शाकिर अली, शकील अहमद, नदीम अहमद, रिजवान, मुजफ्फर अली, मुनव्वर आलम आदि मौजूद रहे।
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नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर कोयला टोल प्लाजा पर किसानों का धरना 55वें दिन भी जारी रहा। वहीं किसानों ने टोल प्लाजा परिसर में ही ईद की नमाज अदा की व एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी। धरना स्थल पर बुधवार सुबह तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तेजेन्द्र सिंह विर्क भी किसानों के साथ पहुंचे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि नए कृषि कानूनों से किसानों को सिर्फ नुकसान होगा।
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तेजेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार इन कानूनों से किसानों को होने वाले फायदे भी नहीं बता रही है और जबरन कृषि कानूनों को थोप रही है। किसान आंधी, बारिश, धूप या ठंड से डरने वाले नहीं हैं। ये सब तो किसान के साथी हैं और इन सबको सहन करते हुए ही किसान फसल तैयार करता है। किसाने पिछले आठ माह से तेज धूप, कड़ाके की ठंड, बारिश व आंधी, तूफान के बीच आंदोलन करके ही तीनों कृषि कानूनों को वापसी की मांग कर रहे हैं।
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विर्क ने कहा कि अब किसानों ने निर्णय लिया है कि अगर सरकार ने कृषि कानून वापस नहीं लिए तो कृषि कानूनों की वापसी तक किसान सभी त्योहार धरना स्थल पर ही मनाएंगे और कृषि कानूनों की वापसी के बाद ही घर लौटेंगे। इस दौरान मो. तालिब, इरफान हसन, छिद्दा अली, जगदीप सिंह, अब्दुल मुस्तफा, दलजीत सिंह, गुरबचन सिंह, शाकिर अली, शकील अहमद, नदीम अहमद, रिजवान, मुजफ्फर अली, मुनव्वर आलम आदि मौजूद रहे।