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कृषि काननू वापस नहीं हुए तो मिट जाएगा किसान
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भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरना 44वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल पर बैठे किसानों ने तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया।
कोयला टोल प्लाजा पर भाकियू से जुड़े किसान पिछले 44 दिनों से सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे हैं। शनिवार को धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष टांडा राशिद चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानून वापस नहीं किए गए तो देश से किसानों का नामों निशान ही मिट जाएगा। इसलिए जब तक कृषि काले कानून वापस नहीं हो जाते तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने सभी लोगों से आहवान किया कि रविवार को जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में सुबह आठ बजे दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे जत्थे में शामिल हों। इस दौरान होरीलाल, छिद़दा अली, मो. तालिब, इरफान हसन, तकरीर अहमद, अनीस अहमद, शाकिर अली, शकील अहमद, जगदीप, गोपाल, मोहम्मद अतीक, सुलेमान, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद इदरीश, मुजफ्फर अली, अब्दुल मुस्तफा, नदीम अहमद आदि मौजूद रहे।
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कोयला टोल प्लाजा पर भाकियू से जुड़े किसान पिछले 44 दिनों से सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे हैं। शनिवार को धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष टांडा राशिद चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानून वापस नहीं किए गए तो देश से किसानों का नामों निशान ही मिट जाएगा। इसलिए जब तक कृषि काले कानून वापस नहीं हो जाते तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने सभी लोगों से आहवान किया कि रविवार को जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में सुबह आठ बजे दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे जत्थे में शामिल हों। इस दौरान होरीलाल, छिद़दा अली, मो. तालिब, इरफान हसन, तकरीर अहमद, अनीस अहमद, शाकिर अली, शकील अहमद, जगदीप, गोपाल, मोहम्मद अतीक, सुलेमान, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद इदरीश, मुजफ्फर अली, अब्दुल मुस्तफा, नदीम अहमद आदि मौजूद रहे।
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