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आजम के कई प्रोजेक्ट पर उठने लगे सवाल
मोहित सक्सेना/ रामपुर
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:04 AM IST
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रामपुर का जौहर शोध संस्थान की फाइल फोटो
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सरकार बदलने के बाद सपा सरकार में सूबे के कद्दावर मंत्री रहे आजम खां के कई प्रोजेक्टों पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। सूबे का निजाम बदलने के साथ विरोधियों के सक्रिय होने के बाद उनकी दुश्वारियां भी बढ़ने लगी हैं। वक्फ बोर्ड की जमीनों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इलेक्ट्रानिक चैनलों में भी आजम खां के खिलाफ खबरें आने लगी हैं। आलम यह है कि सत्ताकाल में कभी किसी की परवाह न करने वाले आजम खां को लगातार दो दिन प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी सफाई देनी पड़ी है। सवालों पर हालांकि आजम सफाई दे रहे हैं और खुद को बेकसूर बता रहे हैं।
समाजवादी पार्टी की सरकार में शहर विधायक आजम खां सूबे के नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण समेत कई विभागों के मंत्री हुआ करते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में रामपुर में तमाम विकास कार्यों को कराया। विकास कार्य के लिए लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा। विरोध को दर किनार करते हुए शहर में विकास का पहिया घूमता रहा। अब सरकार बदली तो अब उन्हीं विकास के प्रोजेक्ट पर विरोधियों ने उंगली उठानी शुरू कर दी है। योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद विरोधी और एक्टिव हो गए। विरोध की शुरुआत वकफ संपत्तियों पर कब्जे के आरोपों से हुई है।
सेंट्रल वक्फ कौंसिल के सदस्य एजाज अब्बास नकवी ने पिछले दिनों रामपुर पहुंचकर वक्फ की संपत्तियों का मुआयना किया और फिर उन्होंने अपनी एक रिपोर्ट भी काउंसिल को सौंप दी। इस रिपोर्ट में वक्फ संपत्तियों के रामपुर में ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों में भी अवैध कब्जे कराने के आरोप लगाए गए हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद खलबली मच गई है। सरकार के मंत्री भी इस पर जांच कराने की बात कह चुके हैं। लिहाजा विरोधी भी एक्टिव हो गए हैं। काउंसिल के साथ ही अब आईपीएस अमिताभ ठाकुर की समाजसेवी पत्नी नूतन ठाकुर जौहर शोध संस्थान के भवन को रामपुर पब्लिक स्कूल के लिए महज सौ रुपये सलाना में आवंटित किए जाने की शिकायत सरकार से कर चुकी हैं। फिलहालल कई प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में हैं,जिससे आजम खां की मुश्किलें बढती जा रही हैं।
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समाजवादी पार्टी की सरकार में शहर विधायक आजम खां सूबे के नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण समेत कई विभागों के मंत्री हुआ करते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में रामपुर में तमाम विकास कार्यों को कराया। विकास कार्य के लिए लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा। विरोध को दर किनार करते हुए शहर में विकास का पहिया घूमता रहा। अब सरकार बदली तो अब उन्हीं विकास के प्रोजेक्ट पर विरोधियों ने उंगली उठानी शुरू कर दी है। योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद विरोधी और एक्टिव हो गए। विरोध की शुरुआत वकफ संपत्तियों पर कब्जे के आरोपों से हुई है।
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सेंट्रल वक्फ कौंसिल के सदस्य एजाज अब्बास नकवी ने पिछले दिनों रामपुर पहुंचकर वक्फ की संपत्तियों का मुआयना किया और फिर उन्होंने अपनी एक रिपोर्ट भी काउंसिल को सौंप दी। इस रिपोर्ट में वक्फ संपत्तियों के रामपुर में ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों में भी अवैध कब्जे कराने के आरोप लगाए गए हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद खलबली मच गई है। सरकार के मंत्री भी इस पर जांच कराने की बात कह चुके हैं। लिहाजा विरोधी भी एक्टिव हो गए हैं। काउंसिल के साथ ही अब आईपीएस अमिताभ ठाकुर की समाजसेवी पत्नी नूतन ठाकुर जौहर शोध संस्थान के भवन को रामपुर पब्लिक स्कूल के लिए महज सौ रुपये सलाना में आवंटित किए जाने की शिकायत सरकार से कर चुकी हैं। फिलहालल कई प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में हैं,जिससे आजम खां की मुश्किलें बढती जा रही हैं।
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