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Rampur News: जर्जर बिल्डिंग ध्वस्त करने की तैयारी, नोटिस चस्पा, परिवारों में खलबली
Sat, 22 Feb 2025 01:15 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:15 AM IST
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रामपुर। चादर वाला बाग में रह रहे स्वास्थ्य कर्मियों और उनके परिवारों को सरकारी आवास खाली करने को नोटिस चस्पा हो गया है। इससे इन परिवारों में खलबली मची है। इन कर्मियों और उनके परिवार का आरोप है कि शुक्रवार सुबह सीएमओ के अर्दली और अन्य स्टाफ आकर शनिवार तक आवास खाली करने को चेता गए हैं। कहा है कि बिल्डिंग रविवार को ध्वस्त की जाएगी। उधर, सीएमओ का कहना है कि इन आवासों में अनधिकृत रूप से कब्जा कर लोग निवास कर रहे हैं।
जिला अस्पताल के स्वीपर रवि, वीर सिंह और सुनील कुमार ने बताया कि पुरानी आवासीय बिल्डिंग में 10 परिवार निवास कर रहे हैं। बताया कि शुक्रवार सुबह सीएमओ ने अपने अर्दली और डिस्पैच बाबू भेजकर शनिवार तक आवास खाली कराने को कहलाया है। ड्रग वेयर हाउस के कर्मी वीर सिंह ने बताया कि सीएमओ आवास भले ही हम लोगों से खाली कराकर ध्वस्त करा दें लेकिन, ये भवन जर्जर नहीं है।
छत से लेकर दीवारें तक मजबूत हैं। कहीं कोई दरार तक नहीं पड़ी है। कर्मियों ने कहा कि उनके सामने समस्या यह है कि 24 फरवरी से बच्चों की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। बच्चों की परीक्षा की तैयारी छोड़कर इतनी जल्दी आवास कैसे खाली कर देंगे। पिछली गर्मी भी सीएमओ ने ध्वस्त कराने के नाम पर आवास खाली कराया था लेकिन, ध्वस्त नहीं कराया। जिस पर हम लोग फिर किराए के भवन को छोड़कर आकर इसी में रहने लगे हैं।
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चस्पा नोटिस में लिखा है...
जिला औषधि भंडार (सेंट्रल मेडिकल स्टोर डिपो-सीएमएसडी) स्टोर के पीछे चादर वाला बाग स्थित पुरानी आवासीय बिल्डिंग की दीवार पर सीएमओ के आदेश पर नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस में लिखा है कि पुरानी आवासीय बिल्डिंग के आवास निष्प्रयोज्य घोषित हैं।बिल्डिंग के गिरने जैसी किसी भी अप्रिय घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इस आवासीय बिल्डिंग में अनधिकृत रूप से निवास कर रहे कुछ बाहरी व्यक्तियों व उनके परिवारों से जर्जर आवासों को खाली करने के लिए पहले भी नोटिस दिए गए हैं। लेकिन, संज्ञान में आया है कि इन आवासों को अभी तक खाली नहीं किया गया है। जर्जर आवासों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किया जाना है। इसलिए इनमें निवास कर रहे लोगों को तीन दिन के भीतर आवासों को खाली करने का मौका दिया है। इसके बाद 23 फरवरी को इन जर्जर आवासों के ध्वस्त करने की कार्रवाई करने को चेताया गया है। नोटिस में संबंधित परिवाराें से स्पष्ट कहा गया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान किसी भी व्यक्ति के सामान आदि के क्षतिग्रस्त होने की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की स्वयं होगी।
पुरानी आवासीय बिल्डिंग जर्जर है। इसमें लोग अवैध तरह से निवास कर रहे हैं। इनमें निवास करने वाले किसी भी परिवार को कोई आवंटन नहीं है। पहले भी दो नोटिस दिए हैं। लेकिन, कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं। शुक्रवार सुबह फिर एनाउंस कराया था कि आवासों से सामान निकाल लें। बिल्डिंग जर्जर है, यदि यहां कोई हादसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। इस बिल्डिंग पर हम निर्धारित तारीख में निश्चित तौर पर बुलडोजर चलवाएंगे। -डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
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जिला अस्पताल के स्वीपर रवि, वीर सिंह और सुनील कुमार ने बताया कि पुरानी आवासीय बिल्डिंग में 10 परिवार निवास कर रहे हैं। बताया कि शुक्रवार सुबह सीएमओ ने अपने अर्दली और डिस्पैच बाबू भेजकर शनिवार तक आवास खाली कराने को कहलाया है। ड्रग वेयर हाउस के कर्मी वीर सिंह ने बताया कि सीएमओ आवास भले ही हम लोगों से खाली कराकर ध्वस्त करा दें लेकिन, ये भवन जर्जर नहीं है।
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छत से लेकर दीवारें तक मजबूत हैं। कहीं कोई दरार तक नहीं पड़ी है। कर्मियों ने कहा कि उनके सामने समस्या यह है कि 24 फरवरी से बच्चों की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। बच्चों की परीक्षा की तैयारी छोड़कर इतनी जल्दी आवास कैसे खाली कर देंगे। पिछली गर्मी भी सीएमओ ने ध्वस्त कराने के नाम पर आवास खाली कराया था लेकिन, ध्वस्त नहीं कराया। जिस पर हम लोग फिर किराए के भवन को छोड़कर आकर इसी में रहने लगे हैं।
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चस्पा नोटिस में लिखा है...
जिला औषधि भंडार (सेंट्रल मेडिकल स्टोर डिपो-सीएमएसडी) स्टोर के पीछे चादर वाला बाग स्थित पुरानी आवासीय बिल्डिंग की दीवार पर सीएमओ के आदेश पर नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस में लिखा है कि पुरानी आवासीय बिल्डिंग के आवास निष्प्रयोज्य घोषित हैं।बिल्डिंग के गिरने जैसी किसी भी अप्रिय घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इस आवासीय बिल्डिंग में अनधिकृत रूप से निवास कर रहे कुछ बाहरी व्यक्तियों व उनके परिवारों से जर्जर आवासों को खाली करने के लिए पहले भी नोटिस दिए गए हैं। लेकिन, संज्ञान में आया है कि इन आवासों को अभी तक खाली नहीं किया गया है। जर्जर आवासों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किया जाना है। इसलिए इनमें निवास कर रहे लोगों को तीन दिन के भीतर आवासों को खाली करने का मौका दिया है। इसके बाद 23 फरवरी को इन जर्जर आवासों के ध्वस्त करने की कार्रवाई करने को चेताया गया है। नोटिस में संबंधित परिवाराें से स्पष्ट कहा गया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान किसी भी व्यक्ति के सामान आदि के क्षतिग्रस्त होने की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की स्वयं होगी।
पुरानी आवासीय बिल्डिंग जर्जर है। इसमें लोग अवैध तरह से निवास कर रहे हैं। इनमें निवास करने वाले किसी भी परिवार को कोई आवंटन नहीं है। पहले भी दो नोटिस दिए हैं। लेकिन, कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं। शुक्रवार सुबह फिर एनाउंस कराया था कि आवासों से सामान निकाल लें। बिल्डिंग जर्जर है, यदि यहां कोई हादसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। इस बिल्डिंग पर हम निर्धारित तारीख में निश्चित तौर पर बुलडोजर चलवाएंगे। -डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ