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वाल्मीकि जयंती पर निकली प्रभात फेरी, जगह-जगह हुए कार्यक्रम
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रामपुर। वाल्मीकि जयंती के अवसर पर नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। नगर में भावाधस की ओर से प्रभात फेरी भी निकाली गई।
भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की ओर से निकाली गई प्रभात फेरी की शुरुआत मोहल्ला तोपखाना से बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष श्याम लाल ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद प्रभात फेरी चरख वाली मस्जिद, मोहल्ला मदरसा कोहना, आखूनखेलान, अस्तबल, पक्का बाग, मोहल्ला हाथी खाना, कुंडा होते हुए कोसी मार्ग स्थित वाल्मीकि मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान मार्ग में कई स्थानों पर प्रभात फेरी का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस मौके पर भावाधस के राष्ट्रीय प्रमुख भीम अनार्य ने कहा कि जब तक संसार रहेगा तब तक वाल्मीकि रामायण का गुणगान होता रहेगा। उन्होंने कहा कि रामायण मात्र धर्मग्रंथ नहीं बल्कि अंधेरे से उजाले की ओर से जाने वाला रास्ता है। इस अवसर पर कमल द्रविड़, अनिल गुड्डू, पारस, शिवम चंद्रा, सूरज सिंह, शिवा गौतम, दिनेश बाबू, संजय विराट, सुरेश चौधरी, शिवा दैत्य, मत्तन लाल, शरद राज, अविनाश, मुकेश चौधरी, नितिन कुमार, मनीष, विनय चौधरी आदि मौजूद रहे।
इसके साथ ही वाल्मीकि शक्ति दल की ओर से मोहल्ला चादरवाला बाग में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दल के प्रमुख प्रेम प्रकाश ने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने रामायण समस्त संसार की मानव जाति के लिए लिखी। उन्होंने कहा कि महाकाव्य रामायण में जीवन को आदर्श तरीके से जीने का सार है। इस अवसर पर संजू प्रकाश, गौरव सागर, अंकित, अन्नू, सोनू, बॉबी, विनोद कुमार, आकाश, आूश, सुनील, शिवम वाल्मीकि आदि मौजूद रहे। भावाधस की ओर से ककरौआ में भी वाल्मीकि मंदिर पर पूजा-पाठ किया गया। इसके बाद वाल्मीकि कृत रामायण का पाठ हुआ। इस अवसर पर संजीव वाल्मीकि, दिलीप वाल्मीकि, राजेश वाल्मीकि, चंद्रपाल, श्यामलाल, आकाश, विकास आदि मौजूद रहे। आदि धर्म समाज की ओर से सैदनगर मुडिया गांव में सत्संग का आयोजन हुआ। जिसमें अमर आदिवासी ने कहा कि सृष्टिकर्ता वाल्मीकि दयावान के हाथ की कलम शिक्षा का इशारा करती है। क्योंकि मोक्ष तो सिर्फ ज्ञान से ही मिलता है। उन्होंने समाज के लोगों से नशा और बुराई को छोड़कर शिक्षा ग्रहण करने की अपील की। इस दौरान हरपाल, अजय, रमेश, राजवती, जगदीश, सोमपाल, रामदास, सुमित, गगनदीप, मुकेश, अमित, राकेश करोतिया, नेरश कुमार, अरुण कठारिया, नवीन राही आदि मौजूद रहे।
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भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की ओर से निकाली गई प्रभात फेरी की शुरुआत मोहल्ला तोपखाना से बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष श्याम लाल ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद प्रभात फेरी चरख वाली मस्जिद, मोहल्ला मदरसा कोहना, आखूनखेलान, अस्तबल, पक्का बाग, मोहल्ला हाथी खाना, कुंडा होते हुए कोसी मार्ग स्थित वाल्मीकि मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान मार्ग में कई स्थानों पर प्रभात फेरी का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस मौके पर भावाधस के राष्ट्रीय प्रमुख भीम अनार्य ने कहा कि जब तक संसार रहेगा तब तक वाल्मीकि रामायण का गुणगान होता रहेगा। उन्होंने कहा कि रामायण मात्र धर्मग्रंथ नहीं बल्कि अंधेरे से उजाले की ओर से जाने वाला रास्ता है। इस अवसर पर कमल द्रविड़, अनिल गुड्डू, पारस, शिवम चंद्रा, सूरज सिंह, शिवा गौतम, दिनेश बाबू, संजय विराट, सुरेश चौधरी, शिवा दैत्य, मत्तन लाल, शरद राज, अविनाश, मुकेश चौधरी, नितिन कुमार, मनीष, विनय चौधरी आदि मौजूद रहे।
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इसके साथ ही वाल्मीकि शक्ति दल की ओर से मोहल्ला चादरवाला बाग में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दल के प्रमुख प्रेम प्रकाश ने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने रामायण समस्त संसार की मानव जाति के लिए लिखी। उन्होंने कहा कि महाकाव्य रामायण में जीवन को आदर्श तरीके से जीने का सार है। इस अवसर पर संजू प्रकाश, गौरव सागर, अंकित, अन्नू, सोनू, बॉबी, विनोद कुमार, आकाश, आूश, सुनील, शिवम वाल्मीकि आदि मौजूद रहे। भावाधस की ओर से ककरौआ में भी वाल्मीकि मंदिर पर पूजा-पाठ किया गया। इसके बाद वाल्मीकि कृत रामायण का पाठ हुआ। इस अवसर पर संजीव वाल्मीकि, दिलीप वाल्मीकि, राजेश वाल्मीकि, चंद्रपाल, श्यामलाल, आकाश, विकास आदि मौजूद रहे। आदि धर्म समाज की ओर से सैदनगर मुडिया गांव में सत्संग का आयोजन हुआ। जिसमें अमर आदिवासी ने कहा कि सृष्टिकर्ता वाल्मीकि दयावान के हाथ की कलम शिक्षा का इशारा करती है। क्योंकि मोक्ष तो सिर्फ ज्ञान से ही मिलता है। उन्होंने समाज के लोगों से नशा और बुराई को छोड़कर शिक्षा ग्रहण करने की अपील की। इस दौरान हरपाल, अजय, रमेश, राजवती, जगदीश, सोमपाल, रामदास, सुमित, गगनदीप, मुकेश, अमित, राकेश करोतिया, नेरश कुमार, अरुण कठारिया, नवीन राही आदि मौजूद रहे।
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