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देखिए! कैसे जौहर यूनिवर्सिटी का हिस्सा बन गया बिजलीघर
अखिलेश शर्मा/ रामपुर
Updated Tue, 04 Apr 2017 12:27 AM IST
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यूं तो बिजलीघर आम पब्लिक के लिए बनाया गया था, लेकिन इसे जौहर यूनिवर्सिटी को ही सुपुर्द कर दिया गया। अब इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की गई है। आरोप लगाया है कि सत्ता के दवाब में बिजली अफसरों ने सरकारी धनराशि से बना बिजलीघर यूनिवर्सिटी के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही यूनिवर्सिटी की दीवार भी खींच दी गई।
सपा सरकार में सूबे के कद्दावर मंत्री रहे आजम खां पर लगातार घपले के आरोप लग रहे हैं। आजम के कई प्रोजेक्ट विरोधियों के निशाने पर हैं। वक्फ की जमीन कब्जाने के आरोप शिया वक्फ बोर्ड काउंसिल की ओर से लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य गंभीर आरोप लगाने की बात सामने आई है जिससे आजम खां लगातार परेशानी में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। विरोधी लगातार हमले कर रहे हैं। इस बीच आरटीआई कार्यकर्ता दानिश खां ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के बगल में बिजलीघर बनाया गया था। इस बिजलीघर से यूनिवर्सिटी के साथ ही आसपास के गांव में बिजली सप्लाई हुआ करती थी, लेकिन सरकार में रहते ही बिजलीघर को यूनिवर्सिटी के कब्जे में ले लिया गया। पूरे बिजलीघर के चारों ओर यूनिवर्सिटी की ओर से दीवार खिंचवा दी गई। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच करा कर कार्रवाई कराने की मांग रखी है।
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