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Rampur News: ड्रोन की दहशत में नहीं सो रहे लोग, पुलिस की भी नींद उड़ी
Sat, 19 Jul 2025 01:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 19 Jul 2025 01:29 AM IST
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मुरादाबाद/रामपुर। मुंह नोचवा, बाल कटवा के शोर के बाद ग्रामीण इलाकों में इन दिनों ड्रोन की दहशत से लोग सो नहीं पा रहे हैं। बच्चे और महिलाएं घरों में कैद हैं। आलम यह है कि लोग घरों की छतों पर बैठ कर पहरा दे रहे हैं। ड्रोन के शोर ने पुलिस भी नींद उड़ा रखी है। शोर उड़ने की सूचनाएं अफसरों तक पहुंच रही हैं। पुलिस टीमें गांव-गांव गश्त दे रही हैं लेकिन ड्रोन उड़ने का रहस्य बरकरार है।
संभल, अमरोहा होते हुए ड्रोन का शोर छललैट और कांठ क्षेत्र में पहुंच गया। पिछले एक सप्ताह से कांठ और छजलैट क्षेत्र के लोग सो नहीं पा रहे हैं। शाम होते हुए लोग अपने घरों में पहुंच रहे हैं। रात में खेतों पर भी जाना बंद कर दिया है। बृहस्पतिवार की रात अगवानपुर, डिलारी और मूंढापांडे क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने ड्रोन उड़ते देखा है। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस गांव पहुंची तो ड्रोन उससे पहले ही गायब हो गया। लोगों के साथ ही पुलिस भी हैरान है कि ड्रोन कौन उड़ा रहा है और कहां से आ रहे हैं। एक सप्ताह से परेशान अधिकारियों ने अब खुफिया तंत्र को भी एक्टिव कर दिया है। एलआईयू ने भी गांव-गांव जाकर लोगों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को अलग-अलग गांव पहुंचकर टीमों ने लोगों से ड्रोन के बारे में जानकारी जुटाई है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह का कहना है कि हमारी टीमें ड्रोन उड़ाने के सच की तलाश में जुटी हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कोई इस तरह की अफवाह तो नहीं फैला रहा है। मेले और बाजारों में देखा गया है कि कुछ खिलौने ऐसे आए गए हैं जिनमें छोटी-छोटी बैटरियां लगी होती हैं जो हवा में उड़ते हैं और उनमें रोशनी जलती है।
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अफवाह फैलाना भी एक तरह की बीमारी होती है
मुरादाबाद। मनोचिकित्सक डॉ. नीरज गुप्ता का कहना है कि मास हिस्टीरिया जिसे सामूहिक मनोवैज्ञानिक बीमारी भी कहा जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें एक समूह के लोगों में समान लक्षण विकसित होते हैं। यह अक्सर तनाव, चिंता या भय के कारण होता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। अगर कोई व्यक्ति किसी बात को बार-बार दोहराता और उसके साथ दूसरे लोग भी उसकी बात पर विश्वास करके इन बातों को आगे बढ़ाते हैं तो ऐसे लोगों की संख्या बढ़ जाती है। पूरा एक समूह इस बीमारी की चपेट में आ जाता है।
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डॉक्टर का कहना है कि इन दिनों ड्रोन की अफवाह तेजी से फैल रही है। यह लोगों के दिमाग में इस तरह की जगह बना चुकी है कि अगर उन्हें आसमान में किसी तरह की रोशनी भी दिखाई दे रही तो वह ड्रोन ही मान रहे हैं। किसी बात की बार-बार चर्चा होती है तो हमारी आंखों में एक तस्वीर बन जाती है। हम उसे ही सच मानने लगते हैं। जैसे ही चर्चा बंद होती है तो उसकी तस्वीर धुंधली होने लगती है। जो लोग ड्रोन देखने का दावा कर रहे हैं ऐसे लोगों की काउंसिलिंग की जाए। मनोचिकित्सक और वैज्ञानिकों को इस पर रिसर्च करना चाहिए।
वीआईपी क्षेत्रों और एयरपोर्ट के नजदीक ड्रोन प्रतिबंधित
सिर्फ नैनो ड्रोन को पंजीकरण में छूट, जिले में अभी कोई परमिशन लेने नहीं आया
मुरादाबाद। वीवीआईपी के आने पर और एयरपोर्ट के इर्द गिर्द ड्रोन को उड़ाना प्रतिबंधित है। जिले में बगैर परमिशन लिए लोग ड्रोन उड़ा रहे हैं। अभी तक कोई परमिशन लेने के लिए डीएम या एडीएम सिटी के पास नहीं पहुंचा है।
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माइक्रो ड्रोन के लिए पंजीकरण आवश्यक
माइक्रो ड्रोन 250 ग्राम से दो किलोग्राम वजन का होता है। इस ड्रोन का पंजीकरण आवश्यक होता है। पंजीकरण के बाद ड्रोन स्वामी 200 फीट तक ड्रोन उड़ा सकता है। इसी प्रकार का ड्रोन उड़ाने के लिए नगर निगम ने एडीएम सिटी से अनुमति ली थी। ड्रोन की चार श्रेणियां बनाईं गई हैं। इनमें नैनो ड्रोन का वजन 250 ग्राम तक होता है। घरेलू कार्यों के लिए इस प्रकार के ड्रोन को 50 फीट ऊपर तक उड़ाया जा सकता है। इसके लिए ऐसे ड्रोन के स्वामी को पंजीकरण या परमिशन की आवश्यकता नहीं होती है।
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स्मॉल ड्रोन के लिए डीजीसीए से अनुमति जरूरी
स्मॉल ड्रोन का वजन 2 किलोग्राम से 25 किलोग्राम तक माना जाता है। डीजीसीए (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से अनुमति लेकर ड्रोन स्वामी 400 फीट तक उड़ान करा सकता है।
व्यावसायिक कार्यों के लिए वेबसाइट पर कराना होगा पंजीकरण
व्यावसायिक कार्यों के लिए ड्रोन खरीदने और उड़ाने से पहले यूडीएएन पोर्टल पर पर पंजीकरण कराना होगा। ड्रोन उड़ाने के लिए आपको सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर ड्रोन ऑपरेटर के रूप में रजिस्ट्रेशन करना होगा। अपने ड्रोन का यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) लेना होगा। पंजीकरण के बाद ड्रोन को एक डिजिटल टैग या क्यूआर कोड से चिन्हित करना अनिवार्य होता है।
ड्रोन उड़ाते समय बरतें सावधानियां
सार्वजनिक जगहों पर ड्रोन उड़ाते समय लोगों की भीड़ से दूर रहना चाहिए। रात के समय ड्रोन अनुमति प्राप्त होने पर उड़ाना चाहिए। ड्रोन से गोपनीयता का उल्लंघन जैसे किसी के घर या निजी संपत्ति की रिकॉर्डिंग न करें। ड्रोन में फ्लाइट लॉगिंग और जीपीएस ट्रैकिंग ऑन रखें। किसी भी तरह की दुर्घटना या सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में स्थानीय पुलिस और डीजीसीए को सूचित करें। भारत में चाइनीज ड्रोन के कई मॉडलों पर प्रतिबंध है। फायरक्रैकर्स, हथियार या खतरनाक सामान ले जाने के लिए ड्रोन का उपयोग गैरकानूनी है। ड्रोन को जासूसी या सैन्य निगरानी के लिए उपयोग करना बिना लाइसेंस के अपराध की श्रेणी में आता है।
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वर्जन
जिले में बड़ा ड्रोन उड़ाने के लिए आम जनता को अनुमति लेना जरूरी है। वीवीआईपी के आने और एयरपोर्ट आदि क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित किया गया है।
अनुज सिंह डीएम मुरादाबाद
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ग्रामीणों का दावा, रात में 10 बजे से 3 बजे तक उड़ते रहे ड्रोन
डिलारी। क्षेत्र के सलेम सराय, काजीपुरा, मुस्तफापुर व चटकाली गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने बृहस्पतिवार की रात 10 बजे से सुबह तीन बजे तक ड्रोन को उड़ते हुए देखा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आसमान में चार और पांच रंग बिरंगी लाइटें दिखाई देती हैं। सलेम सराय के युवाओं ने वीडियो बना कर उसे वायरल किया है। सुखवीर सिंह, जीवन सिंह, इसफान, मोना, मासूम ने बताया कि दो दिन से ग्रामीण अपने मकानों की छत पर सुरक्षा उपकरणों के साथ निगरानी कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस भी यह पता नहीं लगा पाई है कि यह ड्रोन कहां से आए रहे हैं। गांव के ऊपर घूमने के बाद ड्रोन जंगल की ओर जाकर अचानक गायब हो जाते हैं।
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लोग टोलियां बनाकर कर रहे गांव की सुरक्षा
सैदनगर। टांडा थाना क्षेत्र के सींगनी पसियापुरा में ड्रोन देखे जाने के बाद ग्रामीण अलर्ट हो गए हैं। टोलियां बनाकर गांव की सुरक्षा की जा रही है।
सैदनगर तथा उससे सटे ग्रामों में एक सप्ताह से चोरों की आवाजाही बढ़ गई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में कोई अज्ञात लोगों को पकड़ा जाता है तो पुलिस बिना पूछताछ के छोड़ देती है। दो दिन पहले अहमदनगर कलां में दो युवकों को रात को पकड़ लिया गया था। उनको सैदनगर पुलिस को सौंपा गया था लेकिन बिना पूछताछ के छोड़ दिया गया। इसी तरह अजीमनगर थाना क्षेत्र के सींगनखेडा में ग्रामीणों ने ड्रोन का वीडियो बनाकर वायरल किया। वहीं रात को गांव में चोरों के आने की आहट हुई थी परंतु ग्रामीणों के जागने एवं शोर मचाने पर वह भाग गए। गांव वालों का कहना है कि चोरों से सावधान रहने के लिए मस्जिद और मंदिरों से ऐलान भी कराए जा रहे हैं। किसी तरह की वारदात न हो इसके लिए लोग रात में जाग रहे हैं। संवाद
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आसमान में ड्रोन, धरती पर चोरों का शोर
अगवानपुर। बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े तीन बजे तक ड्रोन उड़ते दिखाई दिए। कासिम नगर निवासी खुर्शीद, वसीम, इस्लाम और नाजिम ने साढ़े 11 बजे ड्रोन उड़ने पर शोर मचाया। वहीं बाईपास के लोग नाजिम, शबीना और इकरार ने ड्रोन को उड़ते हुए देखा तो लोगों ने शोर मचा दिया। ऐसा ही हाल तारावाले कुएं का था। यहां भी लोगों ने आसमान में ड्रोन के उड़ने का दावा करते हुए शोर मचाने लगे। पुलिस की ईगल और लैपर्ड कस्बे के मोहल्लों में गश्त करती रही। पुलिस के समझाने पर लोग शांत हुए लेकिन ड्रोन का भय मन से दूर नहीं हुआ। संवाद
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कांठ व छजलैट के कई गांवों में उड़ते देखे गए ड्रोन
कांठ। ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन की दहशत लोगों में बरकरार है। कांठ और छजलैट के कई गांवों में ग्रामीणों ने ड्रोन देखे जाने का दावा किया है। रात कांठ के गांव खलीलपुर कद्दीम, अहमदपुर निंगू नंगला, रसूलपुर गुर्जर, खतापुर, सिरसा, ठाट, छजलैट के महेंद्री सिकंदरपुर, भीकनपुर आदि में ड्रोन उड़ते दिखाई दिए हैं। ग्रामीण यह नहीं समझ पा रहे हैं कि यह ड्रोन कौन और क्यों उड़ा रहा है। शरारती तत्वों द्वारा यह ग्रामीणों में दहशत बैठाने की योजना है या फिर कोई गहरी साजिश। फिलहाल करीब दस दिन से क्षेत्र में लगातार ड्रोन दिखाई देने का शोर मचा हुआ है। संवाद
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संभल, अमरोहा होते हुए ड्रोन का शोर छललैट और कांठ क्षेत्र में पहुंच गया। पिछले एक सप्ताह से कांठ और छजलैट क्षेत्र के लोग सो नहीं पा रहे हैं। शाम होते हुए लोग अपने घरों में पहुंच रहे हैं। रात में खेतों पर भी जाना बंद कर दिया है। बृहस्पतिवार की रात अगवानपुर, डिलारी और मूंढापांडे क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने ड्रोन उड़ते देखा है। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस गांव पहुंची तो ड्रोन उससे पहले ही गायब हो गया। लोगों के साथ ही पुलिस भी हैरान है कि ड्रोन कौन उड़ा रहा है और कहां से आ रहे हैं। एक सप्ताह से परेशान अधिकारियों ने अब खुफिया तंत्र को भी एक्टिव कर दिया है। एलआईयू ने भी गांव-गांव जाकर लोगों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को अलग-अलग गांव पहुंचकर टीमों ने लोगों से ड्रोन के बारे में जानकारी जुटाई है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह का कहना है कि हमारी टीमें ड्रोन उड़ाने के सच की तलाश में जुटी हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कोई इस तरह की अफवाह तो नहीं फैला रहा है। मेले और बाजारों में देखा गया है कि कुछ खिलौने ऐसे आए गए हैं जिनमें छोटी-छोटी बैटरियां लगी होती हैं जो हवा में उड़ते हैं और उनमें रोशनी जलती है।
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अफवाह फैलाना भी एक तरह की बीमारी होती है
मुरादाबाद। मनोचिकित्सक डॉ. नीरज गुप्ता का कहना है कि मास हिस्टीरिया जिसे सामूहिक मनोवैज्ञानिक बीमारी भी कहा जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें एक समूह के लोगों में समान लक्षण विकसित होते हैं। यह अक्सर तनाव, चिंता या भय के कारण होता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। अगर कोई व्यक्ति किसी बात को बार-बार दोहराता और उसके साथ दूसरे लोग भी उसकी बात पर विश्वास करके इन बातों को आगे बढ़ाते हैं तो ऐसे लोगों की संख्या बढ़ जाती है। पूरा एक समूह इस बीमारी की चपेट में आ जाता है।
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डॉक्टर का कहना है कि इन दिनों ड्रोन की अफवाह तेजी से फैल रही है। यह लोगों के दिमाग में इस तरह की जगह बना चुकी है कि अगर उन्हें आसमान में किसी तरह की रोशनी भी दिखाई दे रही तो वह ड्रोन ही मान रहे हैं। किसी बात की बार-बार चर्चा होती है तो हमारी आंखों में एक तस्वीर बन जाती है। हम उसे ही सच मानने लगते हैं। जैसे ही चर्चा बंद होती है तो उसकी तस्वीर धुंधली होने लगती है। जो लोग ड्रोन देखने का दावा कर रहे हैं ऐसे लोगों की काउंसिलिंग की जाए। मनोचिकित्सक और वैज्ञानिकों को इस पर रिसर्च करना चाहिए।
वीआईपी क्षेत्रों और एयरपोर्ट के नजदीक ड्रोन प्रतिबंधित
सिर्फ नैनो ड्रोन को पंजीकरण में छूट, जिले में अभी कोई परमिशन लेने नहीं आया
मुरादाबाद। वीवीआईपी के आने पर और एयरपोर्ट के इर्द गिर्द ड्रोन को उड़ाना प्रतिबंधित है। जिले में बगैर परमिशन लिए लोग ड्रोन उड़ा रहे हैं। अभी तक कोई परमिशन लेने के लिए डीएम या एडीएम सिटी के पास नहीं पहुंचा है।
माइक्रो ड्रोन के लिए पंजीकरण आवश्यक
माइक्रो ड्रोन 250 ग्राम से दो किलोग्राम वजन का होता है। इस ड्रोन का पंजीकरण आवश्यक होता है। पंजीकरण के बाद ड्रोन स्वामी 200 फीट तक ड्रोन उड़ा सकता है। इसी प्रकार का ड्रोन उड़ाने के लिए नगर निगम ने एडीएम सिटी से अनुमति ली थी। ड्रोन की चार श्रेणियां बनाईं गई हैं। इनमें नैनो ड्रोन का वजन 250 ग्राम तक होता है। घरेलू कार्यों के लिए इस प्रकार के ड्रोन को 50 फीट ऊपर तक उड़ाया जा सकता है। इसके लिए ऐसे ड्रोन के स्वामी को पंजीकरण या परमिशन की आवश्यकता नहीं होती है।
स्मॉल ड्रोन के लिए डीजीसीए से अनुमति जरूरी
स्मॉल ड्रोन का वजन 2 किलोग्राम से 25 किलोग्राम तक माना जाता है। डीजीसीए (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से अनुमति लेकर ड्रोन स्वामी 400 फीट तक उड़ान करा सकता है।
व्यावसायिक कार्यों के लिए वेबसाइट पर कराना होगा पंजीकरण
व्यावसायिक कार्यों के लिए ड्रोन खरीदने और उड़ाने से पहले यूडीएएन पोर्टल पर पर पंजीकरण कराना होगा। ड्रोन उड़ाने के लिए आपको सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर ड्रोन ऑपरेटर के रूप में रजिस्ट्रेशन करना होगा। अपने ड्रोन का यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) लेना होगा। पंजीकरण के बाद ड्रोन को एक डिजिटल टैग या क्यूआर कोड से चिन्हित करना अनिवार्य होता है।
ड्रोन उड़ाते समय बरतें सावधानियां
सार्वजनिक जगहों पर ड्रोन उड़ाते समय लोगों की भीड़ से दूर रहना चाहिए। रात के समय ड्रोन अनुमति प्राप्त होने पर उड़ाना चाहिए। ड्रोन से गोपनीयता का उल्लंघन जैसे किसी के घर या निजी संपत्ति की रिकॉर्डिंग न करें। ड्रोन में फ्लाइट लॉगिंग और जीपीएस ट्रैकिंग ऑन रखें। किसी भी तरह की दुर्घटना या सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में स्थानीय पुलिस और डीजीसीए को सूचित करें। भारत में चाइनीज ड्रोन के कई मॉडलों पर प्रतिबंध है। फायरक्रैकर्स, हथियार या खतरनाक सामान ले जाने के लिए ड्रोन का उपयोग गैरकानूनी है। ड्रोन को जासूसी या सैन्य निगरानी के लिए उपयोग करना बिना लाइसेंस के अपराध की श्रेणी में आता है।
वर्जन
जिले में बड़ा ड्रोन उड़ाने के लिए आम जनता को अनुमति लेना जरूरी है। वीवीआईपी के आने और एयरपोर्ट आदि क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित किया गया है।
अनुज सिंह डीएम मुरादाबाद
ग्रामीणों का दावा, रात में 10 बजे से 3 बजे तक उड़ते रहे ड्रोन
डिलारी। क्षेत्र के सलेम सराय, काजीपुरा, मुस्तफापुर व चटकाली गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने बृहस्पतिवार की रात 10 बजे से सुबह तीन बजे तक ड्रोन को उड़ते हुए देखा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आसमान में चार और पांच रंग बिरंगी लाइटें दिखाई देती हैं। सलेम सराय के युवाओं ने वीडियो बना कर उसे वायरल किया है। सुखवीर सिंह, जीवन सिंह, इसफान, मोना, मासूम ने बताया कि दो दिन से ग्रामीण अपने मकानों की छत पर सुरक्षा उपकरणों के साथ निगरानी कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस भी यह पता नहीं लगा पाई है कि यह ड्रोन कहां से आए रहे हैं। गांव के ऊपर घूमने के बाद ड्रोन जंगल की ओर जाकर अचानक गायब हो जाते हैं।
लोग टोलियां बनाकर कर रहे गांव की सुरक्षा
सैदनगर। टांडा थाना क्षेत्र के सींगनी पसियापुरा में ड्रोन देखे जाने के बाद ग्रामीण अलर्ट हो गए हैं। टोलियां बनाकर गांव की सुरक्षा की जा रही है।
सैदनगर तथा उससे सटे ग्रामों में एक सप्ताह से चोरों की आवाजाही बढ़ गई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में कोई अज्ञात लोगों को पकड़ा जाता है तो पुलिस बिना पूछताछ के छोड़ देती है। दो दिन पहले अहमदनगर कलां में दो युवकों को रात को पकड़ लिया गया था। उनको सैदनगर पुलिस को सौंपा गया था लेकिन बिना पूछताछ के छोड़ दिया गया। इसी तरह अजीमनगर थाना क्षेत्र के सींगनखेडा में ग्रामीणों ने ड्रोन का वीडियो बनाकर वायरल किया। वहीं रात को गांव में चोरों के आने की आहट हुई थी परंतु ग्रामीणों के जागने एवं शोर मचाने पर वह भाग गए। गांव वालों का कहना है कि चोरों से सावधान रहने के लिए मस्जिद और मंदिरों से ऐलान भी कराए जा रहे हैं। किसी तरह की वारदात न हो इसके लिए लोग रात में जाग रहे हैं। संवाद
आसमान में ड्रोन, धरती पर चोरों का शोर
अगवानपुर। बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े तीन बजे तक ड्रोन उड़ते दिखाई दिए। कासिम नगर निवासी खुर्शीद, वसीम, इस्लाम और नाजिम ने साढ़े 11 बजे ड्रोन उड़ने पर शोर मचाया। वहीं बाईपास के लोग नाजिम, शबीना और इकरार ने ड्रोन को उड़ते हुए देखा तो लोगों ने शोर मचा दिया। ऐसा ही हाल तारावाले कुएं का था। यहां भी लोगों ने आसमान में ड्रोन के उड़ने का दावा करते हुए शोर मचाने लगे। पुलिस की ईगल और लैपर्ड कस्बे के मोहल्लों में गश्त करती रही। पुलिस के समझाने पर लोग शांत हुए लेकिन ड्रोन का भय मन से दूर नहीं हुआ। संवाद
कांठ व छजलैट के कई गांवों में उड़ते देखे गए ड्रोन
कांठ। ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन की दहशत लोगों में बरकरार है। कांठ और छजलैट के कई गांवों में ग्रामीणों ने ड्रोन देखे जाने का दावा किया है। रात कांठ के गांव खलीलपुर कद्दीम, अहमदपुर निंगू नंगला, रसूलपुर गुर्जर, खतापुर, सिरसा, ठाट, छजलैट के महेंद्री सिकंदरपुर, भीकनपुर आदि में ड्रोन उड़ते दिखाई दिए हैं। ग्रामीण यह नहीं समझ पा रहे हैं कि यह ड्रोन कौन और क्यों उड़ा रहा है। शरारती तत्वों द्वारा यह ग्रामीणों में दहशत बैठाने की योजना है या फिर कोई गहरी साजिश। फिलहाल करीब दस दिन से क्षेत्र में लगातार ड्रोन दिखाई देने का शोर मचा हुआ है। संवाद