अब्दुल्ला आजम दो पासपोर्ट मामला: एक अधिकारी ने दी गवाही, बोले- 2006 व 2012 में जन्मतिथि बदलवाने के लिए किया आवेदन
सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट मामले की सोमवार को सुनवाई हुई। जिसमें पासपोर्ट अधिकारी ने कोर्ट में गवाही दी। कोर्ट ने जिरह के लिए 13 मई की तारीख तय की है।
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समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां के बेटे व स्वार विधानसभा क्षेत्र से विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट के मामले में सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पासपोर्ट अधिकारी ने कोर्ट में गवाही दी। कोर्ट ने जिरह के लिए 13 मई की तारीख तय की है।
इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। सोमवार को दो पासपोर्ट के मामले में बरेली से आए पासपोर्ट अधिकारी मोहम्मद नसीम ने गवाही दी। उन्होंने अपने बयानों में कहा कि आरोपी ने पासपोर्ट में जन्मतिथि में परिवर्तन कराने के लिए पहली बार वर्ष 2006 में आवेदन कराया था। इसके बाद उन्होंने दूसरा आवेदन वर्ष 2012 में कराया था। गवाह द्वारा पत्रावली पर मौजूद दस्तावेजों को साबित किया गया। उनकी मुख्य परीक्षा पूर्ण हो गई है। कोर्ट ने जिरह के लिए 13 मई की तारीख तय की है।
साल 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में सपा नेता आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पासपोर्ट रखने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें विवेचना के बाद विवेचक द्वारा आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। विधायक अब्दुल्ला आजम की जमानत कोर्ट द्वारा मंजूर हो चुकी है।