फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Pandit Deendayal statue once again established after 15 years of struggle

15 साल की जद्दोजहद के बाद एक बार फिर स्थापित हुई पंडित दीनदयाल प्रतिमा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2020 11:42 PM IST
विज्ञापन
Pandit Deendayal statue once again established after 15 years of struggle
रामपुर में रविवार को आंबेडकर पार्क के सामने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करत - फोटो : RAMPUR
रामपुर। पंद्रह साल से भी अधिक समय की लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार एक बार फिर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा की भव्य स्थापना हो गई। 15 साल पहले एक आंदोलन के रूप में जिस बात को लेकर भाजपा-सपा के नेता आमने-सामने आए थे वह विवाद भी संभवत: अब हल हो गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा हालांकि अपने पुराने स्थान पर नहीं लग सकी लेकिन, उस स्थान पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर मामला कोर्ट में भी चला गया था। इसके बाद से ही एक उचित स्थान पर छोटे से पार्क के रूप में भव्य प्रतिमा स्थापना को लेकर भाजपाइयों की मांग चली आ रही थी।
विज्ञापन

2005 का जून महीना, प्रदेश में सपा सरकार और मोहम्मद आजम खां प्रदेश सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री, उसी दौर में जब जौहर विवि की स्थापना की शुरुआती दिन हुए और विवि तक की सड़कों को चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण की योजना शायद जहन या कागज में उतरी ही होगी। उसी वक्त जून माह में आंबेडकर पार्क के सामने स्थित पंडित दीनदयाल चौक व वहां पर लगी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा रातों रात हटा दी गई। इसको लेकर काफी बवाल हुआ, उग्र भाजपाइयों ने विरोध में आंदोलन का एलान कर दिया। प्रदेश भर से दिग्गज नेताओं ने जुटने का एलान किया। इस पर आननफानन में इस विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाते हुए उस वक्त के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केसरी नाथ त्रिपाठी को मुरादाबाद, एमएलसी डॉ. नैपाल सिंह को चंदौसी और भाजपा के नेता सदन लाल जी टंडन को बरेली में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद से ही आज तक लगातार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थापना की मांग उठती रही। रविवार को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने डीएम आवास के निकट एक सुंदर पार्क में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण और माल्यार्पण कर भाजपाइयों की इस मांग और इस पार्क और प्रतिमा स्थापना व सौंदर्यीकरण के लिए गंभीर प्रयास करने वाले जिलाध्यक्ष अभय गुप्ता की मेहनत पूरी हो गई।
विज्ञापन

प्रदेश में आई सत्ता तो प्रतिमा स्थापना की मांग ने पकड़ा जोर
रामपुर। साल 2017 में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार पूर्ण बहुमत से बनी तो भाजपाइयों ने एक बार फिर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा को पुराने स्थान पर लगवाने की मांग उठानी शुरू कर दी। लेकिन, मामले के कोर्ट में होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने सितंबर 2017 में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख और अन्य भाजपा नेताओं की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रतिमा स्थापना को लेकर निर्देश दिए। इसके बाद उचित स्थान और प्रतिमा स्थापना को लेकर कवायद शुरू हुई लेकिन, प्रतिमा स्थापना के काम ने अभय गुप्ता के जिलाध्यक्ष बनने के बाद जोर पकड़ा। उन्होंने इस कार्य को गंभीरता और प्राथमिकता के साथ लेते हुए तेजी से कार्य कराया। इस मौके पर प्रदेश के पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, पैक्सफेड के चेयरमैन सूर्यप्रकाश पाल, जुगेश अरोड़ा कुक्कू, राजीव मांगलिक, भारत भूषण गुप्ता, कपिल गुप्ता और अनुज सक्सेना सहित अन्य कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जब आजम खां ने दी थी सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी और आर्थिक मदद की पेशकश
रामपुर। लोकसभा सांसद आजम खां तब शहर विधानसभा से विधायक थे और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा राज्यसभा सदस्य थीं। प्रदेश में भाजपा सरकार बनी ही थी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा को पुराने स्थान पर लगाने के लिए मांग जोर पकड़ रही थी। तभी एक रात अचानक प्रतिमा के पुराने स्थान पर गड्ढे खुद गए। इस पर लोगों ने कयास लगाया कि शायद एक बार फिर पंडित दीनदयाल की प्रतिमा पुराने स्थान पर आ जाएगी, इस पर आजम खां ने कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए हाईवे से सौ मीटर दूरी तक कहीं भी कोई प्रतिमा न लगाए जाने की बात कही थी। साथ ही उस स्थान पर हाईकोर्ट से स्टे की बात कहते हुए प्रतिमा लगाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही थी। इसके बाद प्रतिमा डीएम आवास के निकट एक छोटे से पार्क का निर्माण करवाकर लगवाने का निर्णय लिया गया। इसको लेकर आजम खां ने भी एलान किया था कि वह अपनी विधायक निधि से सौंदर्यीकरण के लिए 3 लाख और पत्नी राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा की निधि से 2 लाख रुपये देने का एलान किया था लेकिन इस मद में पैसा जारी नहीं हुआ था।

नकवी ने राष्ट्रपति से की थी शिकायत
रामपुर। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रतिमा का लोकार्पण कर माल्यार्पण किया। लेकिन, जिस दौर में प्रतिमा और चौक ध्वस्त किए गए थे तब नकवी ने भी राष्ट्रपति को पत्र भेजकर आजम खां पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई और प्रतिमा की पुन: स्थापना की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed