{"_id":"6a8740b962318d24c0049d7d","slug":"open-drains-turning-into-death-traps-municipal-administration-remains-unheeding-despite-two-accidentsopen-drains-turning-into-death-traps-municipal-administration-remains-unheeding-despite-two-accidents-rampur-news-c-282-1-rmp1001-178288-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: खुले नाले बन रहे काल, दो हादसों के बाद भी नहीं चेता पालिका प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: खुले नाले बन रहे काल, दो हादसों के बाद भी नहीं चेता पालिका प्रशासन
Thu, 20 Aug 2026 11:30 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 20 Aug 2026 11:30 PM IST
विज्ञापन
रामपुर। मूसलाधार बारिश के बीच नालों का तेज बहाव जिंदगियां लील रहा है और सांसों का नाता टूट रहा है। परिवार नियति का खेल मानकर घुट रहे हैं और पालिका प्रशासन महज एक हादसा मानकर आगे बढ़ रहा है, लेकिन खुले नालों को कवर नहीं किया जा रहा है। जिले में दो हादसों के बाद भी नाले अब तक कवर नहीं किए गए। शहर के इलाकों में अधिकतर नाले काल बने हुए हैं।
शहर में मौजूदा समय में 84 नाले-नालियां हैं। नगर पालिका ने मानसून से कुछ समय पहले करीब 100 मजदूर लगाकर नालों की सफाई कराई। सफाई के बाद कुछ नालों को कवर कराने के बाद इतिश्री कर ली गई। इसके बाद बारिश शुरू हुई और गंदगी होती रही। पानी का बहाव भी तेज हुआ, लेकिन पालिका प्रशासन ने पलटकर नहीं देखा। आज शहर के अधिकतर नाले खुले पड़े हैं, जिनको देखने वाला कोई नहीं है।
शहर के प्रमुख नालों की बात करें तो माला रोड स्थित नाले पर भले ही दीवार हो, लेकिन यह पूरी तरह कवर नहीं हो सका है। यहां पर फिर से गंदगी जमा है और निकलते समय दुर्गंध आती है। रात में नजर चूकने से यहां हादसा हो सकता है। बारिश के वक्त इसका बहाव काफी तेज रहता है। यह नाला काफी गहरा भी है, जिससे कई बार कार और बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने से बची हैं।
विज्ञापन
शौकत अली रोड का नाला भी काफी चौड़ा है, लेकिन यह भी कवर नहीं है। जलभराव की स्थिति में इसका बहाव तेज हो जाता है। यही नाला सिविल लाइन तक जाता है, जिसका पानी अब तक पालिका कर्मियों ने नहीं निकाला है। लिहाजा सुरक्षा की दृष्टि से इस पर एंगिल लगाकर औपचारिकता पूरी कर ली गई है। स्वार रोड का नाला भी खुला पड़ा है और इसमें काई जमी है। इसमें भी कई बार दुर्घटना होते बची है। इसके अलावा अन्य नालों का भी यही हाल है।
नई बस्ती का नाला, जहां बालक की मौत का पहला हादसा हुआ था, वह अब तक कवर नहीं हुआ है। इस बार जहां हादसा हुआ, वहां भी दूसरा हादसा हो सकता है। दरअसल, हादसे के बाद पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है और लोग इसी से होकर गुजर रहे हैं।
0000
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हो गए कवर
रामपुर। अजीतपुर निवासी बालक अमान का शव निकालने के लिए जेसीबी लगाई गई थी। जेसीबी ने शव निकालने के लिए जिस तरफ कवर लगे थे, वहां से कवर हटाए गए थे और फिर बच्चे को निकाला गया था। इसके बाद वापस उन कवर को लगाने की जहमत नहीं उठाई गई। अगले दिन भी यह नाला उबड़-खाबड़ दिखाई दिया। बालक के घर जाने वाली गली की पुलिया भी क्षतिग्रस्त होकर दो टुकड़ों में हो गई है, लेकिन दूसरे हादसे का इंतजार किया जा रहा है। संवाद
0000
पानी निकासी न होने से ऊफना रहे नाले
रामपुर। शहर में पानी निकासी नहीं है, जिस वजह से पानी नालों में इकट्ठा होता रहता है। दबाव बढ़ने पर यह एक साथ फ्लो के साथ बहता है और नालों से तेज गति से गुजरता है, जिससे खतरा बना रहता है। यदि नाले के अंदर कोई गिर जाए तो फिर नहीं लौटता। संवाद
0000
बारिश होने पर तालाब बन जातीं सड़कें
रामपुर। शहर के कई हिस्सों में सड़कें बारिश के वक्त तालाब का रूप ले लेती हैं। खासकर कचहरी रोड और जेल रोड पर सबसे अधिक जलभराव की स्थिति होती है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। यहां पर नाले का बहाव भी काफी तेज होता है। संवाद
0000
वैसे तो सभी नाले कवर करवा दिए गए थे, लेकिन एक बार फिर से टीम को लगा दिया जाएगा और नालों को चेक करवा लिया जाएगा। यदि कहीं कुछ ऐसा है तो तुरंत काम किया जाएगा। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका
विज्ञापन
शहर में मौजूदा समय में 84 नाले-नालियां हैं। नगर पालिका ने मानसून से कुछ समय पहले करीब 100 मजदूर लगाकर नालों की सफाई कराई। सफाई के बाद कुछ नालों को कवर कराने के बाद इतिश्री कर ली गई। इसके बाद बारिश शुरू हुई और गंदगी होती रही। पानी का बहाव भी तेज हुआ, लेकिन पालिका प्रशासन ने पलटकर नहीं देखा। आज शहर के अधिकतर नाले खुले पड़े हैं, जिनको देखने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
शहर के प्रमुख नालों की बात करें तो माला रोड स्थित नाले पर भले ही दीवार हो, लेकिन यह पूरी तरह कवर नहीं हो सका है। यहां पर फिर से गंदगी जमा है और निकलते समय दुर्गंध आती है। रात में नजर चूकने से यहां हादसा हो सकता है। बारिश के वक्त इसका बहाव काफी तेज रहता है। यह नाला काफी गहरा भी है, जिससे कई बार कार और बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने से बची हैं।
विज्ञापन
शौकत अली रोड का नाला भी काफी चौड़ा है, लेकिन यह भी कवर नहीं है। जलभराव की स्थिति में इसका बहाव तेज हो जाता है। यही नाला सिविल लाइन तक जाता है, जिसका पानी अब तक पालिका कर्मियों ने नहीं निकाला है। लिहाजा सुरक्षा की दृष्टि से इस पर एंगिल लगाकर औपचारिकता पूरी कर ली गई है। स्वार रोड का नाला भी खुला पड़ा है और इसमें काई जमी है। इसमें भी कई बार दुर्घटना होते बची है। इसके अलावा अन्य नालों का भी यही हाल है।
नई बस्ती का नाला, जहां बालक की मौत का पहला हादसा हुआ था, वह अब तक कवर नहीं हुआ है। इस बार जहां हादसा हुआ, वहां भी दूसरा हादसा हो सकता है। दरअसल, हादसे के बाद पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है और लोग इसी से होकर गुजर रहे हैं।
0000
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हो गए कवर
रामपुर। अजीतपुर निवासी बालक अमान का शव निकालने के लिए जेसीबी लगाई गई थी। जेसीबी ने शव निकालने के लिए जिस तरफ कवर लगे थे, वहां से कवर हटाए गए थे और फिर बच्चे को निकाला गया था। इसके बाद वापस उन कवर को लगाने की जहमत नहीं उठाई गई। अगले दिन भी यह नाला उबड़-खाबड़ दिखाई दिया। बालक के घर जाने वाली गली की पुलिया भी क्षतिग्रस्त होकर दो टुकड़ों में हो गई है, लेकिन दूसरे हादसे का इंतजार किया जा रहा है। संवाद
0000
पानी निकासी न होने से ऊफना रहे नाले
रामपुर। शहर में पानी निकासी नहीं है, जिस वजह से पानी नालों में इकट्ठा होता रहता है। दबाव बढ़ने पर यह एक साथ फ्लो के साथ बहता है और नालों से तेज गति से गुजरता है, जिससे खतरा बना रहता है। यदि नाले के अंदर कोई गिर जाए तो फिर नहीं लौटता। संवाद
0000
बारिश होने पर तालाब बन जातीं सड़कें
रामपुर। शहर के कई हिस्सों में सड़कें बारिश के वक्त तालाब का रूप ले लेती हैं। खासकर कचहरी रोड और जेल रोड पर सबसे अधिक जलभराव की स्थिति होती है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। यहां पर नाले का बहाव भी काफी तेज होता है। संवाद
0000
वैसे तो सभी नाले कवर करवा दिए गए थे, लेकिन एक बार फिर से टीम को लगा दिया जाएगा और नालों को चेक करवा लिया जाएगा। यदि कहीं कुछ ऐसा है तो तुरंत काम किया जाएगा। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका