फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   one person penlized in murder case of young

युवक की हत्या के मामले में एक को उम्रकैद, दूसरा बरी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 12:45 AM IST
विज्ञापन
one person penlized in murder case  of young
रामपुर। युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को उम्रकैद और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जबकि, कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जुर्माने की धनराशि में से 30 हजार रुपये मृतक के वारिसों को दिए जाएं।
विज्ञापन

मामला शाहबाद थानाक्षेत्र के ग्राम लश्करगंज का है। 12 अप्रैल 2020 को गांव निवासी गोविंद रात के नौ बजे अपने खेतों पर गया हुआ था। आरोप है कि 15 हजार रुपये मांगने की खातिर गोविंद की हत्या कर दी और लाश ट्यूबवेल के गड्ढे में डाल दी गई। घटना की रिपोर्ट मृतक के मामा सोमपाल ने गांव के ही दो सगे भाई रामू उर्फ राम निवास और ऋषि उर्फ ऋषिपाल के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सोमवार को इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम धीरेंद्र कुमार तृतीय की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने वादी सोमपाल सहित कई गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि घटना रात की है और घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। उनके मुवक्किलों को गांव की रंजिश के चलते झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने रामू उर्फ राम निवास को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जबकि, कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में ऋषि उर्फ ऋषिपाल को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जुर्माने की धनराशि में से 30 हजार रुपये मृतक गोविंद के वारिसों को दिया जाए। शेष धनराशि राजकोष में जमा की जाए।
विज्ञापन

वहीं, दूसरी ओर बिलासपुर थानाक्षेत्र के ग्राम टाहखुर्द में पांच सौ रुपये के लेनदेन को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। आरोप है कि रियासत अली ने गांव के ही हरिओम के सिर में सरिया मारकर गंभीर चोट पहुंचाई। कोर्ट ने सबूतों के आधार पर रियासत अली को आईपीसी की धारा 308 के तहत दोषी मानते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जुर्माने की धनराशि में से 20 हजार रुपये घायल हरिओम को दिए जाएं। शेष पांच हजार रुपये राजकीय कोष में जमा किए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed