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Rampur News: पहले पखवाड़े में बरसकर ठंडे पड़े मानसून के तेवर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 31 Jul 2023 01:33 AM IST
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Monsoon turned cold after raining in the first fortnight
रामपुर। जुलाई की शुरुआत में झमाझम बरसने के बाद मानसून के तेवर ठंडे पड़ गए। इस माह के पहले पखवाड़े में 198 मिमी. बारिश हुई, वहीं दूसरे पखवाड़े में सिर्फ 12.93 मिमी. बारिश ही हुई। मौसम विभाग के अनुसार एक से 30 जुलाई तक कुल 210.93 एमएम बारिश हुई। इस बार जुलाई महीने में हुई बारिश पिछले साल से चार गुना ज्यादा हुई, जबकि 2021 की अपेक्षा अबकी बार बादल कम बरसे।
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मानसून में बारिश खेती और पर्यावरण के लिहाज से फायदेमंद मानी जाती है। इस मौसम में सूर्य देव का प्रकोप चरम पर रहता है और गर्मी अधिक होती है। बारिश से गर्मी का असर काफी हद तक कम होता है। जिले में जून महीने में कुछ दिनों की बारिश के बाद जुलाई की शुरुआत में बादल खूब बरसे। जुलाई के पहले 15 दिन में 198 मिमी. बारिश हुई। यह बारिश तमाम फसलों के लिए फायदेमंद रही, लेकिन दूसरे पखवाड़े में मानसून बिल्कुल बदल गया और सिर्फ 12.93 मिमी. बारिश ही हुई, जबकि मौसम विभाग ने 20 जुलाई से झमाझम बारिश के आसार जताए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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चार वर्ष पहले जुलाई में हुई थी 245.36 एमएम बारिश जुलाई में अब तक 210.93 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। जुलाई 2022 में कुल 52.72 एमएए बारिश हुई थी। इससे पहले जुलाई 2021 में 240.66 एमएम, जुलाई 2020 में 119.98 एमएम और जुलाई 2019 में जिले में 245.36 एमएम बारिश हुई थी। इस बार शुरुआत देखकर जुलाई में बारिश का रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही ने बढ़ाई उमस
मौसम विभाग ने 20 जुलाई से मानसून के दोबारा सक्रिय होने पर हर रोज झमाझम बारिश का अनुमान जताया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मामूली बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही के चलते उमस रही। जिसने लोगों को परेशान किया। इन दिनों दिन का औसतन तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश न होने से नलकूप से सिंचाई कर रहे किसान
इस पखवाड़े में बारिश न होने से धान और गन्ने की फसल को अब सिंचाई की आवश्यकता हो गई है। बारिश न होने से किसान नलकूपों से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। अनवा गांव के किसान राहुल सिंह ने बताया कि बारिश हो जाती तो सिंचाई का खर्चा बच जाता। बारिश के लिए कुछ दिन इंतजार भी किया, लेकिन अब निजी नलकूप से सिंचाई कर रहे हैं।



बोले मौसम वैज्ञानिक

रामपुर में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अभी तक कहीं हल्की, कहीं भारी बूंदाबांदी हुई। मानूसन बना था लेकिन, दक्षिण-पूर्व की हवा चलने से बादल नहीं बरस पाए। दो से पांच अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं।
- डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक
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