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शहर को व्यवस्थित करने के लिए बनेगा मास्टर प्लान
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रामपुर। शहर को व्यवस्थित करने के लिए आगामी दस वर्षों का प्लान बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने निजी कंपनी को यह काम सौंपा है। कंपनी ने शहर के सर्वे का काम शुरू करा दिया है। प्लान के तहत शहर के नए बसावट वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा और वहां किस प्रकार से मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, ताकि लोगों को भी दिक्कत न हो और क्षेत्र की सड़कें भी चौड़ी हों।
रामपुर को औद्योगिक एवं व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। इसी कारण शहर के भौतिक विकास को नियोजित एवं व्यवस्थित रूप प्रदान करने तथा नगर की समस्याओं के निराकरण के लिए महायोजना 2031 पर अमल शुरू हो गया है। इसके लिए शासन ने नागपुर की कंपनी क्रिएटिव सर्किल को कार्य का जिम्मा सौंपा है। आरडीए के अफसरों की मानें तो यह प्लान आगामी दस वर्षों के लिए बनाया जाएगा, जिसमें नगर पालिका, जल निगम, लोक निर्माण, पावर कारपोरेशन, उद्योग आदि विभागों के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक डाटा हासिल कर संकलित किया जाएगा। इसके अलावा यह भी ध्यान रखा जाएगा कि शहर में ऐसे कौन से क्षेत्र हैं, जिनका आबादी के लिहाज से विस्तार हो सकता है। वहां की सड़कें कैसी होंगी। किस प्रकार से बिजली, पानी आदि की व्यवस्था की जाएगी आदि चीजें भी ध्यान में रखी जाएंगी। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सर्वे का कार्य किया जा रहा है, जो जीआईएस (भौगोलिक सूचना तंत्र) आधारित है। यह काम पूरा होने के बाद शहर के लोगों से राय ली जाएगी, जिसके बाद उनके सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।
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रामपुर को औद्योगिक एवं व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। इसी कारण शहर के भौतिक विकास को नियोजित एवं व्यवस्थित रूप प्रदान करने तथा नगर की समस्याओं के निराकरण के लिए महायोजना 2031 पर अमल शुरू हो गया है। इसके लिए शासन ने नागपुर की कंपनी क्रिएटिव सर्किल को कार्य का जिम्मा सौंपा है। आरडीए के अफसरों की मानें तो यह प्लान आगामी दस वर्षों के लिए बनाया जाएगा, जिसमें नगर पालिका, जल निगम, लोक निर्माण, पावर कारपोरेशन, उद्योग आदि विभागों के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक डाटा हासिल कर संकलित किया जाएगा। इसके अलावा यह भी ध्यान रखा जाएगा कि शहर में ऐसे कौन से क्षेत्र हैं, जिनका आबादी के लिहाज से विस्तार हो सकता है। वहां की सड़कें कैसी होंगी। किस प्रकार से बिजली, पानी आदि की व्यवस्था की जाएगी आदि चीजें भी ध्यान में रखी जाएंगी। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सर्वे का कार्य किया जा रहा है, जो जीआईएस (भौगोलिक सूचना तंत्र) आधारित है। यह काम पूरा होने के बाद शहर के लोगों से राय ली जाएगी, जिसके बाद उनके सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।
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