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मंत्री का रिश्तेदार होने की धमकी देने वाले पर रिपोर्ट
ब्यूरो अमर उजाला / रामपुर
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:29 AM IST
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रामपुर जिले में कोसी नदी में अवैध खनन में जुटे खनन माफिया।
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कोसी नदी के किनारे दढ़ियाल, मसवासी में और पीलाखार नदी के मिलकखानम, बिलासपुर और भोट में हो रहे अवैध खनन को प्रशासन नहीं रोक पा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि आए दिन अवैध खनन करने वाले माफिया और ग्रामीणों के बीच फायरिंग हो रही है। इससे कानून व्यवस्था खराब हो सकती है, क्योंकि खनन के धंधे में अधिकांश आपराधिक तत्व शामिल हैं।
जिले में अवैध खनन में लगे माफिया और ग्रामीणों के बीच फायरिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की ढिलाई से माफिया हावी हो रहे हैं। दढ़ियाल में फायरिंग के मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मिलकखानम क्षेत्र में डिलारी में पीलाखार नदी पर भी खनन माफिया और ग्रामीणों में शनिवार की रात फायरिंग हो गई। इस मामले में किसी भी ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पुलिस इस घटना से ही अनभिज्ञता जता रही है। पीलाखार में भोट के पास माफिया अब भी दिनरात अवैध खनन करके बांसनगली वाले रास्ते को खाई बनाने में जुटे हैं।
विरोध करने वाले ग्रामीणों को धमकी दी जा रही हैं। सड़कें टूटने और फसलें चौपट होने से किसान आहत हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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जिले में अवैध खनन में लगे माफिया और ग्रामीणों के बीच फायरिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की ढिलाई से माफिया हावी हो रहे हैं। दढ़ियाल में फायरिंग के मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मिलकखानम क्षेत्र में डिलारी में पीलाखार नदी पर भी खनन माफिया और ग्रामीणों में शनिवार की रात फायरिंग हो गई। इस मामले में किसी भी ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पुलिस इस घटना से ही अनभिज्ञता जता रही है। पीलाखार में भोट के पास माफिया अब भी दिनरात अवैध खनन करके बांसनगली वाले रास्ते को खाई बनाने में जुटे हैं।
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विरोध करने वाले ग्रामीणों को धमकी दी जा रही हैं। सड़कें टूटने और फसलें चौपट होने से किसान आहत हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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