Rampur Loksabha By-Election: रामपुर में पहली बार होगा लोकसभा का उपचुनाव, आजम खां के इस्तीफा देने पर हो रहे चुनाव, आचार संहिता लागू
आजम खां 2019 में भाजपा की जया प्रदा को हराकर यहां से लोकसभा पहुंचे थे। हालांकि इसी साल विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद यहां लोकसभा उपचुनाव कराए जा रहे हैं।
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सपा नेता आजम खां के लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई रामपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव के लिए कार्यक्रम जारी हो गया है। रामपुर में पहली बार लोकसभा की सीट के लिए उपचुनाव होगा। आजम खां ने 2019 में इस सीट पर एक लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल कर भाजपा प्रत्याशी व फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा नाहटा को शिकस्त दी थी।
सियासत में रामपुर शुरुआत से ही रसूखदार रहा है। यहां से पहले सांसद देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद बने थे। इसके बाद कांग्रेस के जुल्फिकार अली उर्फ मिक्की मियां रामपुर से पांच बार सांसद रहे, जबकि एक बार जनता पार्टी और एक बार भाजपा से जीतकर डॉ. राजेंद्र शर्मा रामपुर के सांसद बने। इसके अलावा दो बार कांग्रेस की बेगम नूरबानो, दो बार सपा के टिकट पर जया प्रदा व एक बार भाजपा के टिकट पर मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर के सांसद बने।
जबकि, 2019 का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा था। पूरे देश में जहां भाजपा की लहर थी, वहीं रामपुर में सपा नेता आजम खां का जलवा कायम रहा था। वो सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में थे जबकि उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी व फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा नाहटा से था। दोनों ही अपने-अपने दलों के मजबूत प्रत्याशी थे लेकिन ऐसे हाल में भी रामपुर की जनता ने जया प्रदा के स्थान पर आजम खां पर ही भरोसा जताया और उन्हें सांसद चुनकर लोकसभा में भेजा।
आजम खां यह चुनाव 1,09,997 मतों से जीतने में कामयाब रहे थे। इसी चुनाव के दौरान आजम खां की मुसीबतें भी बढ़नी शुरू हो गईं। इसके बाद आजम खां ने फरवरी 2022 में सीतापुर जेल से विधानसभा चुनाव लड़ा। जेल में रहकर ही उन्होंने रामपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की और दसवीं बार विधायक बने। चूंकि वो सांसद भी थे, लिहाजा आजम खां को एक सीट छोड़नी थी। आजम खां ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद रामपुर संसदीय सीट रिक्त हो गई। उनके इस्तीफा देने के बाद रामपुर के इतिहास में पहली बार लोकसभा का उपचुनाव होगा।
17,04,792 मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग
लोकसभा उपचुनाव का एलान होते ही जिला प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई हैं। जिले में 2058 बूथों पर 17,04,792 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिनमें 7,98,584 महिला मतदाता शामिल हैं।
जिले में आचार संहिता लागू
आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के लिए डीएम ने मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि रामपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव के लिए 30 मई को जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। छह जून तक नामांकन होंगे। सात जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी जबकि नौ जून नाम वापसी की अंतिम तिथि है। 23 जून को मतदान और 26 जून को मतगणना होगी।
चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। डीएम ने संबंधित उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के आदेश दिए हैं। साथ ही मतदाता सूचियां भी फाइनल कर ली गई हैं। इसके तहत जिले में 17,04,792 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 7,98,584 महिला और 9,06,015 पुरुष मतदाता शामिल हैं जबकि, 193 अन्य मतदाता हैं। 1,123 मतदान केंद्रों और 2,058 बूथों पर वोट डाले जाएंगे।
विधानसभा वार मतदाताओं की स्थिति
विधानसभा क्षेत्र पुरुष महिला अन्य कुल मतदाता
स्वार 162934 144112 59 307105
चमरौआ 164043 143774 39 307856
बिलासपुर 182827 161982 21 344830
रामपुर 206238 181584 39 387861
मिलक 189973 167132 35 357140
आचार संहिता पालन केलिए अफसरों की ड्यूटी
लोकसभा उप चुनाव का ऐलान होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए अफसरों की ड्यूटी लगा दी है। इसके तहत संबंधित तहसील क्षेत्रों की निगरानी संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारी करेंगे। जबकि एसडीएम के साथ स्वार और बिलासपुर में चार-चार अधिकारियों को तैनात किया है जबकि अन्य तहसीलों में एसडीएम के साथ तीन-तीन अधिकारियों को लगाया गया है।