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Rampur News: दहेज की खातिर पत्नी और दो बच्चों को जहर देकर हत्या के आरोपी को उम्रकैद की सजा, दो साल पहले हुई थी वारदात
Wed, 01 Jun 2022 08:27 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 01 Jun 2022 08:27 PM IST
सार
मामला मिलक थानाक्षेत्र के गांव परम पट्टी का है। गांव निवासी दीनदयाल की शादी केमरी थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर उर्फ चिड़ियाखेड़ा गांव निवासी सुमन के साथ वर्ष 2015 में हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की खातिर सुमन का उत्पीड़न करते थे। वो दहेज में चार पहिया गाड़ी की मांग करते थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दहेज की खातिर पत्नी और दो बच्चों को जहर देकर मौत के घाट उतारने के मामले में हत्यारोपी को कोर्ट ने दोषी मानते हुए उम्रकैद और 26 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में मृतक महिला के ससुर को बरी कर दिया है।
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मामला मिलक थानाक्षेत्र के गांव परम पट्टी का है। गांव निवासी दीनदयाल की शादी केमरी थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर उर्फ चिड़ियाखेड़ा गांव निवासी सुमन के साथ वर्ष 2015 में हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की खातिर सुमन का उत्पीड़न करते थे। वो दहेज में चार पहिया गाड़ी की मांग करते थे।
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दहेज की मांग की खातिर 25 जून 2020 को ससुराल वालों ने सुमन और उसके दो बेटे पंकज और गौरव को जहर दे दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट मृतक सुमन के भाई ओमकार ने अपने बहनोई दीनदयाल, मृतका के ससुर अंगनलाल और दीनदयाल के मामा मोहनलाल के खिलाफ दर्ज कराई थी।
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विवेचना के दौरान मोहनलाल का नाम निकालते हुए विवेचक ने दीनदयाल और अंगनलाल के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस मुकदमे की सुनवाई एफटीसी (फास्ट ट्रेक कोर्ट) द्वितीय रश्मि रानी की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने वादी मुकदमा सहित आठ गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दीनदयाल को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 26 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। अंगनलाल के अधिवक्ता ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने मृतका के ससुर अंगनलाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।