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एक गांव ऐसा भी, जहां तैयार हुआ आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रोफेशनल सचिवालय
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रामपुर। मुंडिया कलां जिले का एक मात्र ऐसा गांव है, जहां आधुनिक सुविधाओं वाला सचिवालय बनाया गया है। वह भी सरकार की ओर से आवंटित धनराशि से कम रुपये में और अच्छी गुणवत्ता के साथ। इस गांव में महिला, बाल अपराध और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए नाइट विजन कैमरे स्थापित किए गए हैं, जो सीधे गांव सचिवालय (पंचायत भवन) से कनेक्ट हैं। ग्राम पंचायत की बैठक के लिए शानदार मीटिंग हॉल, ग्रीन स्पेस, प्रोजेेक्टर भी स्थापित किए गए हैं।
बिलासपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत मुंडिया कलां के डॉ. मोहम्मद जावेद हुसैन ने पहली बार ग्राम प्रधान बनने के बाद गांव की दशा सुधारने के लिए प्रयास शुरूकर दिए। उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत के सचिव मेघराज गौतम से मिलकर गांव में पंचायत भवन (सचिवालय) का निर्माण कराया। सरकार ने 16.53 लाख रुपये जारी किए थे, जिनमें से 16.11 लाख रुपये में ही पंचायत भवन बनकर तैयार हो गया। गांव प्रधान का दावा है कि उन्होंने 42 हजार रुपये की सरकारी धनराशि बचाई है। उन्होंने पंचायत भवन को प्रोफेशनल सचिवालय के रूप में तैयार कराया है, इसमें कंप्यूटर, सोलर पैनल, ग्रीन स्पेस, प्रोजेक्टर, स्ट्रीट नाइट विजन कैमरे स्थापित किए गए हैं। आगामी दिनों में लिंक्ड लाइब्रेरी और स्वीमिंग पुल बनाने की भी योजना है। सचिवालय में ग्राम प्रधान का दफ्तर और एक मीटिंग रूम भी आकर्षक और साफ सुथरा बनाया गया है। गांव प्रधान का दावा है कि उन्होंने सजावट, फर्नीचर और कैमरों के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये अपनी जेब से खर्च कर दिए।
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बिलासपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत मुंडिया कलां के डॉ. मोहम्मद जावेद हुसैन ने पहली बार ग्राम प्रधान बनने के बाद गांव की दशा सुधारने के लिए प्रयास शुरूकर दिए। उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत के सचिव मेघराज गौतम से मिलकर गांव में पंचायत भवन (सचिवालय) का निर्माण कराया। सरकार ने 16.53 लाख रुपये जारी किए थे, जिनमें से 16.11 लाख रुपये में ही पंचायत भवन बनकर तैयार हो गया। गांव प्रधान का दावा है कि उन्होंने 42 हजार रुपये की सरकारी धनराशि बचाई है। उन्होंने पंचायत भवन को प्रोफेशनल सचिवालय के रूप में तैयार कराया है, इसमें कंप्यूटर, सोलर पैनल, ग्रीन स्पेस, प्रोजेक्टर, स्ट्रीट नाइट विजन कैमरे स्थापित किए गए हैं। आगामी दिनों में लिंक्ड लाइब्रेरी और स्वीमिंग पुल बनाने की भी योजना है। सचिवालय में ग्राम प्रधान का दफ्तर और एक मीटिंग रूम भी आकर्षक और साफ सुथरा बनाया गया है। गांव प्रधान का दावा है कि उन्होंने सजावट, फर्नीचर और कैमरों के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये अपनी जेब से खर्च कर दिए।
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