{"_id":"62ed58b2856d0c420a1f4b30","slug":"jail-to-8-persons-in-double-murder-case-rampur-news-mbd4369418164","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोहरे हत्याकांड में पति, पत्नी और बेटी समेत आठ को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोहरे हत्याकांड में पति, पत्नी और बेटी समेत आठ को आजीवन कारावास
विज्ञापन
रामपुर। जमीन के विवाद में दो लोगों को मौत के घाट उतारने के मामले में कोर्ट ने पति, पत्नी और बेटी समेत आठ लोगों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 63 हजार रुपये अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्माने की धनराशि में से दो लाख रुपये घायल को दिए जाएं।
मामला बिलासपुर थानाक्षेत्र के ग्राम हजरतपुर से जुड़ा है। 28 जून 2017 को सुखविंदर और अमनवीर सिंह की जमीन की पैमाइश के लिए राजस्व विभाग की टीम मय पुलिस फोर्स गांव गई थी। आरोप है कि पैमाइश के बाद अमनवीर सिंह, करमवीर सिंह और उसके साथियों ने सुखविंदर सिंह के घर पर हथियारों से लैस होकर धावा बोल दिया। जिसमें सुखविंदर के बहनोई जसपाल सिंह और बेटी जसपाल कौर की मौत हो गई थी, जबकि सुखविंदर सिंह, गुरमीत कौर और शरनदीप कौर घायल हो गए। घटना की रिपोर्ट शरनदीप कौर ने बिलासपुर थाने में दर्ज कराई। जिसमें करम सिंह, उनकी पत्नी रंजीत कौर, उनकी पुत्री गुरपवन कौर, अमनवीर सिंह, नवी अहमद, फारूख, रिजवान और त्रिपाठी फार्म हाउस शीशगढ़ बरेली निवासी वंता सिंह आरोपी थे। दोहरे हत्याकांड की वजह भूमि को लेकर रंजिश बताई गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई जिला जज अचल सचदेव की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से प्रभारी शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य, एडीजीसी मुदित माथुर और वादी के निजी अधिवक्ता केवी माथुर की ओर से शरनदीप कौर सहित 16 गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपियों को पुरानी रंजिश के तहत झूठा फंसाया गया है और पत्रावली पर गवाहों के बयानों में विरोधाभास है। लिहाजा, आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने आरोपियों को आजीवन कारावास और 5.04 लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि में से दो लाख रुपये घायल गुरमीत कौर को देने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला बिलासपुर थानाक्षेत्र के ग्राम हजरतपुर से जुड़ा है। 28 जून 2017 को सुखविंदर और अमनवीर सिंह की जमीन की पैमाइश के लिए राजस्व विभाग की टीम मय पुलिस फोर्स गांव गई थी। आरोप है कि पैमाइश के बाद अमनवीर सिंह, करमवीर सिंह और उसके साथियों ने सुखविंदर सिंह के घर पर हथियारों से लैस होकर धावा बोल दिया। जिसमें सुखविंदर के बहनोई जसपाल सिंह और बेटी जसपाल कौर की मौत हो गई थी, जबकि सुखविंदर सिंह, गुरमीत कौर और शरनदीप कौर घायल हो गए। घटना की रिपोर्ट शरनदीप कौर ने बिलासपुर थाने में दर्ज कराई। जिसमें करम सिंह, उनकी पत्नी रंजीत कौर, उनकी पुत्री गुरपवन कौर, अमनवीर सिंह, नवी अहमद, फारूख, रिजवान और त्रिपाठी फार्म हाउस शीशगढ़ बरेली निवासी वंता सिंह आरोपी थे। दोहरे हत्याकांड की वजह भूमि को लेकर रंजिश बताई गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
विज्ञापन
शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई जिला जज अचल सचदेव की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से प्रभारी शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य, एडीजीसी मुदित माथुर और वादी के निजी अधिवक्ता केवी माथुर की ओर से शरनदीप कौर सहित 16 गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपियों को पुरानी रंजिश के तहत झूठा फंसाया गया है और पत्रावली पर गवाहों के बयानों में विरोधाभास है। लिहाजा, आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने आरोपियों को आजीवन कारावास और 5.04 लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि में से दो लाख रुपये घायल गुरमीत कौर को देने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
विज्ञापन