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Rampur News: एनपीएस घोटाले के आरोपों की जांच शुरू
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रामपुर। एनपीएस की धनराशि बिना शिक्षकों की मर्जी के दूसरी कंपनियों में लगाकर 20 करोड़ रुपये का घपला करने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने एडी बेसिक को इस मामले की जांच सौंपी है। एडी बेसिक ने वित्त एवं लेखाधिकारी को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब तलब किया है।प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष कैलाश बाबू पटेल और जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता ने 26 नवंबर को महानिदेशक स्कूल शिक्षा को ज्ञापन भेजा था, जिसमें कहा था कि जनपद के 800 शिक्षकों ने सरकार और विभाग द्वारा दिए गए विश्वास के आधार पर अपने वेतन से एनपीएस कटौती की अनुमति प्रदान की थी। वित्त एवं लेखाधिकारी अशोक कुमार ने शिक्षकों के साथ ही सरकार के साथ विश्वासघात करके एनपीएस की धनराशि बिना शिक्षकों की सहमति के प्राइवेट कंपनी में भेज दी, यह धनराशि 20 करोड़ रुपये से अधिक है।
शिक्षक संघ द्वारा वित्त एवं लेखा अधिकारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के साथ उन्हें हटाए जाने की मांग की गई थी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने मामले की जांच मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक मुरादाबाद को सौंपी है। एडी बेसिक मुरादाबाद बुद्ध प्रिय सिंह ने जांच शुरू करते हुए लेखाधिकारी अशोक कुमार से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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ये है मामला
बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत 800 शिक्षकों के मासिक वेतन से एनपीएस की धनराशि की कटौती की जा रही है। शिक्षकों द्वारा इस धनराशि को भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम तथा यूनिट टेस्ट ऑफ इंडिया में जमा करने का विकल्प दिया गया था। वित्त एवं लेखाधिकारी ने इनमें से 480 शिक्षकों की धनराशि बिना उनकी सहमति से एसबीआई, एलआईसी और यूटीआई से आहरित कर एक प्राइवेट बैंक में जमा कर दी है, जो करोड़ों में है। यह एक आर्थिक अपराध है।
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बिना सहमति के शिक्षकों की धनराशि प्राइवेट बैंक को देने का मामला काफी गंभीर अपराध है। यह सब वित्त एवं लेखाधिकारी की आईडी से हुआ है। इस मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
कैलाश बाबू पटेल, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
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एनपीएस की धनराशि जिस प्राइवेट बैंक में जमा की गई है, उसकी हालत काफी खराब है। जिससे रामपुर के शिक्षकों को काफी नुकसान हुआ है। इस प्रकरण में शिक्षकों की धनराशि मूल खाते में वापस लाई जाए तथा दोषी लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
- आनंद प्रकाश गुप्ता, जिलामंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ
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एनपीएस की धनराशि को किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की बात सामने आई है। इसको लेकर जिलास्तर पर भी कमेटी जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव कुमार, बीएसए।
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शिक्षक संघ द्वारा वित्त एवं लेखा अधिकारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के साथ उन्हें हटाए जाने की मांग की गई थी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने मामले की जांच मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक मुरादाबाद को सौंपी है। एडी बेसिक मुरादाबाद बुद्ध प्रिय सिंह ने जांच शुरू करते हुए लेखाधिकारी अशोक कुमार से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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ये है मामला
बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत 800 शिक्षकों के मासिक वेतन से एनपीएस की धनराशि की कटौती की जा रही है। शिक्षकों द्वारा इस धनराशि को भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम तथा यूनिट टेस्ट ऑफ इंडिया में जमा करने का विकल्प दिया गया था। वित्त एवं लेखाधिकारी ने इनमें से 480 शिक्षकों की धनराशि बिना उनकी सहमति से एसबीआई, एलआईसी और यूटीआई से आहरित कर एक प्राइवेट बैंक में जमा कर दी है, जो करोड़ों में है। यह एक आर्थिक अपराध है।
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बिना सहमति के शिक्षकों की धनराशि प्राइवेट बैंक को देने का मामला काफी गंभीर अपराध है। यह सब वित्त एवं लेखाधिकारी की आईडी से हुआ है। इस मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
कैलाश बाबू पटेल, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
एनपीएस की धनराशि जिस प्राइवेट बैंक में जमा की गई है, उसकी हालत काफी खराब है। जिससे रामपुर के शिक्षकों को काफी नुकसान हुआ है। इस प्रकरण में शिक्षकों की धनराशि मूल खाते में वापस लाई जाए तथा दोषी लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
- आनंद प्रकाश गुप्ता, जिलामंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ
एनपीएस की धनराशि को किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की बात सामने आई है। इसको लेकर जिलास्तर पर भी कमेटी जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव कुमार, बीएसए।