स्वतंत्रता दिवस 2023: भारत जब 1947 को हुआ आजाद, तो रामपुर को क्यों मिली 1949 को आजादी, आप भी जानें पूरी कहानी
इतिहासकार नफीसउद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि आजादी के करीब दो साल बाद यानी 30 जून 1949 को रामपुर रियासत का भारत में विलय हुआ था। इसी दिन से रामपुर भी आजाद देश में शामिल हो पाया था। रामपुर रिसायत के पहले नवाब फैजुल्ला अली खां रहे।
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देश भले ही 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था, लेकिन रामपुर के लोगों को लगभग दो साल बाद आजादी मिली थी। देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों के बाद रामपुर रियासत का विलय 1949 में भारत में हुआ था। रामपुर में दशकों तक नवाबी रियासत का दौर रहा। रजा लाइब्रेरी में मौजूद गजट और इतिहासकारों के अनुसार 15 अगस्त 1947 को देश के आजाद होने के बाद भी रामपुर में नवाबों की रियासत थी।
देश के आजाद होने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल पहले गृहमंत्री बने थे। उनको देश में उस वक्त की मौजूद रियासतों का विलय कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिम्मेदारी मिलने के बाद पटेल ने रामपुर की रियासत का विलय कराने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। उनकी मेहनत रंग लाई और 1949 में रामपुर रियासत का विलय भारत में हो गया।
174 साल आठ माह रही रामपुर में नवाबों की हुकूमत
इतिहासकार नफीसउद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि रामपुर में आजादी के करीब दो साल बाद यानी 30 जून 1949 को रामपुर रियासत का विलय हुआ था। इसी दिन से रामपुर भी आजाद देश में शामिल हो पाया था। रामपुर रिसायत के पहले नवाब फैजुल्ला अली खां रहे।
जबकि नवाब रजा अली खां आखिरी नवाब। नवाब रजा अली खां ने ही रामपुर रियासत को विलय करने पर सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए थे। इस तरह रामपुर में 174 साल आठ माह और 23 दिन तक नवाबों का शासन रहा।
पटेल को सौंपी गई थी 565 रियासतों को विलय कराने की जिम्मेदारी
इतिहासकारों के अनुसार देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को देश की 565 रियासतों को भारत में विलय कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसमें रामपुर पहली रियासत थी, जिसका सबसे पहले विलय हुआ था।विलय समझौते पर हस्ताक्षर के समय उनके द्वारा लिखी गई चिठ्ठी पढ़कर सुनाई गई थी। इतिहासकारों के मुताबिक 15 मई 1949 को भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ स्टेट के सलाहकार वीपी मेनन वल्लभ भाई पटेल की चिठ्ठी लेकर रामपुर आए थे। जिस पर आखरी नवाब रजा अली खां ने हस्ताक्षर किए थे।