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Rampur News: खेल मैदानों पर अवैध कब्जे, सड़कों पर दौड़ रहे युवा
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रामपुर। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के तहसील क्षेत्र के करीब सवा दो सौ गांवों में से अधिकतर में कागजों पर खेल के मैदान तो हैं, लेकिन 70 फीसदी अधिकांश मैदानों पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इसके चलते पुलिस और सेना में भर्ती के लिए तैयारी करने वाले युवा सड़कों पर दौड़ते हैं। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। बिलासपुर तहसील क्षेत्र के नवाबगंज, खेमरी, मनुनगर, चंदेला, पहाड़पुर, चकफेरी, पिपलिया नाव समेत करीब 20 गांव ऐसे हैं, जहां तमाम फौजी रहते हैं। इन गांवों के साथ ही अन्य गांवों के युवा भी सेना में भर्ती के लिए तैयारी करते हैं। हाल ही में यूपी पुलिस में निकली भर्तियों के बाद दौड़ लगाने वाले युवाओं की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है। गांवों में खेल के मैदानों में कब्जों के चलते युवा सड़कों और पगदंड़ियों पर दौड़ने को मजबूर हैं।
पूरी तहसील क्षेत्र में करीब 70 फीसदी ऐसे गांव हैं, जिन गांवों में खेलकूद के लिए मैदान तो हैं, लेकिन उनपर अवैध कब्जा है। ऊधमपुर, औरंगनगरखेड़ा, कोठाजागीर, खजुरिया, मानपुरओझा, टेहरी ख्वाजा आदि गांवों में खेल के मैदान को काटकर लोगों ने अपने खेतों में मिला लिया। वहीं इन मैदानों पर महिलाएं उपले थाप रहीं हैं तो कहीं घूरे डाले जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से भी मैदान को खाली कराने की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं होती है।
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विकासखंड क्षेत्र की 10 न्याय पंचायत में नौ बेहतरीन मिनी स्टेडियम व अन्य खेल के मैदान हैं। जहां पर न्याय पंचायत क्षेत्र के गांव से जुड़े युवक-युवतियां पहुंचकर खेलते हैं और दौड़ लगाते हैं। अन्य गांवों में भी खेल के मैदान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि किसी गांव में खेल के मैदान पर कब्जा है तो उसे हटवाया जाएगा।
राजेश कुमार, खंड विकास अधिकारी बिलासपुर
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तहसील क्षेत्र के जिन गांवों में खेल के मैदान पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी और कब्जों को हटवाया जाएगा। सभी गांव में खेल के मैदान सृजित किए जाएंगे, ताकि युवा अपनी प्रतिभाओं को और निखार सकें।
हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम, बिलासपुर।
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विधानसभा क्षेत्र में तमाम मिनी स्टेडियम व खेल के मैदान सृजित हैं, जहां पर युवा वर्ग खेलकूद कर अपनी प्रतिभाओं को निखार रहे हैं। जिस गांव में खेल के मैदान की आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां भी खेल के मैदान तैयार कराए जाएंगे और मिनी स्टेडियम भी बनवाए जाएंगे। खेल के मैदानों को भी अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।
बलदेव सिंह औलख, कृषि राज्यमंत्री
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क्या बोले युवा
हमारे गांव में खेल के मैदान पर अवैध कब्जा है। ऐसे में पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटीं मेरे साथ कई लड़कियां हाईवे पर दौड़ लगाती हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है।
विकसती शर्मा, आनंदनगर, बिलासपुर
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हमारे गांव में खेल का मैदान न होने की वजह से मेरेे साथ ही तमाम युवक युवतियां सड़कों पर दौड़ते हैं। सभी सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। सड़कों पर दौड़ने से हादसों का खतरा बना रहता है।
दीपक सिंह यादव, ग्राम नगरिया कला
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हमारे गांव के तमाम लोग पुलिस में हैं। मेरे साथ तमाम युवक व युवतियां पुलिस में जाने के लिए दौड़ की तैयारी कर रहे हैं। मैदान न होने के चलते जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ लगाना मजबूरी बनी हुई है।
अनिल कुमार यादव, ग्राम कोठा जागीर
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हमारे गांव के खेल के मैदान में कुछ महिलाओं ने उपले थापकर कब्जा कर रखा है। इसके कारण तमाम युवा सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए सड़कों पर दौड़ लगा रहे हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। - अर्जन गंगवार, ग्राम ऊधमपुर, बिलासपुर
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पूरी तहसील क्षेत्र में करीब 70 फीसदी ऐसे गांव हैं, जिन गांवों में खेलकूद के लिए मैदान तो हैं, लेकिन उनपर अवैध कब्जा है। ऊधमपुर, औरंगनगरखेड़ा, कोठाजागीर, खजुरिया, मानपुरओझा, टेहरी ख्वाजा आदि गांवों में खेल के मैदान को काटकर लोगों ने अपने खेतों में मिला लिया। वहीं इन मैदानों पर महिलाएं उपले थाप रहीं हैं तो कहीं घूरे डाले जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से भी मैदान को खाली कराने की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं होती है।
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विकासखंड क्षेत्र की 10 न्याय पंचायत में नौ बेहतरीन मिनी स्टेडियम व अन्य खेल के मैदान हैं। जहां पर न्याय पंचायत क्षेत्र के गांव से जुड़े युवक-युवतियां पहुंचकर खेलते हैं और दौड़ लगाते हैं। अन्य गांवों में भी खेल के मैदान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि किसी गांव में खेल के मैदान पर कब्जा है तो उसे हटवाया जाएगा।
राजेश कुमार, खंड विकास अधिकारी बिलासपुर
तहसील क्षेत्र के जिन गांवों में खेल के मैदान पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी और कब्जों को हटवाया जाएगा। सभी गांव में खेल के मैदान सृजित किए जाएंगे, ताकि युवा अपनी प्रतिभाओं को और निखार सकें।
हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम, बिलासपुर।
विधानसभा क्षेत्र में तमाम मिनी स्टेडियम व खेल के मैदान सृजित हैं, जहां पर युवा वर्ग खेलकूद कर अपनी प्रतिभाओं को निखार रहे हैं। जिस गांव में खेल के मैदान की आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां भी खेल के मैदान तैयार कराए जाएंगे और मिनी स्टेडियम भी बनवाए जाएंगे। खेल के मैदानों को भी अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।
बलदेव सिंह औलख, कृषि राज्यमंत्री
क्या बोले युवा
हमारे गांव में खेल के मैदान पर अवैध कब्जा है। ऐसे में पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटीं मेरे साथ कई लड़कियां हाईवे पर दौड़ लगाती हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है।
विकसती शर्मा, आनंदनगर, बिलासपुर
हमारे गांव में खेल का मैदान न होने की वजह से मेरेे साथ ही तमाम युवक युवतियां सड़कों पर दौड़ते हैं। सभी सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। सड़कों पर दौड़ने से हादसों का खतरा बना रहता है।
दीपक सिंह यादव, ग्राम नगरिया कला
हमारे गांव के तमाम लोग पुलिस में हैं। मेरे साथ तमाम युवक व युवतियां पुलिस में जाने के लिए दौड़ की तैयारी कर रहे हैं। मैदान न होने के चलते जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ लगाना मजबूरी बनी हुई है।
अनिल कुमार यादव, ग्राम कोठा जागीर
हमारे गांव के खेल के मैदान में कुछ महिलाओं ने उपले थापकर कब्जा कर रखा है। इसके कारण तमाम युवा सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए सड़कों पर दौड़ लगा रहे हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। - अर्जन गंगवार, ग्राम ऊधमपुर, बिलासपुर