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दाल में कुछ काला तो जरूर है...
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:11 AM IST
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मंडल में दालों के दाम बेलगाम हो गए हैं। एक महीने में बीस रुपये प्रति किलोग्राम तक की तेजी आ चुकी है। महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई का शिकंजा कसा है।
तय दामों से ज्यादा लेने वाले दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी की जा रही है। वहीं यूपी सरकार दालों की महंगाई पर चुप है। यहां दाल के दाम निर्धारित नहीं किए गए हैं। अमर उजाला टीम की पड़ताल के दौरान मनमाने दामों पर दाल बेचने की बात सामने आई है। मंडल के जिलों में दुकानदार अलग-अलग दामों पर दाल बेच रहे हैं।
दलील क्वालिटी और पैकिंग की दी जाती है। एक ही जिले में अलग-अलग दुकानों पर दालों के दामों में भी फर्क दिखा। एक और बात देखने में आई कि देहात में दालों के भाव शहर की अपेक्षा थोड़े ज्यादा हैं और क्वालिटी भी खराब है। मंहगाई का दाल की बिक्री पर कुछ खास फर्क नहीं दिखा। एक तबका ऐसा भी दिखा दाल जिसकी पहुंच से बाहर हो चुकी है।
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ज्वालानगर स्थित जनरल स्टोर स्वामी प्रमोद शर्मा बतो हैं कि दाल के दामों में उछाल आ गया है। पिछले माह अरहर की दाल 140 रुपये प्रतिकिलो थी। इस समय 160 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। इसके साथ ही उड़द की दाल भी 130 रुपये प्रतिकिलो से 160-170 रुपये प्रतिकिलो हो गया है। मूंग की दाल भी दस रुपये प्रतिकिलो महंगी हो गई है। उनका कहना है कि दाल हमें महंगी मिल रही है तो महंगी बेचनी पड़ रही है। थोक के दाम कम होते हैं तो दुकानदार भी दाम कम कर देता है।
तय दामों से ज्यादा लेने वाले दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी की जा रही है। वहीं यूपी सरकार दालों की महंगाई पर चुप है। यहां दाल के दाम निर्धारित नहीं किए गए हैं। अमर उजाला टीम की पड़ताल के दौरान मनमाने दामों पर दाल बेचने की बात सामने आई है। मंडल के जिलों में दुकानदार अलग-अलग दामों पर दाल बेच रहे हैं।
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दलील क्वालिटी और पैकिंग की दी जाती है। एक ही जिले में अलग-अलग दुकानों पर दालों के दामों में भी फर्क दिखा। एक और बात देखने में आई कि देहात में दालों के भाव शहर की अपेक्षा थोड़े ज्यादा हैं और क्वालिटी भी खराब है। मंहगाई का दाल की बिक्री पर कुछ खास फर्क नहीं दिखा। एक तबका ऐसा भी दिखा दाल जिसकी पहुंच से बाहर हो चुकी है।
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ज्वालानगर स्थित जनरल स्टोर स्वामी प्रमोद शर्मा बतो हैं कि दाल के दामों में उछाल आ गया है। पिछले माह अरहर की दाल 140 रुपये प्रतिकिलो थी। इस समय 160 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। इसके साथ ही उड़द की दाल भी 130 रुपये प्रतिकिलो से 160-170 रुपये प्रतिकिलो हो गया है। मूंग की दाल भी दस रुपये प्रतिकिलो महंगी हो गई है। उनका कहना है कि दाल हमें महंगी मिल रही है तो महंगी बेचनी पड़ रही है। थोक के दाम कम होते हैं तो दुकानदार भी दाम कम कर देता है।